पैट्रोल पंप पर कट रही थी ग्राहकों की जेब, हुआ भांडाफोड़

लखनऊ। यूपी एसटीएफ द्वारा गुरुवार को अंजाम दी गई कार्रवाई में लखनऊ के सात पैट्रोल पंपों पर रिमोट और चिप के जरिए पैट्रोल और डीजल चोरी के गोरखधंधे का भांडाफोड़ हुआ है। इन पंपों पर लगी मशीनों में चिप लगाकर रिमोट के माध्यम से डीजल और पैट्रोल की घटतौली को अंजाम दिया जा रहा था। जब एसटीएफ के जवानों ने पैट्रोल पंप के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर छानबीन की तो उनकी जेबों से कार के रिमोट की तरह दिखने वाले रिमोट बरामद हुए। जब इन कर्मचारियों से पूछताछ हुई तब घटतौली का कारनामा परत दर परत सामने आया।



मिली जानकारी के मुताबिक एसटीएम ने लखनऊ के कमता स्थित साकेत पैट्रोल पंप पर शुक्रवार की शाम करीब सात बजे छापा मारा। पैट्रोल पंप पर काम कर रहे वेंडरों को हिरासत में लेकर जांच की गई तो कुछ की जेब से एक रिमोट निकला। जब पूछा गया तो वेंडरों ने एसटीएफ के जवानों को इधर उधर की कहानी सुनाकर गुमराह करने की कोशिश की लेकिन जब दबाव बनाया गया तो सामने आया कि जेब से निकले रिमोट ही मशीन को कंट्रोल किया जाता था।



जब एसटीएफ को रिमोट की असलियत पता चली तो उस व्यक्ति को पकड़ गया जिसने इन रिमोट्स को तैयार किया था। जब एसटीएफ ने घटतौली की युक्ति तैयार करने वाले राजेन्द्र नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि लखनऊ के सात पैट्रोल पंप पर उसकी लगाई चिप से चोरी की जा रही है। जिसके बाद एसटीएफ के अधिकारियों ने सभी पैट्रोल पंपों को सीज कर दिया।

एक बार बटन दबते ही हो जाती थी 200 से 300 एमएल की चोरी—

घटतौली करने वाले पैट्रोलपंपों पर पैट्रोल डीजल भरवाने वाले ग्राहकों को प्रति लीटर 200 से 300 एमएल का चूना लगाया जा रहा था। पैट्रोल मशीन के पास खड़े होने वाले किसी एक पंप कर्मी की जेब से रिमोट का एक बटन दबाया जाता था। जिससे ग्राहक को बिना पता चले ही पूरा खेल हो जाता था।

विश्वास पात्र कर्मी ही रखते थे रिमोट—



जिन पैट्रोल पंपों पर रिमोट से डीजल पैट्रोल की घटतौली हो रही थी वहां रिमोट चलाने का काम पंप मैनेजर के विश्वास पात्र कर्मी ही करते थे। एसटीएफ ने भी जिन लोगों को दबोचा है उनमें से अधिकांश ऐसे हैं जो सालों से एक ही पैट्रोल पंप पर काम कर रहे हैं।