भारत के A-SAT मिसाइल टेस्ट को अमेरिका के पेंटागन ने ठहराया सही

missile
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पाकिस्तान ने इस बैलेस्टिक मिसाइल का किया परीक्षण

नई दिल्ली। सौर मंडल में भारत की एक के बाद एक मिशन कामियाब होते देख लगता है अंतरिक्ष में भारत की ताकत लगातार बढ़ रही है। वहीं इस कामियाबी से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन को ये कामियाबी रास नहीं आ रही। हाल ही में भारत ने अंतरिक्ष में ‘मिशन शक्ति’ के तहत उपग्रह मार गिराए थे, जिससे हर कोई बेचैन था। लेकिन इस मामले में अमेरिका हिंदुस्तान के साथ खड़ा है। अमेरिका के पेंटागन (रक्षा मंत्रालय) ने भारत के A-SAT मिसाइल टेस्ट को सही ठहराया है।

Pentagon Of America Stated That A Sat Missile Test Done By India Was Correct :

दरअसल, 27 मार्च को भारत ने अंतरिक्ष के लोअर ऑर्बिट में अपनी ही एक मिसाइल को मार गिराया और ये एक सफल परीक्षण था। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित कर इसकी जानकारी दी थी, तब पाकिस्तान और चीन की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था।

वहीं पेंटागन ने जानकारी दी कि भारत को अंतरिक्ष में बढ़ते तनाव की चिंता है, इसलिए उसने अपनी सुरक्षा में इस तरह का A-SAT मिसाइल टेस्ट किया है, जो बिल्कुल जायज है। अमेरिका स्ट्रेटेजिक कमांड के कमांडर जनरल जॉन ई. हैटन ने कहा कि हमें सबसे पहले ये समझना होगा कि हिंदुस्तान को ऐसा क्यों करना पड़ा, इस पर कमेटी जांच कर रही है लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि उन्हें ये भी अंतरिक्ष में दूसरी शक्तियों से खतरा है। इसलिए वह रक्षात्मक तरीका अपना रहे हैं।

आपको बता दें कि भारत के सफल परीक्षण के बाद अमेरिकी एजेंसी NASA ने इसे खतरनाक बताया था और कहा था कि इससे अंतरिक्ष में चार सौ कचरे के टुकड़े पैदा हुए थे। जो सभी के लिए खतरा है। हालांकि भारत ने इस तर्क को नकारते हुए कहा था कि सभी कचरा कुछ ही समय में खत्म हो जाएगा।

यही नहीं भारत के इस फैसले पर सिर्फ चीन और पाकिस्तान ने ही खुलकर आपत्ति दर्ज की थी। इसके अलावा अमेरिका, यूरोपीय देशों ने भारत को बधाई दी थी। इससे उलट जब चीन ने कुछ साल पहले ऐसा ही टेस्ट किया था तो दुनिया के कई देशों ने चीन पर दबाव बनाया था।

नई दिल्ली। सौर मंडल में भारत की एक के बाद एक मिशन कामियाब होते देख लगता है अंतरिक्ष में भारत की ताकत लगातार बढ़ रही है। वहीं इस कामियाबी से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन को ये कामियाबी रास नहीं आ रही। हाल ही में भारत ने अंतरिक्ष में 'मिशन शक्ति' के तहत उपग्रह मार गिराए थे, जिससे हर कोई बेचैन था। लेकिन इस मामले में अमेरिका हिंदुस्तान के साथ खड़ा है। अमेरिका के पेंटागन (रक्षा मंत्रालय) ने भारत के A-SAT मिसाइल टेस्ट को सही ठहराया है।

दरअसल, 27 मार्च को भारत ने अंतरिक्ष के लोअर ऑर्बिट में अपनी ही एक मिसाइल को मार गिराया और ये एक सफल परीक्षण था। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित कर इसकी जानकारी दी थी, तब पाकिस्तान और चीन की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था।

वहीं पेंटागन ने जानकारी दी कि भारत को अंतरिक्ष में बढ़ते तनाव की चिंता है, इसलिए उसने अपनी सुरक्षा में इस तरह का A-SAT मिसाइल टेस्ट किया है, जो बिल्कुल जायज है। अमेरिका स्ट्रेटेजिक कमांड के कमांडर जनरल जॉन ई. हैटन ने कहा कि हमें सबसे पहले ये समझना होगा कि हिंदुस्तान को ऐसा क्यों करना पड़ा, इस पर कमेटी जांच कर रही है लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि उन्हें ये भी अंतरिक्ष में दूसरी शक्तियों से खतरा है। इसलिए वह रक्षात्मक तरीका अपना रहे हैं।

आपको बता दें कि भारत के सफल परीक्षण के बाद अमेरिकी एजेंसी NASA ने इसे खतरनाक बताया था और कहा था कि इससे अंतरिक्ष में चार सौ कचरे के टुकड़े पैदा हुए थे। जो सभी के लिए खतरा है। हालांकि भारत ने इस तर्क को नकारते हुए कहा था कि सभी कचरा कुछ ही समय में खत्म हो जाएगा।

यही नहीं भारत के इस फैसले पर सिर्फ चीन और पाकिस्तान ने ही खुलकर आपत्ति दर्ज की थी। इसके अलावा अमेरिका, यूरोपीय देशों ने भारत को बधाई दी थी। इससे उलट जब चीन ने कुछ साल पहले ऐसा ही टेस्ट किया था तो दुनिया के कई देशों ने चीन पर दबाव बनाया था।