जल्द GST के दायरे में होगा डीजल और पेट्रोल

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जल्द GST के दायरे में होगा डीजल और पेट्रोल

नई दिल्ली। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर आलोचना का शिकार हो रही केन्द्र सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी (GST) के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर लगने वाले एक्साइज टैक्स में दो रुपए की कमी की थी। जिसके बाद कुछ राज्य सरकारों ने भी अपने वैट में कमी करते हुए उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई थी। इसके बावजूद डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की जो मांग उठी उसे केन्द्र सरकार गंभीरता से ले रही है।

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी इस बात के संकेत देते हुए कह चुके हैं कि केन्द्र सरकार को एक्साइज ड्यूटी घटाने से प्रतिमाह करीब 26000 करोड़ का घाटा हो रहा है। राज्य सरकारें भी डीजल और पेट्रोल पर 28 से 49 प्रतिशत तक वैट बसूल रहीं हैं। राज्य सरकारों से पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने पर चर्चा हो रही है। जीएसटी की अगली बैठक में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से इस विषय में विचार विमर्श की स्थिति बन रही है। संभव है कि आने वाली कुछ बैठकों में केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच इस मद्दे पर आम राय बन सके।

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वहीं वित्तीय मामलों के जानकारों की माने तो जीएसटी लागू होने के बाद से सरकार मालामाल हुई है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक केन्द्र सरकार को पिछले तीन महीनों में प्रतिमाह 90 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। अब तक एक करोड़ से अधिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जो पुराने कारोबारियों के मुकाबले करीब 35 प्रतिशत अधिक है। जीएसटी फाइलिंग में आ रही परेशानियों के दूर होने के बाद सरकार की आमदनी में तेज उछाल आएगा। ऐसे में केन्द्र सरकार आम करदाता को राहत देने के नजरिए से पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर सकती है।

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