रूस के साथ बढ़ा तनाव, सीमावर्ती इलाकों में यूक्रेन ने लगाया मार्शल लॉ

रूस के साथ बढ़ा तनाव, सीमावर्ती इलाकों में यूक्रेन ने लगाया मार्शल लॉ
रूस के साथ बढ़ा तनाव, सीमावर्ती इलाकों में यूक्रेन ने लगाया मार्शल लॉ

कीव। रूस और यूक्रेन के ताजा टकराव ने वैश्विक ताकतों के बीच एक बार फिर तनाव पैदा कर दिया है। एक तरफ अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर दबाव बढ़ाया है तो दूसरी तरफ यूक्रेन की संसद ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 276 वोट पड़े जब इसे मंजूरी मिलने के लिए न्यूनतम 226 वोटों की जरूरत थी। यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि मार्शल लॉ का मतलब युद्ध का ऐलना करना नहीं बल्कि यूक्रेन की सुरक्षा की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाना है।

Parliament Of Ukraine Approved Martial Law In Border Areas :

गहन चर्चा के बाद 276 सांसदों ने 30 दिन के लिये सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। यह फैसला तब किया गया जब रूसी बलों ने रविवार को कीव के तीन जहाजों को जब्त कर लिया। रूस ने आरोप लगाया कि अजोव सागर में क्रीमिया के तट के पास जहाज अवैध तरीके से रूसी जल क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों का कहना है कि रूस ने अवैध तरीके से जलसंधि को अवरूद्ध किया और जहाज और नाविकों को बंधक बनाकर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।

मार्शल लॉ यूक्रेन के अधिकारियों को सैन्य अनुभव वाले नागरिकों को लामबंद करने, मीडिया का नियमन करने और जनसभाओं को सीमित करने की शक्ति देता है। पोरोशेंको समूचे देश में मार्शल लॉ लगाना चाहते थे लेकिन विपक्षी सांसदों के विरोध की वजह से इसे सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित रखा गया।

मतदान से पहले पोरोशेंको ने मॉस्को पर ‘नये चरण का आक्रामक बर्ताव’ करने का आरोप लगाया। यूक्रेनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बंधक बनाए गए नाविकों की कई तस्वीरें रूस के सरकारी चैनल रोसिया 24 पर प्रसारित की गईं, जिसमें मॉस्को की सुरक्षा सेवा के अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। एक समय में नाविकों में से एक को यह कहते सुना जा रहा है कि ‘‘कर्च जलडमरूमध्य में यूक्रेन के सशस्त्र जहाजों की कार्रवाई उकसाने वाली प्रकृति की है।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी घटना का आकलन किया। ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘जो कुछ भी हो रहा है हम उसे पसंद नहीं करते हैं और उम्मीद है कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। मुझे मालूम है कि यूरोप को भी अच्छा नहीं लग रहा है। वे भी इसपर काम कर रहे हैं। हम भी इसपर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’ यह टकराव रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में ताजा खतरनाक घटनाक्रम है।

अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पहले ही संघर्ष को लेकर रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं और यूरोपीय राजधानियों ने सोमवार को कीव के प्रति समर्थन जताया। यूक्रेन के विदेश मंत्री पावलो क्लिकिन ने कीव में संवाददाताओं से कहा, ‘यह रूसी संघ की ओर से यूक्रेन के खिलाफ हमले का सुनियोजित कृत्य है।’ पोरोशेंको ने रूस पर लंबे समय से दोनों के बीच चल रहे संघर्ष को दूसरे स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया है।

कीव। रूस और यूक्रेन के ताजा टकराव ने वैश्विक ताकतों के बीच एक बार फिर तनाव पैदा कर दिया है। एक तरफ अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर दबाव बढ़ाया है तो दूसरी तरफ यूक्रेन की संसद ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 276 वोट पड़े जब इसे मंजूरी मिलने के लिए न्यूनतम 226 वोटों की जरूरत थी। यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि मार्शल लॉ का मतलब युद्ध का ऐलना करना नहीं बल्कि यूक्रेन की सुरक्षा की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाना है। गहन चर्चा के बाद 276 सांसदों ने 30 दिन के लिये सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। यह फैसला तब किया गया जब रूसी बलों ने रविवार को कीव के तीन जहाजों को जब्त कर लिया। रूस ने आरोप लगाया कि अजोव सागर में क्रीमिया के तट के पास जहाज अवैध तरीके से रूसी जल क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों का कहना है कि रूस ने अवैध तरीके से जलसंधि को अवरूद्ध किया और जहाज और नाविकों को बंधक बनाकर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। मार्शल लॉ यूक्रेन के अधिकारियों को सैन्य अनुभव वाले नागरिकों को लामबंद करने, मीडिया का नियमन करने और जनसभाओं को सीमित करने की शक्ति देता है। पोरोशेंको समूचे देश में मार्शल लॉ लगाना चाहते थे लेकिन विपक्षी सांसदों के विरोध की वजह से इसे सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित रखा गया। मतदान से पहले पोरोशेंको ने मॉस्को पर ‘नये चरण का आक्रामक बर्ताव’ करने का आरोप लगाया। यूक्रेनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बंधक बनाए गए नाविकों की कई तस्वीरें रूस के सरकारी चैनल रोसिया 24 पर प्रसारित की गईं, जिसमें मॉस्को की सुरक्षा सेवा के अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। एक समय में नाविकों में से एक को यह कहते सुना जा रहा है कि ‘‘कर्च जलडमरूमध्य में यूक्रेन के सशस्त्र जहाजों की कार्रवाई उकसाने वाली प्रकृति की है।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी घटना का आकलन किया। ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, 'जो कुछ भी हो रहा है हम उसे पसंद नहीं करते हैं और उम्मीद है कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। मुझे मालूम है कि यूरोप को भी अच्छा नहीं लग रहा है। वे भी इसपर काम कर रहे हैं। हम भी इसपर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।' यह टकराव रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में ताजा खतरनाक घटनाक्रम है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पहले ही संघर्ष को लेकर रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं और यूरोपीय राजधानियों ने सोमवार को कीव के प्रति समर्थन जताया। यूक्रेन के विदेश मंत्री पावलो क्लिकिन ने कीव में संवाददाताओं से कहा, 'यह रूसी संघ की ओर से यूक्रेन के खिलाफ हमले का सुनियोजित कृत्य है।' पोरोशेंको ने रूस पर लंबे समय से दोनों के बीच चल रहे संघर्ष को दूसरे स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया है।