ACM-SDM पिटाई कांड: दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे प्रदेश भर के PCS अधिकारी

लखनऊ। कलेक्‍ट्रेट परिसर में सरेआम हुए मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। एसीएम-एसडीएम से मारपीट और तीन अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का मामला अब जल्दी शांत होता नहीं दिख रहा। इस पूरे मामले पर पीसीएस अधिकारियों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि अगर दोषी वकीलों की गिरफ्तारी और एसएसपी मंजिल सैनी का निलंबन रविवार तक नहीं हुआ, तो सोमवार से प्रदेश भर के पीसीएस अधिकारी काम को ठप कर देंगे।




पूरे मामले को लेकर शनिवार को पीसीएस संगठन ने आनन-फानन में बैठक बुलाई। संगठन के अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारी काफी आक्रोशित नजर आए। बैठक में सबने एक सुर में मांग की कि जिन वकीलों ने एसीएम-3 से मारपीट की, उनकी हर हाल में रविवार तक गिरफ्तारी हो। साथ ही बिना शासन की अनुमति के एडीएम जयशंकर दुबे, एडीएम निधि श्रीवास्तव और एसीएम 3 अनिल कुमार मिश्रा के खिलाफ एफआईआर के मामले में एसएसपी मंजिल सैनी को तत्काल निलंबित किया जाये। बैठक में फैसला लिया गया कि अगर रविवार तक संगठन की मांगें नहीं मानी गई तो सोमवार से पूरे प्रदेश में पीसीएस अधिकारी काम ठप कर देंगे।




एसएसपी की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल–

पीसीएस संगठन का मानना है कि अब बात आत्म-सम्मान की है अगर दोषियो पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो यह हमारे संगठन के लिए बेहद अपमान की बात है। इस पूरे मामले पर अगर गौर किया जाये तो एसएसपी लखनऊ मंजिल सैनी भी घिरती दिखाई दे रही है। सबसे बड़ी बात दो महत्वपूर्ण पदों पर बैठे एडीएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का है। इसमें भी एडीएम सिटी जयशंकर दुबे के खिलाफ रिपोर्ट है, जो उनके ही क्षेत्र के थाने में दर्ज हो गई, वह भी बिना किसी अनुमति के।

अंदरखाने पीसीएस अफसरों का कहना है कि बिना एसएसपी को भरोसे में लेकर चौकी इंचार्ज 3 पीसीएस अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कर सकता। इस वजह से पीसीएस अफसर एसएसपी से काफी नाराज हैं और उनको सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं।




ये था मामला—

लखनऊ कलेक्ट्रेट में शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे एसडीएम सदर की कोर्ट में (रूम नंबर 3) में अनुराग त्रिवेदी सहित दर्जनभर अन्य वकील बाबू अमित सिंह और पेशकार नरेंद्र सिंह के पास धारा 80 की फाइलों को लेकर आए। आरोप है कि करोड़ों की जमीन के मामले में जबरदस्ती इन फाइलों पर जांच रिपोर्ट लगवाकर काम करवाना चाहते थे।

कर्मचारियों का आरोप है कि अमित ने चालान को लेकर जांच कराने की बात कही तो अनुराग, कुलदीप वर्मा व अन्य वकीलों ने अमित और नरेंद्र सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके साथ ही एसडीएम कोर्ट में मौजूद दीवान राजेश पांडेय की भी धुनाई कर दी। इस दौरान अन्य वकील भी वहां आ पहुंचे। शोरगुल सुनकर एडीएम टीजी अशोक कुमार ने एसीएम 3 अनिल कुमार सिंह से मामले को देखने को कहा। वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि वकील अनुराग त्रिवेदी सहित उसके साथी अमित सिंह, नरेंद्र सिंह और राजेश पांडेय की पिटाई कर रहे थे।




आरोप है कि एसीएम ने अपना मोबाइल निकालकर वीडियोग्राफी करने की कोशिश की, जिस पर अनुराग त्रिवेदी ने अन्य वकीलों के साथ मिलकर लात-घूसों से पिटाई शुरू कर दी। यही नहीं, जब एसीएम 3 अनिल कुमार सिंह ने अपना परिचय दिया तो भी वे नहीं माने और उनके ऊपर कुर्सी से हमला कर दिया। एसडीएम के कमरे में पिटाई के बाद उन्हें घसीटते हुए बाहर लाए और वहां भी उन्हें पीटा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो वकीलों के झुंड ने अधिकारियों को बहुत ही बेरहमी के साथ लतों घूसों से मारा। जो मिल रहा था उसे मार रहे थे। वकीलो ने अधिकारियों की तब तक धुनाई की जब तक की वह थक नहीं गए।

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