अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर, बहन के शव को गोदी में उठाकर ले गया भाई

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गया। मगध प्रमंडल का एकलौता अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में मानवीय संवेदनाओ को हिला देने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव तक शव को ले जाने के लिए शव वाहन तक नहीं मिला। भाई ने अपनी बहन के शव को हाथों से उठा कर एमर्जेन्सी वार्ड से बाहर ले गया।

Patient Did Not Get The Stretcher In The Gaya Hospital :

मेडिकल स्टाफ ने स्ट्रेचर तक देना मुनासिब नहीं समझा। गया के डुमरिया प्रखंड के पथरा गॉव की हेमंती कुमारी के परिजनों ने 25 जून को दोपहर 2 बजे शुगर की शिकायत को लेकर भर्ती हुयी थी। सुबह 10 बजे हाई शुगर की वजह से उसकी मौत एमरजेंसी वार्ड में हो गई।

उसके बाद से टोल फ्री नंबर पर फोन करता रहा वही मेडिकल में अधिकारियों का चक्कर काटते रहा लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी यहां तक की टॉल फ्री नम्बर सर्विस वाले भी एक शव वाहन तक की व्यवस्था नहीं करवा सके। सुबह 10 बजे से लेकर टोल फ्री नंबर की तरफ से एक शव वाहन भेजा गया लेकिन वह नक्सल इलाका होने की वजह से शव को ले जाने से इंकार दिया।

शराब के नशे में धुत शव वाहन चालक पूरे रौब में था। परिजन शव को ले जाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन शराब के नशे में धुत चालक शव को नहीं ले गया। इसके बाद भाई ने एमर्जेन्सी वार्ड से अपनी बहन के शव को हाथों से उठा कर बाहर लाया और निजी एम्बुलेंस से 110 दूर अपने गॉव ले गया।

गया। मगध प्रमंडल का एकलौता अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में मानवीय संवेदनाओ को हिला देने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव तक शव को ले जाने के लिए शव वाहन तक नहीं मिला। भाई ने अपनी बहन के शव को हाथों से उठा कर एमर्जेन्सी वार्ड से बाहर ले गया। मेडिकल स्टाफ ने स्ट्रेचर तक देना मुनासिब नहीं समझा। गया के डुमरिया प्रखंड के पथरा गॉव की हेमंती कुमारी के परिजनों ने 25 जून को दोपहर 2 बजे शुगर की शिकायत को लेकर भर्ती हुयी थी। सुबह 10 बजे हाई शुगर की वजह से उसकी मौत एमरजेंसी वार्ड में हो गई। उसके बाद से टोल फ्री नंबर पर फोन करता रहा वही मेडिकल में अधिकारियों का चक्कर काटते रहा लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी यहां तक की टॉल फ्री नम्बर सर्विस वाले भी एक शव वाहन तक की व्यवस्था नहीं करवा सके। सुबह 10 बजे से लेकर टोल फ्री नंबर की तरफ से एक शव वाहन भेजा गया लेकिन वह नक्सल इलाका होने की वजह से शव को ले जाने से इंकार दिया। शराब के नशे में धुत शव वाहन चालक पूरे रौब में था। परिजन शव को ले जाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन शराब के नशे में धुत चालक शव को नहीं ले गया। इसके बाद भाई ने एमर्जेन्सी वार्ड से अपनी बहन के शव को हाथों से उठा कर बाहर लाया और निजी एम्बुलेंस से 110 दूर अपने गॉव ले गया।