एडीएम व कर्नल में विवाद के मामले में सीएम से मिला पीसीएस एसोशिएसन, सौंपा ज्ञापन

cm yogi aditynath
एडीएम व कर्नल में विवाद के मामले में सीएम से मिला पीसीएस एसोशिएसन, सौंपा ज्ञापन

लखनऊ। नोएडा में पीसीएस अफसर और रिटायर्ड कर्नल से मारपीट के मामले हुई एकपक्षीय कार्रवाई से नाराज पीपीएस एसोसिएशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। एसोशिएसन ने इस मामले में निलंबित किये गए मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी हरीश चंद्र को न्याय दिलाने की मांग की। इस पर सीएम योगी ने एसोसिएशन को न्यायपूर्ण कार्यवाही का भरोसा दिया और दो टूक कहा कि उनकी सरकार में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।

Pcs Association Meets With Cm Yogi Over Adm And Karnal Dispute :

पीसीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह और महासचिव पवन गंगवार की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने शास्त्री भवन में सोमवार की शाम मुख्यमंत्री से मिलकर एडीएम और कर्नल के बीच हुए विवाद के महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान एसोशिएसन ने दो और महत्वपूर्ण मांगें रखीं। पीसीएस अफसरों की डीपीसी जल्द कराने और अपने संवर्ग के वेतनमान और प्रोन्नति के मामलों को हल करने की भी अपील की।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाते हुए कहा है कि घटना में आरोपित बनाए गए प्रशांत नागर, राहुल नागर, रोहित गुजराल और हरीश चंद्र का बेटा अनुराग मौके पर ही नहीं थे। एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटनाक्रम में डीएम गौतम बुद्ध नगर बृजेश नारायण सिंह और वहां के एसएसपी द्वारा निष्पक्षता के कार्य नहीं किया जा रहा है।

बता दें कि नोएडा के सेक्टर 29 में सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान जिस अपार्टमेंट के भूतल पर रहते हैं, उसी के प्रथम तल पर एडीएम हरीश चंद्र का परिवार रहता है। एडीएम के फ्लैट में अतिरिक्त निर्माण को लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। बताया जाता है कि 14 अगस्त को घर के पास पार्क में दोनों लोगों की पत्नी जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद एडीएम ने कर्नल के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

सेवानिवृत्त कर्नल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद चौहान ने जेलर के माध्यम से एडीएम व अन्य पर जानलेवा हमला कराने की शिकायत की थी। इस पर 18 अगस्त को एडीएम व उनकी पत्नी सहित सात लोगों पर केस दर्ज हुआ। यही नहीं एडीएम के गनर व नौकर गिरफ्तार हो चुके हैं, साथ ही उनका अवैध निर्माण ढहा दिया गया है। 20 अगस्त को कर्नल की जमानत हो चुकी है।

लखनऊ। नोएडा में पीसीएस अफसर और रिटायर्ड कर्नल से मारपीट के मामले हुई एकपक्षीय कार्रवाई से नाराज पीपीएस एसोसिएशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। एसोशिएसन ने इस मामले में निलंबित किये गए मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी हरीश चंद्र को न्याय दिलाने की मांग की। इस पर सीएम योगी ने एसोसिएशन को न्यायपूर्ण कार्यवाही का भरोसा दिया और दो टूक कहा कि उनकी सरकार में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। पीसीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह और महासचिव पवन गंगवार की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने शास्त्री भवन में सोमवार की शाम मुख्यमंत्री से मिलकर एडीएम और कर्नल के बीच हुए विवाद के महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान एसोशिएसन ने दो और महत्वपूर्ण मांगें रखीं। पीसीएस अफसरों की डीपीसी जल्द कराने और अपने संवर्ग के वेतनमान और प्रोन्नति के मामलों को हल करने की भी अपील की। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाते हुए कहा है कि घटना में आरोपित बनाए गए प्रशांत नागर, राहुल नागर, रोहित गुजराल और हरीश चंद्र का बेटा अनुराग मौके पर ही नहीं थे। एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटनाक्रम में डीएम गौतम बुद्ध नगर बृजेश नारायण सिंह और वहां के एसएसपी द्वारा निष्पक्षता के कार्य नहीं किया जा रहा है। बता दें कि नोएडा के सेक्टर 29 में सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान जिस अपार्टमेंट के भूतल पर रहते हैं, उसी के प्रथम तल पर एडीएम हरीश चंद्र का परिवार रहता है। एडीएम के फ्लैट में अतिरिक्त निर्माण को लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। बताया जाता है कि 14 अगस्त को घर के पास पार्क में दोनों लोगों की पत्नी जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद एडीएम ने कर्नल के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। सेवानिवृत्त कर्नल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद चौहान ने जेलर के माध्यम से एडीएम व अन्य पर जानलेवा हमला कराने की शिकायत की थी। इस पर 18 अगस्त को एडीएम व उनकी पत्नी सहित सात लोगों पर केस दर्ज हुआ। यही नहीं एडीएम के गनर व नौकर गिरफ्तार हो चुके हैं, साथ ही उनका अवैध निर्माण ढहा दिया गया है। 20 अगस्त को कर्नल की जमानत हो चुकी है।