श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले में शामिल 4 संदिग्धों के फोटो जारी

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श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले में शामिल 4 संदिग्धों के फोटो हुई जारी

नई दिल्ली। पड़ोसी देश श्रीलंका सरकार ने 21 अप्रैल को हुए सीरियल ब्लास्ट में मारे गए लोगों का आंकड़ा घटा दिया है। सरकार का कहना है कि हमले में 253 लोगों की मौत हुई। पहले 359 लोगों के मारे जाने की बात सामने आ रही थी। श्रीलंका पुलिस ने इस फिदायीन हमले में शामिल रहे 4 संदिग्धों के फोटो जारी किए हैं। पुरुष ही नहीं बल्कि इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। उधर, गुरुवार को यहां 39 देशों के यात्रियों के लिए आगमन पर वीजा (वीजा ऑन अराइविंग) देने की सुविधा को बंद कर दिया।

Photos Of 4 Suspects Involved In Suicide Attack In Sri Lanka Was Shared :

दरअसल, पुलिस ने जिन संदिग्धों के फोटो जारी किए हैं। उनके नाम मोहम्मद इवुहईम सादिक अब्दुल हक, मोहम्मद कासिम मोहम्मद रिलवान, पुलास्थिनी राजेंद्रन उर्फ साराह और फातिमा लतीफ हैं। पुलिस ने एक अन्य महिला संदिग्ध की फोटो अब्दुल कादर फातिमा नाम से भी जारी की थी। हालांकि, बाद में पता चला कि वे अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता अमारा मजीद हैं। इसके बाद पुलिस ने माफी मांग ली।

साथ ही एजेंसियों का दावा है कि फिदायीनों में नौ आतंकी स्थानीय संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के हो सकते हैं। शक है कि इन्हीं आतंकियों की मदद से विस्फोटक चर्च और होटलों में पहुंचाया गया था।

आपको बता दें, हमले के बाद देश में 39 देशाें के लिए आगमन पर वीजा देने की सुविधा रोक दी गई है। विदेश मंत्री अमारातुंगा ने कहा, “आगमन पर वीजा देने के सभी इंतजाम कर लिए गए थे, लेकिन हमने अब फैसला किया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए इसे कुछ समय के लिए रोक दिया जाए। जांच में हमलों में विदेशी संपर्कों का खुलासा हुआ है और हम नहीं चाहते कि इस सुविधा का दुरुपयोग हो।”

वहीं, इन हमलों के बाद रक्षा सचिव हेमासीरी फर्नांडो ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने देश के पुलिस प्रमुख पी. जयसुंदर और रक्षा सचिव एच. फर्नांडो को बुधवार को ही इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। राष्ट्रपति सिरिसेना ने यह भी कहा था कि आगामी सप्ताह में पुलिस और सुरक्षाबलों का पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाएगा। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि आतंकवादी दोबारा हमले शुरू कर सकते हैं। अभी श्रीलंका में कई संदिग्ध मौजूद हैं और उनके पास विस्फोटक हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों के निशाने पर अब स्लीपर सेल

नई दिल्ली। पड़ोसी देश श्रीलंका सरकार ने 21 अप्रैल को हुए सीरियल ब्लास्ट में मारे गए लोगों का आंकड़ा घटा दिया है। सरकार का कहना है कि हमले में 253 लोगों की मौत हुई। पहले 359 लोगों के मारे जाने की बात सामने आ रही थी। श्रीलंका पुलिस ने इस फिदायीन हमले में शामिल रहे 4 संदिग्धों के फोटो जारी किए हैं। पुरुष ही नहीं बल्कि इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। उधर, गुरुवार को यहां 39 देशों के यात्रियों के लिए आगमन पर वीजा (वीजा ऑन अराइविंग) देने की सुविधा को बंद कर दिया। दरअसल, पुलिस ने जिन संदिग्धों के फोटो जारी किए हैं। उनके नाम मोहम्मद इवुहईम सादिक अब्दुल हक, मोहम्मद कासिम मोहम्मद रिलवान, पुलास्थिनी राजेंद्रन उर्फ साराह और फातिमा लतीफ हैं। पुलिस ने एक अन्य महिला संदिग्ध की फोटो अब्दुल कादर फातिमा नाम से भी जारी की थी। हालांकि, बाद में पता चला कि वे अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता अमारा मजीद हैं। इसके बाद पुलिस ने माफी मांग ली। साथ ही एजेंसियों का दावा है कि फिदायीनों में नौ आतंकी स्थानीय संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के हो सकते हैं। शक है कि इन्हीं आतंकियों की मदद से विस्फोटक चर्च और होटलों में पहुंचाया गया था। आपको बता दें, हमले के बाद देश में 39 देशाें के लिए आगमन पर वीजा देने की सुविधा रोक दी गई है। विदेश मंत्री अमारातुंगा ने कहा, “आगमन पर वीजा देने के सभी इंतजाम कर लिए गए थे, लेकिन हमने अब फैसला किया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए इसे कुछ समय के लिए रोक दिया जाए। जांच में हमलों में विदेशी संपर्कों का खुलासा हुआ है और हम नहीं चाहते कि इस सुविधा का दुरुपयोग हो।” वहीं, इन हमलों के बाद रक्षा सचिव हेमासीरी फर्नांडो ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने देश के पुलिस प्रमुख पी. जयसुंदर और रक्षा सचिव एच. फर्नांडो को बुधवार को ही इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। राष्ट्रपति सिरिसेना ने यह भी कहा था कि आगामी सप्ताह में पुलिस और सुरक्षाबलों का पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाएगा। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि आतंकवादी दोबारा हमले शुरू कर सकते हैं। अभी श्रीलंका में कई संदिग्ध मौजूद हैं और उनके पास विस्फोटक हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों के निशाने पर अब स्लीपर सेल