पार्ले-जी ने तोड़ा 82 सालों का रिकॉर्ड, पांच फीसदी बढ़ा मार्केट शेयर

parle-g

नई दिल्ली: कोरोना के चलते 24 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है। इस दौरान सभी कामकाज बंद पड़े है और ऐसे में सभी को काफी नुकसान भी हुआ है। रेल, सड़क और हवाई यातायात भी पूरी तरह बंद पड़ा हुआ था। इस लॉकडाउन में उद्योगों को काफी नुकसान हुआ है लेकिन पारले-जी ने इस दौरान सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है।

Parle G Breaks 82 Year Record Market Share Increases By Five Percent :

लॉकडाउन के दौर में पारले-जी की इतनी बिक्री हुई कि कंपनी ने 82 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च, अप्रैल और मई में पारले-जी का शानदार कारोबार रहा है। पारले प्रोडक्ट्स के कैटेगरी हेड मयंक शाह ने कहा कि कंपनी का कुल मार्केट शेयर करीब 5 फीसदी बढ़ा है और इसमें से 80-90 फीसदी ग्रोथ पारले-जी की सेल से हुई है।

गौरतलब है कि पारले-जी 1938 से भारतीयों के बीच फेवरेट ब्रांड रहा है। हालांकि दूसरी कंपनियों के बिस्किट की बिक्री में इजाफा हुआ है। हालांकि पिछले साल अगस्त में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें पारले-जी की डिमांड घटने की बात कही गई थी। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि पारले प्रोडक्ट्स की मांग में सुस्ती की वजह से 8,000-10,000 लोगों की छंटनी करनी पड़ सकती है। कंपनी ने सरकार ने मदद मांगी थी।

दरअसल, लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर निकल पड़े थे। सरकार ने ट्रेन और बस की सुविधा शुरू की थी लेकिन कई लोग पैदल ही अपने घरों की ओर चल दिए थे। ऐसे में बड़े पैमाने पर राह चलते लोगों की मदद के लिए कई लोग आगे आए थे। खासकर खाने-पीने की चीजें श्रमिकों को देते दिखे।

इस दौरान महज 5 रुपये में मिलने वाला पारले-जी बिस्किट का पैकेट सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने वाले प्रवासियों के लिए भी खूब मददगार साबित हुआ। किसी ने खुद खरीद के खाया, तो किसी को दूसरों ने मदद के तौर पर दिया। यही नहीं, इस कोरोना संकट के बीच लोगों ने भी अपने घरों में भी पारले-जी बिस्किट का स्टॉक जमा कर लिया।

नई दिल्ली: कोरोना के चलते 24 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है। इस दौरान सभी कामकाज बंद पड़े है और ऐसे में सभी को काफी नुकसान भी हुआ है। रेल, सड़क और हवाई यातायात भी पूरी तरह बंद पड़ा हुआ था। इस लॉकडाउन में उद्योगों को काफी नुकसान हुआ है लेकिन पारले-जी ने इस दौरान सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। लॉकडाउन के दौर में पारले-जी की इतनी बिक्री हुई कि कंपनी ने 82 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च, अप्रैल और मई में पारले-जी का शानदार कारोबार रहा है। पारले प्रोडक्ट्स के कैटेगरी हेड मयंक शाह ने कहा कि कंपनी का कुल मार्केट शेयर करीब 5 फीसदी बढ़ा है और इसमें से 80-90 फीसदी ग्रोथ पारले-जी की सेल से हुई है। गौरतलब है कि पारले-जी 1938 से भारतीयों के बीच फेवरेट ब्रांड रहा है। हालांकि दूसरी कंपनियों के बिस्किट की बिक्री में इजाफा हुआ है। हालांकि पिछले साल अगस्त में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें पारले-जी की डिमांड घटने की बात कही गई थी। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि पारले प्रोडक्ट्स की मांग में सुस्ती की वजह से 8,000-10,000 लोगों की छंटनी करनी पड़ सकती है। कंपनी ने सरकार ने मदद मांगी थी। दरअसल, लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर निकल पड़े थे। सरकार ने ट्रेन और बस की सुविधा शुरू की थी लेकिन कई लोग पैदल ही अपने घरों की ओर चल दिए थे। ऐसे में बड़े पैमाने पर राह चलते लोगों की मदद के लिए कई लोग आगे आए थे। खासकर खाने-पीने की चीजें श्रमिकों को देते दिखे। इस दौरान महज 5 रुपये में मिलने वाला पारले-जी बिस्किट का पैकेट सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने वाले प्रवासियों के लिए भी खूब मददगार साबित हुआ। किसी ने खुद खरीद के खाया, तो किसी को दूसरों ने मदद के तौर पर दिया। यही नहीं, इस कोरोना संकट के बीच लोगों ने भी अपने घरों में भी पारले-जी बिस्किट का स्टॉक जमा कर लिया।