बिना दवा खाये सही होगी पथरी, पीलिया की समस्या भी होगी दूर

नई दिल्ली। आज के आधुनिक समय में हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी बिमारी का सामना कर रहा है। व्यस्त होने की वजह से ना कोई अपना ध्यान दे पता है न अपनी सेहत का। बिगड़ते खान पान की वजह से हमारे शरीर में अनेक बीमारियां जन्म लेने लगती है। आज हम आपको नींबू से जुड़े कुछ फायदे बताने जा रहे हैं। नींबू केवल खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि इसके सेवन से हमें और भी फायदे होते हैं। नींबू में कई औषधीय गुण भी मौजूद होते हैं आदिवासी उनका उपयोग सदियों से कई रोगों के उपचार में करते थे। आज हम आपको अलग-अलग प्रकार के नींबू परिवार के फलों और उनकी उपयोगिता के बारे में….




1. लेडी पीपर (पिप्पली) 5 नग, काली मिर्च 5 दाने, २ ग्राम अदरक, नींबू का रस (2 मिली) और 1 चुटकी काला नमक को मिला मिलाएं। पीलिया के रोगी को दिन में कम से कम दो बार पिलाये इसके सेवन से काफी राहत मिलेगा।
2. कागजी नींबू के रास को करीब 1 कप नींबू के रस में मिलाये और उसमे १ ग्राम कला नमक मिलाकर पीने से किडनी में फांसी पथरी बाहर निकल जाती है।
3. छांव में सुखाए गए संतरे के छिलकों को बारीक पीस लें और घी के साथ बराबर मात्रा में मिलाएं। इसे 1-1चम्मच दिन में 3 बार लेने से बवासीर में आराम मिलता है।



4. पके हुए कागजी नींबू में 2-3 लौंग, एक कालीमिर्च, 5 ग्राम अजवाइन, 3 ग्राम अदरक और 1 चुटकी नमक भर दें। इस फल को छांव में 2 दिनों के लिए रख दें और इसे सुख कर इसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की 1 ग्राम मात्रा दिन में तीन से चार बार लेने से दस्त और पेट दर्द में आराम मिलता है।
5. एक चुटकी हल्दी, एक चम्मच दूध की मलाई को आधा चम्मच नींबू रस के साथ अच्छी तरह मिलाकर फोड़े फुंसियों पर लगा लेने से जल्द आराम मिलता है।
6. संतरे में ग्लूकोज व डेक्सटोल जैसे तत्त्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शारीरिक शक्ति के लिए बहुत खास होते हैं। इसके अलावा संतरे के रस में विटामिन सी, विटामिन बी कॉम्लेक्स, विटामिन ए, कई खनिज तत्त्व, और कुछ मात्रा में पौष्टिक पदार्थ और अन्य पोषक तत्त्व भी पाए जाते हैं।
7. संतरे के रस में काला नमक और कुछ मात्रा में अदरक के रस को भी मिलाकर बच्चों को देना चाहिए, खासतौर से उस वक्त जब बच्चा बीमारी से तुरंत सही हुआ हो। माना जाता है कि यह कमजोर शरीर में स्फूर्ति दिलाने का काम करता है।