धूम्रपान की वजह से मरने वालों की श्रेणी में भारत भी सबसे आगे

नई दिल्ली। धूम्रपान जानलेवा होता है यह बात हर जगह कही और सुनी जाती है लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि यह बात जानते हुए भी इसके सेवन करने वाले लोगों की तादाद में कोई कमी नहीं है। एक आकड़ों के मुताबिक विश्व के 11 प्रतिशत लोग धूम्रपान की वजह से अपना जान गवाते है। एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व में मरने वाले प्रत्येक 10 लोगों में से एक से अधिक की मौत धूम्रपान की वजह से हुई और इनमें से 50 फीसदी से अधिक मौत सिर्फ चार देशों में हुई है। आश्चर्य की बात यह हैं कि इन चार देशों में भारत भी शामिल है।





चिकित्सकीय पत्रिका ‘द लैनसेट’ में प्रकाशित ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) के अध्ययन के अनुसार विश्व में हुई 64 लाख लोगों की मौत में 11 फीसदी से अधिक लोगों की मौत का कारण धूम्रपान है और इनमें से 52.2 फीसदी लोगों की मौत चीन, भारत, अमेरिका और रूस में हुई। पुरुषों के धूम्रपान करने के मामले में चीन, भारत और इंडोनेशिया तीन अग्रणी देश हैं। विश्व में धूम्रपान करने वाले पुरूषों में से करीब 51.4 फीसदी लोग इन्हीं देशों के हैं। विश्व में धूम्रपान करने वाली कुल आबादी का 11.2 फीसदी हिस्सा भारत में रहता है।




अध्ययन के अनुसार वर्ष 2005 से अब तक होने वाली मौत में 4.7 फीसदी की वृद्धि हुई है। धूम्रपान का स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है और यह अक्षमता का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन गया है। इससे पहले यह अक्षमता का तीसरा सबसे बड़ा कारण था।