चीन: शी चिनफिंग के कार्यकाल विस्तार प्रस्ताव से जनता नाखुश

चीन, Xi Jinping, शी चिनफिंग
चीन: शी चिनफिंग के कार्यकाल विस्तार प्रस्ताव से जनता नाखुश

People Of China Opposed Proposal Of Xi Jinpings Extension As President

नई दिल्ली। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के कार्यकाल को अनिश्चित काल के लिए विस्तार देने की के लिए कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा ​था। जिसके विरोध में जनता मुखर हो चली है। जनता के बीच उभरते विरोध के कारण कम्युनिस्ट पार्टी ने शी चिनफिंग के समर्थन में ​खबरें फैलाना शुरू कर दिया, लेकिन चीन की जनता ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करवाना जारी रखा। इस विरोध से घबराई कम्युनिस्ट पार्टी ने चीन में पूरे इंटरनेट पर 24 घंटों के लिए एन शब्द को ब्लॉक करवा दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक चीन गणराज्य के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति चुने जाने वाले व्यक्ति को अधिकतम दो कार्यकाल मिल सकते हैं।संविधान के नजरिए से शी चिनफिंग अपने दोनों कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। संवै​धानिक रूप से चीन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए, लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी शी चिनफिंग के कार्यकाल को अनिश्चित काल तक बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। जिसके लिए आम जनता की प्रतिक्रिया नाराजगी के रूप में सामने आई है।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि चीन में हमेशा से कम्युनिस्ट पार्टी ही सत्ता में रही है। राजनीतिक लिहाज से हर मोर्चे पर कम्युनिस्ट पार्टी ताकतवर है और चीन को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में रखने में कामयाब है।

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की पुरानी सरकारों के देखते हुए पूरी संभावना नजर आ रही है कि शी चिनफिंग के कार्यकाल को अनिश्चितकाल का विस्तार मिलेगा। अगर जनता किसी तरह का विरोध या प्रतिक्रिया दर्ज करवाएगी तो कम्युनिस्ट पार्टी उसके दमन के लिए अपने पुराने हथकंड़ों को अपनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

नई दिल्ली। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के कार्यकाल को अनिश्चित काल के लिए विस्तार देने की के लिए कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा ​था। जिसके विरोध में जनता मुखर हो चली है। जनता के बीच उभरते विरोध के कारण कम्युनिस्ट पार्टी ने शी चिनफिंग के समर्थन में ​खबरें फैलाना शुरू कर दिया, लेकिन चीन की जनता ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करवाना जारी रखा। इस विरोध से घबराई कम्युनिस्ट पार्टी…