परिवहन मंत्री के दावों की खुली पोल, बस के अंदर छाता लगाने को मजबूर हुए यात्री

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परिवहन मंत्री के दावों की खुली पोल, बस के अंदर छाता लगाने को मजबूर हुए यात्री

लखनऊ। भीषण बारिश ने उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसों की पोल खोल कर रख दी है। बाराबंकी-हैदरगढ़ के बीच चलने वाली बसों में लोगों को अब छाता लेकर सफर करना पड़ रहा है। इसकी वजह बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, भारी बारिश में इन बसों के अंदर बारिश का पानी टपकता है। जिसकी वजह से लोग छाता लेकर खुद को टपकते पानी से बचाते हैं।

Passengers Troubled After Leakage In Up Buses Dept Unmoved :

परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के दावों की पोल खोलती ये तस्वीरें इस बात की गवाह खुद हैं। यूपी रोडवेज की बसों के मेंटेनेंस में बरती जा रही लापरवाही का भुगतान अब यात्रियों को करना पड़ रहा है। बसों की मरम्मत को लेकर ड्राइवर और कंडक्टर दबी जुबान में बताते हैं कि कलपुर्जों की कमी होने के बावजूद कार्यशालाओं में किसी तरह जुगाड़ लगाकर बसों के मेंटिनेंस का काम चल रहा है।

आरोप है कि मेंटेनेंस करवाने के जिम्मेदार अफसर कागजों का पेट भर रहे हैं। जबकि हकीकत में बसों का जरूरी रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है।

चार्जिग प्वाइंट बिना इलेक्टिक बसों को हरी झंडी-

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने वाहवाही के चक्कर में इलेक्टिक बसें खरीद खड़ी कर दीं। संचालन के लिए मुकम्मल तैयारी के बिना इनका शुभारंभ बीते रविवार को मुख्यमंत्री के हाथों करवा दिया। दो बसों को हरी झंडी दिखाई गई जबकि न तो इनके लिए चार्जिग प्वांइट स्थापित हुआ, न रिपेयरिंग व मेंटीनेंस की व्यवस्था की गई। नतीजा यह हुआ कि शुभारंभ के बाद ये बसें एक दिन भी नहीं चलीं। यह जरूर है कि कागजों में ये भले रफ्तार भरती रहेंगी।

ये इलेक्टिक बसें लखनऊ और कानपुर के बीच चलनी हैं। रविवार को लखनऊ में जिन बसों को रवाना किया गया, उनमें से एक बड़ी बस (35 सीटर) और एक छोटी (28 सीटर) शामिल है। वास्तव में सड़कों पर इन्हें दौड़ता देखने के लिए फिलहाल माह-डेढ़ माह का इंतजार करना पड़ेगा। इलेक्टिक बसों को चार्ज करने के लिए सब स्टेशन बनाना पड़ेगा। नगर विकास के ज्वाइंट डायरेक्टर अजीत सिंह का दावा है कि सितंबर तक सब स्टेशन लखनऊ में बन जाएगा।

लखनऊ। भीषण बारिश ने उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसों की पोल खोल कर रख दी है। बाराबंकी-हैदरगढ़ के बीच चलने वाली बसों में लोगों को अब छाता लेकर सफर करना पड़ रहा है। इसकी वजह बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, भारी बारिश में इन बसों के अंदर बारिश का पानी टपकता है। जिसकी वजह से लोग छाता लेकर खुद को टपकते पानी से बचाते हैं।परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के दावों की पोल खोलती ये तस्वीरें इस बात की गवाह खुद हैं। यूपी रोडवेज की बसों के मेंटेनेंस में बरती जा रही लापरवाही का भुगतान अब यात्रियों को करना पड़ रहा है। बसों की मरम्मत को लेकर ड्राइवर और कंडक्टर दबी जुबान में बताते हैं कि कलपुर्जों की कमी होने के बावजूद कार्यशालाओं में किसी तरह जुगाड़ लगाकर बसों के मेंटिनेंस का काम चल रहा है।आरोप है कि मेंटेनेंस करवाने के जिम्मेदार अफसर कागजों का पेट भर रहे हैं। जबकि हकीकत में बसों का जरूरी रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है।

चार्जिग प्वाइंट बिना इलेक्टिक बसों को हरी झंडी-

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने वाहवाही के चक्कर में इलेक्टिक बसें खरीद खड़ी कर दीं। संचालन के लिए मुकम्मल तैयारी के बिना इनका शुभारंभ बीते रविवार को मुख्यमंत्री के हाथों करवा दिया। दो बसों को हरी झंडी दिखाई गई जबकि न तो इनके लिए चार्जिग प्वांइट स्थापित हुआ, न रिपेयरिंग व मेंटीनेंस की व्यवस्था की गई। नतीजा यह हुआ कि शुभारंभ के बाद ये बसें एक दिन भी नहीं चलीं। यह जरूर है कि कागजों में ये भले रफ्तार भरती रहेंगी।ये इलेक्टिक बसें लखनऊ और कानपुर के बीच चलनी हैं। रविवार को लखनऊ में जिन बसों को रवाना किया गया, उनमें से एक बड़ी बस (35 सीटर) और एक छोटी (28 सीटर) शामिल है। वास्तव में सड़कों पर इन्हें दौड़ता देखने के लिए फिलहाल माह-डेढ़ माह का इंतजार करना पड़ेगा। इलेक्टिक बसों को चार्ज करने के लिए सब स्टेशन बनाना पड़ेगा। नगर विकास के ज्वाइंट डायरेक्टर अजीत सिंह का दावा है कि सितंबर तक सब स्टेशन लखनऊ में बन जाएगा।