पीएफ अकाउंट से अब नही निकाल सकेंगे पूरी रकम, मिलेगा सिर्फ 60 फीसदी पैसा

नई दिल्ली। जो लोग पीएम अकाउंट में जमा अपना पूरा पैसा निकालने की सोंच रहे हैं, उनके लिए बुरी खबर है। ईपीएफओं ने इस सम्बंध में एक प्रस्ताव लाने के तैयारी शुरु कर दी हैं, जिसमें खाताधारक सिर्फ साठ फीसदी रकम ही निकाल सकते है। ये नियम ऐसे लोगों पर लागू होगा जिनकी नौकरी चली जाती है और वो पीएफ अकाउंट से पूरा पैसा निकाल लेते है।

Pf Subscriber Can Not Withdrowl Total Money From Pf Account :

संगठन के मुताबिक हाल के कई वर्षो में देखने को मिला है कि ईपीएफओ सब्‍सक्राइबर्स अपने पीएफ अकाउंट से पूरा पैसा निकालने लगे हैं। इससे संगठन की चिंता बढ़ गई है। ईपीएफओ ने प्रस्‍ताव दिया है कि जो लोग प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने के साथ ही फॉर्मल सेक्‍टर के हिस्‍से हैं, उन्‍हें कुल जमा राशि का महज 60 फीसदी निकालने की ही अनुमति दी जाए। अधिकारियों के मुताबिक ऐसा सिर्फ इस लिए किया गया है कि जिससे कि पीएफ सब्‍सक्राइबर्स की सदस्‍यता बनी रहे और बेरोजगारी के दौरान सोशल सिक्‍युरिटी से जुड़ी उनकी जरूरतें पूरी हो सकें।

कानूनी एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि ये नियम आने के बाद कानूनी विवाद छिड़ सकता है, क्‍योंकि बड़ी संख्‍या में लोग पूरी रकम निकालना चाहते हैं। कुछ मामलों में एंप्लॉयी को पिछली कंपनी की तीन महीने की सैलरी के बराबर रकम ही पीएफ अकाउंट से निकालने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए भी वो नौकरी जाने के एक माह बाद ही आवेदन कर सकते है।

बता दें कि मौजूदा समय ईपीएफओ सब्‍सक्राइबर्स को अपनी नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद पीएफ का पूरा पैसा निकालने का प्रावधान है। फैक्‍टरी बंद होने, शादी, बच्‍चों की पढ़ाई या मेडिकल खर्च के लिए भी सब्‍सक्राइबर्स को अपनी पीएफ सेविंग का एक हिस्‍सा निकालने की अनुमति है। फिलहाल ईपीएफओ के इस प्रस्ताव के बाद से निजी क्षेत्रों में काम करने वाले करोड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है।

नई दिल्ली। जो लोग पीएम अकाउंट में जमा अपना पूरा पैसा निकालने की सोंच रहे हैं, उनके लिए बुरी खबर है। ईपीएफओं ने इस सम्बंध में एक प्रस्ताव लाने के तैयारी शुरु कर दी हैं, जिसमें खाताधारक सिर्फ साठ फीसदी रकम ही निकाल सकते है। ये नियम ऐसे लोगों पर लागू होगा जिनकी नौकरी चली जाती है और वो पीएफ अकाउंट से पूरा पैसा निकाल लेते है। संगठन के मुताबिक हाल के कई वर्षो में देखने को मिला है कि ईपीएफओ सब्‍सक्राइबर्स अपने पीएफ अकाउंट से पूरा पैसा निकालने लगे हैं। इससे संगठन की चिंता बढ़ गई है। ईपीएफओ ने प्रस्‍ताव दिया है कि जो लोग प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने के साथ ही फॉर्मल सेक्‍टर के हिस्‍से हैं, उन्‍हें कुल जमा राशि का महज 60 फीसदी निकालने की ही अनुमति दी जाए। अधिकारियों के मुताबिक ऐसा सिर्फ इस लिए किया गया है कि जिससे कि पीएफ सब्‍सक्राइबर्स की सदस्‍यता बनी रहे और बेरोजगारी के दौरान सोशल सिक्‍युरिटी से जुड़ी उनकी जरूरतें पूरी हो सकें। कानूनी एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि ये नियम आने के बाद कानूनी विवाद छिड़ सकता है, क्‍योंकि बड़ी संख्‍या में लोग पूरी रकम निकालना चाहते हैं। कुछ मामलों में एंप्लॉयी को पिछली कंपनी की तीन महीने की सैलरी के बराबर रकम ही पीएफ अकाउंट से निकालने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए भी वो नौकरी जाने के एक माह बाद ही आवेदन कर सकते है। बता दें कि मौजूदा समय ईपीएफओ सब्‍सक्राइबर्स को अपनी नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद पीएफ का पूरा पैसा निकालने का प्रावधान है। फैक्‍टरी बंद होने, शादी, बच्‍चों की पढ़ाई या मेडिकल खर्च के लिए भी सब्‍सक्राइबर्स को अपनी पीएफ सेविंग का एक हिस्‍सा निकालने की अनुमति है। फिलहाल ईपीएफओ के इस प्रस्ताव के बाद से निजी क्षेत्रों में काम करने वाले करोड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है।