संसद: अमित शाह बोले-एनआरसी से डरने की नही है जरूरत, कश्मीर के हालात बेहतर

Amit Shah said
संसद: अमित शाह बोले-एनआरसी से डरने की नही है जरूरत, कश्मीर के हालात बेहतर

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है, पहले ही दिन से विपक्ष ने कश्मीर के हालात को लेकर केन्द्र सरकार पर कई सवाल उठाये थे। आज राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कश्मीर के हालात अब सामान्य हैं साथ ही उन्होने कहा कि एनआरसी से किसी को डरने की कोई जरूरत नही है।

Parliament Amit Shah Said No Need To Be Afraid Of Nrc Situation In Kashmir Better :

अमित शाह ने इंटरनेट बंद होने के सवाल पर कहा कि सिर्फ सुरक्षा के कारण वहां का इंटरनेट बंद है, हालात पूरी तरह से सामान्य हैं, इंटरनेट पर स्थानीय प्रशासन फैसला लेगा। रही बात अस्पतालों की दवाओं की तो उन्होने कहा कि सभी सभी अस्पतालों में जरुरी दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होने बताया कि घाटी के सभी हॉस्पिटल खुले हैं। उनका दावा है कि एक भी जान पुलिस की फायरिंग में नहीं हुई।

उनका कहना है कि घाटी के किसी भी थाने में कर्फ्यू नहीं लगा है, पहले काफी पत्थरबाजी होती थी, अब उसमें भी अंकुश लग चुका है। इस दौरान अमित शाह ने एनआरसी के बारे में भी बोलते हुए कहा कि किसी धर्म को इससे डरने की जरुरत नहीं है। एनआरसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई। जिनके नाम छूटे हैं वे ट्रिब्यूनल में जा सकते हैं।

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है, पहले ही दिन से विपक्ष ने कश्मीर के हालात को लेकर केन्द्र सरकार पर कई सवाल उठाये थे। आज राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कश्मीर के हालात अब सामान्य हैं साथ ही उन्होने कहा कि एनआरसी से किसी को डरने की कोई जरूरत नही है। अमित शाह ने इंटरनेट बंद होने के सवाल पर कहा कि सिर्फ सुरक्षा के कारण वहां का इंटरनेट बंद है, हालात पूरी तरह से सामान्य हैं, इंटरनेट पर स्थानीय प्रशासन फैसला लेगा। रही बात अस्पतालों की दवाओं की तो उन्होने कहा कि सभी सभी अस्पतालों में जरुरी दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होने बताया कि घाटी के सभी हॉस्पिटल खुले हैं। उनका दावा है कि एक भी जान पुलिस की फायरिंग में नहीं हुई। उनका कहना है कि घाटी के किसी भी थाने में कर्फ्यू नहीं लगा है, पहले काफी पत्थरबाजी होती थी, अब उसमें भी अंकुश लग चुका है। इस दौरान अमित शाह ने एनआरसी के बारे में भी बोलते हुए कहा कि किसी धर्म को इससे डरने की जरुरत नहीं है। एनआरसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई। जिनके नाम छूटे हैं वे ट्रिब्यूनल में जा सकते हैं।