बैंक मैनेजर दुल्हन गाजे-बाजे के साथ पहुंची दूल्हे के द्वार, देखते रह गए लोग

बैंक मैनेजर दुल्हन गाजे-बाजे के साथ पहुंची दूल्हे के द्वार, देखते रह गए लोग
बैंक मैनेजर दुल्हन गाजे-बाजे के साथ पहुंची दूल्हे के द्वार, देखते रह गए लोग

पटना। पटना में महिला सशक्तीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण शुक्रवार की शाम को देखने को मिला। बिना दहेज की शादी करने वाली दुल्हन स्नेहा रथ पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ अपनी बरात लेकर निकली तो देखने वाले हैरान रह गए। बारात जिस गली मोहल्ले से निकली सभी की नजर दुल्हन पर टिकी रह गयी।

दरअसल, मनेर टोला के रहने वाले नेवी सैनिक विनोद कुमार राय की बेटी स्नेहा का अंदाज बिल्कुल लड़कों जैसा था। मुंबई में पली-बढ़ी स्नेहा की सगाई मधुबनी के जयनगर में कोरैया के निवासी अनिल कुमार यादव से कुछ दिन पहले हुई थी। बेटे जैसा दुलार-प्यार देने वाले उसके मां-बाप की तमन्ना थी कि उसकी बेटी की भी बेटे जैसी बरात निकले। बरात निकालने वाली स्नेहा मुंबई में एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर पद पर कार्यरत है। तीन बहनों में सबसे बड़ी है। दूसरी बहन विनीता पुणे से एमबीबीएस कर रही है और छोटी बहन विदुषी फैशन डिजाइनर है। वहीं दूल्हा अनिल कुमार यादव नेवी में लेफ्टिनेंट कमांडर पद पर नेवल डाकयार्ड, कोलाबा में तैनात है।

बारात देखने के लिए उमड़ी भीड़

वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़ दुल्हन जब बरात लेकर निकली तो पूरे परिवार व सगे-संबंधी गुलाबी रंग की पगड़ी सिर पर बांधे थे। बरात को देखने के लिए बड़ी संख्या में आसपास के लोग जुटे थे। बरात में महिलाएं भोजपुरी व पंजाबी गाने की धुन पर थिरकते हुए ठुमके लगा रही थीं। बरात मनेर का भ्रमण कर आठ बजे के बाद दानापुर आर्मी गेस्ट हाउस स्थित विवाह स्थल के लिए रवाना हुई। देर रात शादी संपन्न हो गई।

Patna Bride Riding On Rath To Marry The Groom At Patna :

स्नेहा ने बताया कि मेरी मां ने हम तीनों बहनों को वही संस्कार दिए हैं, जो हमारे समाज में लड़कों को दिए जाते हैं। हम तीनों ने खुद अपनी मंजिल तय की, लेकिन मां-बाप की सहमति पर। मां समाज के पुराने रीति-रिवाजों को नहीं मानती हैं। पिता जी ने भी हमेशा हम बहनों को सामाजिक बंधनों से मुक्त रखा। स्नेहा के पिता विनोद कुमार ने बताया कि हमारी लड़की पढ़ी-लिखी होने के साथ जॉब में है, इसलिए लड़के वालों ने दहेज की डिमांड ही नहीं की। उन्होंने कहा कि माता-पिता अगर अपनी बेटियों को शिक्षित करें, तो शायद ही कोई दहेज मांगेगा।

पटना। पटना में महिला सशक्तीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण शुक्रवार की शाम को देखने को मिला। बिना दहेज की शादी करने वाली दुल्हन स्नेहा रथ पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ अपनी बरात लेकर निकली तो देखने वाले हैरान रह गए। बारात जिस गली मोहल्ले से निकली सभी की नजर दुल्हन पर टिकी रह गयी। दरअसल, मनेर टोला के रहने वाले नेवी सैनिक विनोद कुमार राय की बेटी स्नेहा का अंदाज बिल्कुल लड़कों जैसा था। मुंबई में पली-बढ़ी स्नेहा की सगाई मधुबनी के जयनगर में कोरैया के निवासी अनिल कुमार यादव से कुछ दिन पहले हुई थी। बेटे जैसा दुलार-प्यार देने वाले उसके मां-बाप की तमन्ना थी कि उसकी बेटी की भी बेटे जैसी बरात निकले। बरात निकालने वाली स्नेहा मुंबई में एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर पद पर कार्यरत है। तीन बहनों में सबसे बड़ी है। दूसरी बहन विनीता पुणे से एमबीबीएस कर रही है और छोटी बहन विदुषी फैशन डिजाइनर है। वहीं दूल्हा अनिल कुमार यादव नेवी में लेफ्टिनेंट कमांडर पद पर नेवल डाकयार्ड, कोलाबा में तैनात है। बारात देखने के लिए उमड़ी भीड़ वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़ दुल्हन जब बरात लेकर निकली तो पूरे परिवार व सगे-संबंधी गुलाबी रंग की पगड़ी सिर पर बांधे थे। बरात को देखने के लिए बड़ी संख्या में आसपास के लोग जुटे थे। बरात में महिलाएं भोजपुरी व पंजाबी गाने की धुन पर थिरकते हुए ठुमके लगा रही थीं। बरात मनेर का भ्रमण कर आठ बजे के बाद दानापुर आर्मी गेस्ट हाउस स्थित विवाह स्थल के लिए रवाना हुई। देर रात शादी संपन्न हो गई।स्नेहा ने बताया कि मेरी मां ने हम तीनों बहनों को वही संस्कार दिए हैं, जो हमारे समाज में लड़कों को दिए जाते हैं। हम तीनों ने खुद अपनी मंजिल तय की, लेकिन मां-बाप की सहमति पर। मां समाज के पुराने रीति-रिवाजों को नहीं मानती हैं। पिता जी ने भी हमेशा हम बहनों को सामाजिक बंधनों से मुक्त रखा। स्नेहा के पिता विनोद कुमार ने बताया कि हमारी लड़की पढ़ी-लिखी होने के साथ जॉब में है, इसलिए लड़के वालों ने दहेज की डिमांड ही नहीं की। उन्होंने कहा कि माता-पिता अगर अपनी बेटियों को शिक्षित करें, तो शायद ही कोई दहेज मांगेगा।