हादसे का शिकार होते-होते बची पटना-कोटा एक्सप्रेस, पटरी के बीच में फंस गया पेड़ का तना

बाराबंकी। शनिवार देर रात पटना-कोटा एक्सप्रेस हादसे का शिकार होते-होते बची। बताया जा रहा है, पटरी के बीच में लकड़ी का मोटा सा बोटा फंस गया था, हालांकि लोको पायलट के तत्काल इंमरजेंसी ब्रेक लेने के कारण ट्रेन झटके से रुक गई। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शनिवार रात को आए तूफान की वजह से एक पेड़ ट्रैक पर गिर गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। सूचना मिलने पर रेल प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। तुरंत एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को मौके के लिए रवाना किया गया। हादसे में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

Patna Kota Express Derailed In Barabanki :

दरअसल, दरियाबाद रेलवे स्टेशन से पहले पातुलकी गांव के पास अचानक एक पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिर गया। उसी समय ट्रैक पर पटना कोटा एक्सप्रेस आ गई। लोको पायलट ने ट्रैक पर पेड़ देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इससे इंजन के आगे के दो पहिये पटरी से उतर गए। वहीं रात होने की वजह से अधिकतर यात्री अपनी सीट पर सो रहे थे।

ब्रेक लगने से जनरल कोच समेत स्लीपर व एसी कोच के कुछ यात्री अपनी सीट से गिर गए। इससे वो मामूली रूप से चोटिल हो गए। करीब 2 घंटे तक ट्रेन वहीं खड़ी रही। रूट बाधित होने के कारण करीब एक दर्जन ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोककर मार्ग शुरू करने का काम किया गया।

बाराबंकी। शनिवार देर रात पटना-कोटा एक्सप्रेस हादसे का शिकार होते-होते बची। बताया जा रहा है, पटरी के बीच में लकड़ी का मोटा सा बोटा फंस गया था, हालांकि लोको पायलट के तत्काल इंमरजेंसी ब्रेक लेने के कारण ट्रेन झटके से रुक गई। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शनिवार रात को आए तूफान की वजह से एक पेड़ ट्रैक पर गिर गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। सूचना मिलने पर रेल प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। तुरंत एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को मौके के लिए रवाना किया गया। हादसे में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। दरअसल, दरियाबाद रेलवे स्टेशन से पहले पातुलकी गांव के पास अचानक एक पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिर गया। उसी समय ट्रैक पर पटना कोटा एक्सप्रेस आ गई। लोको पायलट ने ट्रैक पर पेड़ देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इससे इंजन के आगे के दो पहिये पटरी से उतर गए। वहीं रात होने की वजह से अधिकतर यात्री अपनी सीट पर सो रहे थे। ब्रेक लगने से जनरल कोच समेत स्लीपर व एसी कोच के कुछ यात्री अपनी सीट से गिर गए। इससे वो मामूली रूप से चोटिल हो गए। करीब 2 घंटे तक ट्रेन वहीं खड़ी रही। रूट बाधित होने के कारण करीब एक दर्जन ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोककर मार्ग शुरू करने का काम किया गया।