UPPCL PF घोटाला: 3 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू, करीबियों के बारे में भी मांगी गयी जानकारी

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PF घोटाला: 3 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू, करीबियों के बारे में भी मांगी गयी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में हुए पीएफ घोटाले को लेकर आरोपित तीनो पूर्व अधिकारियों एपी मिश्रा, सुधांशु द्विवेदी और पी के गुप्ता के खिलाफ बिजलेंस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बिजलेंस ने इन अधिकारियों की सारी सम्पत्तियों का ब्योरा लिया है साथ ही उनके करीबियों के बारे में भी पूरी जानकारी ली जा रही है।

Pf Scam Investigation Started Against 3 Former Officers Information Sought About Close Ones :

आपको बता दें कि ईओडब्ल्यू ने आशंका जाहिर की थी कि बिजली कर्मचारियों की भविष्य निधि के चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश डीएचएफएल समेत दो अन्य बैंकों में करने के एवज में पूर्व अधिकारियों ने करोड़ों रुपये कमिशन लिया था। इस आशंका के आधार पर ईओडब्ल्यू ने पावर कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी मिश्र, निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी व ट्रस्ट के सचिव पीके गुप्ता पर आरोप लगाया था और उनके खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश की थी, जिसे शासन ने मंजूरी भी दे दी।

इन करीबियों के मांगे गये दस्तावेज

बताया गया कि बिजलेंस ने नगर निगम से तीनो पूर्व अधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा मांगा है। साथ ही तीनो के परिवारिक सदस्यों के नाम से दर्ज सम्पत्तियों के भी कागजात मंगवाये हैं। बताया गया कि बिजलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक ने नगर निगम को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। जानकारी के मुताबिक बिजलेंस द्वारा आरोपित एपी मिश्रा के साथ साथ उनकी पत्नी रानी, पुत्र विपुल, पुत्री सांत्वना, बहू श्वेता, भाई गंगा प्रसाद, राम प्रसाद, सुरेन्द्र मोहन, भतीजे उतकर्ष मोहन के बारे में जानकारी मांगी हैं। वहीं आरोपित सुधांशु द्विवेदी के साथ साथ उनकी पत्नी रेनू, पुत्र सिद्धार्थ्, पुत्र चैतन्य, बहू स्नेहा वहीं आरोपित पी के गुप्ता के साथ् साथ उनकी पत्नी अंजु, पुत्र अभिनव, पुत्री अनुभूति के बारे में भी जानकारी मांगी है।

विजिलेंस की टीम जल्द इस मामले में आरोपियों के घर और ठिकानों को खंगाल सकती है। आरोपियों से उनकी आय के स्रोत व खर्चों का ब्योरा भी मांगा गया है। विजिलेंस की जांच टीम ने ईओडब्ल्यू से जरूरी दस्तावेज भी ले लिए हैं। आपको बता दें कि ईओडब्ल्यू ने इस मामले में बड़े पैमाने पर फर्जी ब्रोकर फर्मों के जरिए करोड़ों के हवाला की रकम इधर से उधर होने की संभावना के बाद ईडी से मामले की जांच की सिफारिश की थी लेकिन अभी तक ईडी का कोई जबाब नही आया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में हुए पीएफ घोटाले को लेकर आरोपित तीनो पूर्व अधिकारियों एपी मिश्रा, सुधांशु द्विवेदी और पी के गुप्ता के खिलाफ बिजलेंस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बिजलेंस ने इन अधिकारियों की सारी सम्पत्तियों का ब्योरा लिया है साथ ही उनके करीबियों के बारे में भी पूरी जानकारी ली जा रही है। आपको बता दें कि ईओडब्ल्यू ने आशंका जाहिर की थी कि बिजली कर्मचारियों की भविष्य निधि के चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश डीएचएफएल समेत दो अन्य बैंकों में करने के एवज में पूर्व अधिकारियों ने करोड़ों रुपये कमिशन लिया था। इस आशंका के आधार पर ईओडब्ल्यू ने पावर कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी मिश्र, निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी व ट्रस्ट के सचिव पीके गुप्ता पर आरोप लगाया था और उनके खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश की थी, जिसे शासन ने मंजूरी भी दे दी। इन करीबियों के मांगे गये दस्तावेज बताया गया कि बिजलेंस ने नगर निगम से तीनो पूर्व अधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा मांगा है। साथ ही तीनो के परिवारिक सदस्यों के नाम से दर्ज सम्पत्तियों के भी कागजात मंगवाये हैं। बताया गया कि बिजलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक ने नगर निगम को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। जानकारी के मुताबिक बिजलेंस द्वारा आरोपित एपी मिश्रा के साथ साथ उनकी पत्नी रानी, पुत्र विपुल, पुत्री सांत्वना, बहू श्वेता, भाई गंगा प्रसाद, राम प्रसाद, सुरेन्द्र मोहन, भतीजे उतकर्ष मोहन के बारे में जानकारी मांगी हैं। वहीं आरोपित सुधांशु द्विवेदी के साथ साथ उनकी पत्नी रेनू, पुत्र सिद्धार्थ्, पुत्र चैतन्य, बहू स्नेहा वहीं आरोपित पी के गुप्ता के साथ् साथ उनकी पत्नी अंजु, पुत्र अभिनव, पुत्री अनुभूति के बारे में भी जानकारी मांगी है। विजिलेंस की टीम जल्द इस मामले में आरोपियों के घर और ठिकानों को खंगाल सकती है। आरोपियों से उनकी आय के स्रोत व खर्चों का ब्योरा भी मांगा गया है। विजिलेंस की जांच टीम ने ईओडब्ल्यू से जरूरी दस्तावेज भी ले लिए हैं। आपको बता दें कि ईओडब्ल्यू ने इस मामले में बड़े पैमाने पर फर्जी ब्रोकर फर्मों के जरिए करोड़ों के हवाला की रकम इधर से उधर होने की संभावना के बाद ईडी से मामले की जांच की सिफारिश की थी लेकिन अभी तक ईडी का कोई जबाब नही आया।