दिल्ली में पेट्रोल-डीजल 80 के पार, लगातार 20वें दिन बढ़ी कीमत

Petrol-Diesel Prices: लगातार दूसरे दिन डीजल के दामों में आई गिरावट, जानें पेट्रोल का भाव

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि ने एक बार फिर विपक्षियों को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है। शुक्रवार को लगातार 20वें दिन पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में अब पेट्रोल 80 के पार हो गया है, जबकि डीजल तो एक दिन पहले ही यह आंकड़ा पार कर चुका है।

Petrol And Diesel In Delhi Cross 80 Prices Rise For The 20th Consecutive Day :

​शुक्रवार को डीजल 17 पैसे महंगा हुआ वहीं पेट्रोल की कीमत में 21 पैसे का इजाफा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत कल के 79.92 रुपए से बढ़ कर 80.13 रुपए पर चली गई है। वहीं डीजल 80.19 रुपए प्रति लीटर हो गई है। दिल्ली में डीजल का दाम पेट्रोल से ज्यादा है।

मुंबई में पेट्रोल 86.91 रुपए और डीजल 78.51 रुपए लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल 80.37 रुपए और डीजल 77.44 रुपए लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 81.82 रुपए और डीजल 75.34 रुपए लीटर तथा नोएडा में पेट्रोल 80.85 रुपए और डीजल 72.29 रुपए लीटर है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है, इसके बावजूद तेल कंपनियां अपना मार्जिन सुधारने के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं। भारतीय कंपनियों ने कच्चा तेल काफी पहले ही खरीद कर भंडारण कर लिया था और इसकी वजह से उन्हें इन्वेंट्री लॉस काफी ज्यादा हो रहा है।

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि ने एक बार फिर विपक्षियों को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है। शुक्रवार को लगातार 20वें दिन पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में अब पेट्रोल 80 के पार हो गया है, जबकि डीजल तो एक दिन पहले ही यह आंकड़ा पार कर चुका है। ​शुक्रवार को डीजल 17 पैसे महंगा हुआ वहीं पेट्रोल की कीमत में 21 पैसे का इजाफा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत कल के 79.92 रुपए से बढ़ कर 80.13 रुपए पर चली गई है। वहीं डीजल 80.19 रुपए प्रति लीटर हो गई है। दिल्ली में डीजल का दाम पेट्रोल से ज्यादा है। मुंबई में पेट्रोल 86.91 रुपए और डीजल 78.51 रुपए लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल 80.37 रुपए और डीजल 77.44 रुपए लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 81.82 रुपए और डीजल 75.34 रुपए लीटर तथा नोएडा में पेट्रोल 80.85 रुपए और डीजल 72.29 रुपए लीटर है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है, इसके बावजूद तेल कंपनियां अपना मार्जिन सुधारने के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं। भारतीय कंपनियों ने कच्चा तेल काफी पहले ही खरीद कर भंडारण कर लिया था और इसकी वजह से उन्हें इन्वेंट्री लॉस काफी ज्यादा हो रहा है।