पीएफ घोटाला : UPPCL के पूर्व चेयरमैन संजय अग्रवाल से होगी पूछताछ, मिले कई अहम सुबूत

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पीएफ घोटाला : यूपीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन संजय अग्रवाल से होगी पूछताछ, 12 फर्जी कंपनियों से कराया निवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लि. में हुए पीएफ घोटाले की जांच ने तेजी पकड़नी शुरू कर दी है। पीएफ के रुपयों को डीएचएफएल में निवेश करने के मामले में यूपीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन संजय अग्रवाल की भूमिका भी पाई गयी है, जिसके कारण इनसे भी पूछताछ की जायेगीा। ईओडब्ल्यू उन्हें नोटिस भेजकर बुलाएगी। दूसरी ओर, इसी मामले में आरोपित पूर्व वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और पीके गुप्ता की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार को खत्म हो गई। उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। वहीं, पूर्व एमडी एपी मिश्र की रिमांड आज सुबह खत्म हुई है। लिहाजा एपी मिश्रा को जेल में दाखिल किया जायेगा।

Pf Scam Former Uppcl Chairman Sanjay Aggarwal Will Be Questioned :

पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने एक बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि बिजली कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई को दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. में निवेश करवाने वाली फर्म फर्जी हैं। जांच टीम फर्म के वेस्ट यूपी स्थित पते पर पहुंची तो वहां पर कोई दफ्तर नहीं मिला। डीजी ईओडब्ल्यू आरपी सिंह ने बताया कि 14 ब्रोकर फर्मों के जरिए बिजली कर्मचारियों के पीएफ का पैसा डीएचएफएल में निवेश किया गया था।

इनमें से 12 फर्में सिर्फ यूपीपीसीएल के लिए ही काम कर रही थीं और ज्यादातर का बेस वेस्ट यूपी में था। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि इनमें से कई फर्मों के प्रोपराइटर एक ही था। सिर्फ दो फर्में ऐसी थीं, जो डीएचएफएल के अलावा दूसरे बैंकों के लिए भी काम करती थीं। बाकी फर्मों के नाम व पते वैरिफाई किए जा रहे हैं। वहीं, सूत्रों की माने तो पूछताछ में पीके गुप्ता ने खुलासा किया है कि बोर्ड आफ ट्रस्ट की कोई बैठक 22 या 24 तारीख को हुई ही नहीं थी। बल्कि बाईसर्कुलर के जरिये डीएचएफएल में निवेश का फैसला किया गया था। उधर, पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने शनिवार को यूपीपीसीएल के एक मौजूद और एक पूर्व लेखाधिकारी से भी पूछताछ की।

पीके गुप्ता के बेटे की भूमिका भी संदिग्ध
ईओडब्ल्यू के डीजी ने बताया कि जांच में प्रवीण कुमार गुप्ता के आगरा स्थित घर से एक डायरी, दो मोबाइल और एक लैपटॉप मिला है, जिसको कब्जे में लेकर जांच किया जा रहा है। सूत्रों क कहना है कि, जांच में पीके गुप्ता के बेटे की भी संलिप्तता सामने आई है। पीके गुप्ता के बेटे अभिनव को पूछताछ के लिए उसके गाजियाबाद स्थित आवास पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह नहीं मिला। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद वह फरार है।

पीएनबी हाउसिंग में निवेश
ईओडब्ल्यू की पूछताछ में एपी मिश्रा ने बताया कि पीएनबी हाउसिंग में 2016 में 50-50 करोड़ रुपये के दो निवेश किए गए थे। वहीं, पूछताछ के दौरान उन्होंने कहा कि निवेश के खेल में उनका कोई रोल नहीं था। ट्रस्ट की जिस सौदे पर हस्ताक्षर की बात की जा रही है उसमें उन्होंने बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हस्ताक्षर किया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लि. में हुए पीएफ घोटाले की जांच ने तेजी पकड़नी शुरू कर दी है। पीएफ के रुपयों को डीएचएफएल में निवेश करने के मामले में यूपीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन संजय अग्रवाल की भूमिका भी पाई गयी है, जिसके कारण इनसे भी पूछताछ की जायेगीा। ईओडब्ल्यू उन्हें नोटिस भेजकर बुलाएगी। दूसरी ओर, इसी मामले में आरोपित पूर्व वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और पीके गुप्ता की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार को खत्म हो गई। उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। वहीं, पूर्व एमडी एपी मिश्र की रिमांड आज सुबह खत्म हुई है। लिहाजा एपी मिश्रा को जेल में दाखिल किया जायेगा। पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने एक बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि बिजली कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई को दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. में निवेश करवाने वाली फर्म फर्जी हैं। जांच टीम फर्म के वेस्ट यूपी स्थित पते पर पहुंची तो वहां पर कोई दफ्तर नहीं मिला। डीजी ईओडब्ल्यू आरपी सिंह ने बताया कि 14 ब्रोकर फर्मों के जरिए बिजली कर्मचारियों के पीएफ का पैसा डीएचएफएल में निवेश किया गया था। इनमें से 12 फर्में सिर्फ यूपीपीसीएल के लिए ही काम कर रही थीं और ज्यादातर का बेस वेस्ट यूपी में था। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि इनमें से कई फर्मों के प्रोपराइटर एक ही था। सिर्फ दो फर्में ऐसी थीं, जो डीएचएफएल के अलावा दूसरे बैंकों के लिए भी काम करती थीं। बाकी फर्मों के नाम व पते वैरिफाई किए जा रहे हैं। वहीं, सूत्रों की माने तो पूछताछ में पीके गुप्ता ने खुलासा किया है कि बोर्ड आफ ट्रस्ट की कोई बैठक 22 या 24 तारीख को हुई ही नहीं थी। बल्कि बाईसर्कुलर के जरिये डीएचएफएल में निवेश का फैसला किया गया था। उधर, पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने शनिवार को यूपीपीसीएल के एक मौजूद और एक पूर्व लेखाधिकारी से भी पूछताछ की। पीके गुप्ता के बेटे की भूमिका भी संदिग्ध ईओडब्ल्यू के डीजी ने बताया कि जांच में प्रवीण कुमार गुप्ता के आगरा स्थित घर से एक डायरी, दो मोबाइल और एक लैपटॉप मिला है, जिसको कब्जे में लेकर जांच किया जा रहा है। सूत्रों क कहना है कि, जांच में पीके गुप्ता के बेटे की भी संलिप्तता सामने आई है। पीके गुप्ता के बेटे अभिनव को पूछताछ के लिए उसके गाजियाबाद स्थित आवास पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह नहीं मिला। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद वह फरार है। पीएनबी हाउसिंग में निवेश ईओडब्ल्यू की पूछताछ में एपी मिश्रा ने बताया कि पीएनबी हाउसिंग में 2016 में 50-50 करोड़ रुपये के दो निवेश किए गए थे। वहीं, पूछताछ के दौरान उन्होंने कहा कि निवेश के खेल में उनका कोई रोल नहीं था। ट्रस्ट की जिस सौदे पर हस्ताक्षर की बात की जा रही है उसमें उन्होंने बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हस्ताक्षर किया था।