फिल्मी अंदाज में सिक्कों से ट्रेन रुकवा करते थे लूटपाट, ये था ग्रीन सिग्नल को रेड करने का गेम प्लान

नोएडा। यूपी पुलिस व आरपीएफ़ की टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बड़े ही नायाब ढंग से अपने मंसूबों को अंजाम दे रहें थे। अब भला कोई सोच सकता है कि सिक्कों के दम पर ट्रेन रुकवा लूटपाट की जा सकती है नहीं न। लेकिन पुलिस की गिरफ्त में यह गिरोह कुछ ऐसे ही किया करता था। हालांकि पुलिस ने गिरोह के दो सदस्‍यों को दबोचा है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के बाकि सदस्यो की तलाश कर रही है।

ये था पूरा प्लान
गिरोह पटरी के बीच दो रुपये का सिक्का डालकर ग्रीन सिग्नल को रेड करता था। ट्रेन रुकने पर बदमाश बोगियों में चढ़कर यात्रियों से लूटपाट कर फरार हो जाते थे। जो सिक्का ट्रेन रोकने में सफल हो जाता था, उसे शुभ मानकर आरोपी अपने पास रखते थे। वारदात पांच मिनट में होती थी बदमाश रेलवे ट्रैक की दोनों पटरियों के बीच दो रुपये का सिक्का डाला देते थे।

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सिक्का डालने पर ग्रीन सिग्नल रेड हो जाता था। खतरा होने की आशंका पर चालक ट्रेन रोक देते था। फिर से ग्रीन सिग्नल होने में 3 से पांच मिनट का समय लगता है। इसी दौरान गिरोह के बाकी बदमाश बोगियों में चढ़कर यात्रियों के साथ लूटपाट करते थे। अगर कोई विरोध करता था तो उसे तमंचे के बल पर काबू करते थे। आरोपियों ने दादरी व बोड़ाकी के बीच चार लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

क्या कहती हैं पुलिस
सीओ प्रथम अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि बदमाश लगातार दिल्ली-हावड़ा रूट व मुरादाबाद रूट पर ट्रेनों में घुसकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। दादरी-अलीगढ़ रूट बदमाशों का साफ्ट टारगेट था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इन रूट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

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हो सकता था बड़ा हादसा
पुलिस का मानना है कि पटरी के बीच में सिक्का लगाने से कई बार ट्रेन पटरी से भी उतर जाती है। यदि बदमाशों को समय पर नहीं पकड़ा जाता तो उनकी वजह से बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता था। बदमाशों के द्वारा अपनाए गए नायाब तरीके से यात्रियों की जान खतरे में रहती है।

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