हाफिज सईद को मैं पसंद करता हूं: परवेज मुशर्रफ

Parvez-Musharraf
हाफिज सईद को मैं पसंद करता हूं: परवेज मुशर्रफ

Parvez Musharraf Says He Likes Hafiz Saeed

पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने मंगलवार को लश्कर—ए—तैय्यबा और जमात—ए—दावा को अपनी पसंद करार दिया है। इन दिनों दुबई में अपना जीवन बिता रहे मुशर्रफ ने एक पाकिस्तानी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा भी किया है कि वह जमात—ए—दावा के संस्थापक हाफिज सईद से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। इतना ही नहीं वह हाफिज सईद द्वारा कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ चलाए जा रहे आॅपरेशन के भी पक्षधर रहे हैं।

परवेज मुशर्रफ ने इस बातचीत के दौरान जिस अंदाज में अपने जवाब दिए उसे देखकर लगता है कि पाकिस्तान में शुरू हुई आतंकी गतिविधियों को नए स्तर पर पहुंचाने का काम उन्हीं की सरपरस्ती में अंजाम दिया गया है। वह कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ जारी आतंकी गतिविधियों का जिस तरह से समर्थन करते नजर आए उसे देखकर लगता है कि पाकिस्तान को आतंक का गढ़ बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है और आज भी वह लश्कर और जमात के समर्थक के रूप में अपनी गिनती करवाने में हिचकिचाते नहीं है।

पाकिस्तान की राजनीति के जानकारों की माने तो पाकिस्तान इस समय एक तरह की राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। जल्द ही पाकिस्तान में चुनाव भी होना है। नवाज शरीफ के भ्रष्टाचार के मामलों में घिरने के बाद इमरान खान की पार्टी तहरीक—ए—इंसाफ ने तेजी से अपनी पकड़ बनाई है। ऐसे में परवेज मुशर्रफ को अपनी सियासी जमीन टटोलने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

मुशर्रफ अपने इस साक्षात्कार के माध्यम से पाकिस्तान की राष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा रहे, कश्मीर को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान के पिछले आम चुनावों में जिस तरह से मुंह के भर हुई थी उसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने जमात और लश्कर को अपना करीबी बताने की कोशिश की है। पाकिस्तान की राजनीति में भले ही इन दोनों आतंकी संगठनों को समर्थन मिलता रहा हो, लेकिन खुले तौर पर इनका समर्थन पाकिस्तान के किसी राष्ट्रीय नेता ने नहीं किया है।

पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने मंगलवार को लश्कर—ए—तैय्यबा और जमात—ए—दावा को अपनी पसंद करार दिया है। इन दिनों दुबई में अपना जीवन बिता रहे मुशर्रफ ने एक पाकिस्तानी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा भी किया है कि वह जमात—ए—दावा के संस्थापक हाफिज सईद से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। इतना ही नहीं वह हाफिज सईद द्वारा कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ चलाए जा रहे आॅपरेशन के भी पक्षधर रहे…