UPPCL में पीएफ घोटाला : चंद महीनों में करोड़ों रुपये कमाकर गायब हुईं फर्में, बैंकों से मांगी गई डिटेल

uppcl
यूपीपीसीएल में पीएफ घोटाला : चंद महीनों में करोड़ों रुपये कमाकर गायब हुईं फर्में, बैंकों से मांगी गई डिटेल

लखनऊ। यूपीपीसीएल में हुए पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू 14 ब्रोकर फर्मों का ब्योरा खंगालाना शुरू कर दी है। रातोंरात खड़ी यह फर्में चंद महीनें में करोड़ों रुपयें कमा कर गायब हो गयी हैं। शुरूआती जांच में 14 ब्रोकर फर्मों में 9 के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि यह 9 फर्में करोड़ों रुपये कमाकर गायब हैं।

Pf Scam In Uppcl :

बता दें कि, 14 में से 12 फर्मों ने यूपीपीसीएल की ट्रस्ट और डीएचएफएल में निवेश कराने का काम किया। इसके बदले उन्हें एक से दो प्रतिशत का कमीशन दिया जा रहा था। ये फर्में पश्चिमी यूपी के जिलों की बताई गई हैं लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में इनका पता नहीं चल सका है। इसके अलावा किसी भी कंपनी के लिए न तो कोई निवेश कराया और न ही काम किया।

ईओडब्ल्यू के सूत्रों की माने तो इन फर्मों के बारे में पता लगाने के लिए बैंकों से इनके बारे में डिटेल मांगी गई है, जिसके जरिए इन फर्मों के सही पते पर ईओडब्ल्यू पहुंच सके। सूत्रों की माने तो ईओडब्ल्यू यह पता लगाने में जुटी है कि ये ​ब्रोकर फर्में इस घोटाले से जुड़े किसी के रिश्तेदार की तो नहीं है।

बता दें कि, पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता का नाम इस घोटाले में उजागर हुआ है, जिसकी ईओडब्ल्यू तलाश कर रही है। उधर, इस मामले में अभी तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके साथ ही दर्जनों लोगों से इस घोटाले के बारे में पूछताछ की जा चुकी है।

लखनऊ। यूपीपीसीएल में हुए पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू 14 ब्रोकर फर्मों का ब्योरा खंगालाना शुरू कर दी है। रातोंरात खड़ी यह फर्में चंद महीनें में करोड़ों रुपयें कमा कर गायब हो गयी हैं। शुरूआती जांच में 14 ब्रोकर फर्मों में 9 के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि यह 9 फर्में करोड़ों रुपये कमाकर गायब हैं। बता दें कि, 14 में से 12 फर्मों ने यूपीपीसीएल की ट्रस्ट और डीएचएफएल में निवेश कराने का काम किया। इसके बदले उन्हें एक से दो प्रतिशत का कमीशन दिया जा रहा था। ये फर्में पश्चिमी यूपी के जिलों की बताई गई हैं लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में इनका पता नहीं चल सका है। इसके अलावा किसी भी कंपनी के लिए न तो कोई निवेश कराया और न ही काम किया। ईओडब्ल्यू के सूत्रों की माने तो इन फर्मों के बारे में पता लगाने के लिए बैंकों से इनके बारे में डिटेल मांगी गई है, जिसके जरिए इन फर्मों के सही पते पर ईओडब्ल्यू पहुंच सके। सूत्रों की माने तो ईओडब्ल्यू यह पता लगाने में जुटी है कि ये ​ब्रोकर फर्में इस घोटाले से जुड़े किसी के रिश्तेदार की तो नहीं है। बता दें कि, पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता का नाम इस घोटाले में उजागर हुआ है, जिसकी ईओडब्ल्यू तलाश कर रही है। उधर, इस मामले में अभी तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके साथ ही दर्जनों लोगों से इस घोटाले के बारे में पूछताछ की जा चुकी है।