पीएफ घोटाला : ईडी भी करेगी मामले की जांच, मनीलांड्रिंग से जुड़े साक्ष्य मिले

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यूपीपीसीएल में पीएफ घोटाला : ईडी भी करेगी मामले की जांच, मनीलांड्रिंग से जुड़े साक्ष्य मिले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन में हुए पीएफ घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करेगी। प्रवर्तन ​निदेशालय दिल्ली की टीम ने आर्थिक अपराध अनुसांधन (ईओडब्ल्यू) से इस घोटाले से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। सूत्रों की माने तो ईओडब्ल्यू की ओर से दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।

Pf Scam In Uppcl Ed Will Also Investigate The Case Evidence Related To Money Laundering Found :

सूत्रों की माने तो बिजली कर्मचारियों की भविष्य निधि की रकम दीवान हा​उसिंग फाइनेंस लि.(डीएचएफएल) में निवेश करने के मामले में ईओडब्ल्यू को बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। ईओडब्ल्यू ने जांच से जुड़े दस्तावेज और एफआईआर की कॉपी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली मुख्यालय को भेज दी है। इस मामले में ईडी जल्द मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर सकता है।

ईओडब्ल्यू के डीजी ने बताया कि कमीशन को काला से सफेद के लिए फर्जी ब्रोकर कंपनियां बनाकर करोड़ों की रकम इधर-उधर की गई है। ब्रोकर कंपनियों के 28 खातों की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग की ट्रेल मिल गई है। उधर सूत्रों की माने तो आईएएस संजय अग्रवाल के बाद विभाग के कई अन्य लोगों से भी ईओडब्ल्यू पूछताछ कर सकती है।

बता दें कि, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के एक लाख से अधिक कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ)और अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) के 2267.90 करोड़ रुपये दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में फंस गए हैं। कर्मचारियों और विपक्षी नेताओं ने यह मुद्दा उठाया तो सरकार ने कई कार्रवाइर्यां कीं। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन में हुए पीएफ घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करेगी। प्रवर्तन ​निदेशालय दिल्ली की टीम ने आर्थिक अपराध अनुसांधन (ईओडब्ल्यू) से इस घोटाले से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। सूत्रों की माने तो ईओडब्ल्यू की ओर से दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। सूत्रों की माने तो बिजली कर्मचारियों की भविष्य निधि की रकम दीवान हा​उसिंग फाइनेंस लि.(डीएचएफएल) में निवेश करने के मामले में ईओडब्ल्यू को बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। ईओडब्ल्यू ने जांच से जुड़े दस्तावेज और एफआईआर की कॉपी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली मुख्यालय को भेज दी है। इस मामले में ईडी जल्द मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर सकता है। ईओडब्ल्यू के डीजी ने बताया कि कमीशन को काला से सफेद के लिए फर्जी ब्रोकर कंपनियां बनाकर करोड़ों की रकम इधर-उधर की गई है। ब्रोकर कंपनियों के 28 खातों की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग की ट्रेल मिल गई है। उधर सूत्रों की माने तो आईएएस संजय अग्रवाल के बाद विभाग के कई अन्य लोगों से भी ईओडब्ल्यू पूछताछ कर सकती है। बता दें कि, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के एक लाख से अधिक कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ)और अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) के 2267.90 करोड़ रुपये दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में फंस गए हैं। कर्मचारियों और विपक्षी नेताओं ने यह मुद्दा उठाया तो सरकार ने कई कार्रवाइर्यां कीं। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।