पीएम मोदी ने पीएमओ स्टाफ को किया संबोधित, कहा, खुद के अंदर लीडरशिप होना बहुत जरूरी

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पीएम मोदी ने पीएमओ स्टाफ को किया संबोधित, कहा, खुद के अंदर लीडरशिप होना बहुत जरूरी

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में जीत के बाद पीएम मोदी ने आज पीएमओ स्टाफ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खुद के अंदर लीडरशिप होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपने मेरी आपेक्षा से ज्यादा परिणाम दिया है। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि वह अपने अंदर के विद्यार्थी को मरने नहीं दिया।

Pm Modi Addressed The Pmo Staff Said It Is Very Important To Have A Leadership Within Himself :

उन्होंने कहा कि विश्वास ने नया रूप धारण कर लिया है। पीएमओ स्टाफ से पीएम ने कहा कि आप काम के चलते अपने परिवार को समय नहीं दे पाये। आपके परिवार ने भी आपका साथ दिया इसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता हूं। इसके साथ ही पीएम ने कहा कि बिना समर्पित टीम के कोई भी परिणाम नहीं मिलता है।

जब तक कोई समर्पित टीम नहीं मिलती है और सपने कितने ही सुहाने क्यों न हों, तब तक परे नहीं होते जब तक साथियों की सोच काम को लेकर एक जैसी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जिस इरादे से चले थे 2019 तक हम अपने मार्ग से जरा भी नहीं भटके। हम समर्पण बढ़ाते गए।

लोगों की अपेक्षाओं के कारण काम का दबाव बढ़ता गया। लोगों के विश्वास के कारण जब दबाव बढ़ता है तो वह ऊर्जा में बदल जाता है। हम लोगों ने अनुभव किया कि जो देश की अपेक्षाओं का दबाव में हमारे लिए बोझ नहीं बना, बल्कि हमारी ऊर्जा बन गया।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में जीत के बाद पीएम मोदी ने आज पीएमओ स्टाफ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खुद के अंदर लीडरशिप होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपने मेरी आपेक्षा से ज्यादा परिणाम दिया है। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि वह अपने अंदर के विद्यार्थी को मरने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विश्वास ने नया रूप धारण कर लिया है। पीएमओ स्टाफ से पीएम ने कहा कि आप काम के चलते अपने परिवार को समय नहीं दे पाये। आपके परिवार ने भी आपका साथ दिया इसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता हूं। इसके साथ ही पीएम ने कहा कि बिना समर्पित टीम के कोई भी परिणाम नहीं मिलता है। जब तक कोई समर्पित टीम नहीं मिलती है और सपने कितने ही सुहाने क्यों न हों, तब तक परे नहीं होते जब तक साथियों की सोच काम को लेकर एक जैसी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जिस इरादे से चले थे 2019 तक हम अपने मार्ग से जरा भी नहीं भटके। हम समर्पण बढ़ाते गए। लोगों की अपेक्षाओं के कारण काम का दबाव बढ़ता गया। लोगों के विश्वास के कारण जब दबाव बढ़ता है तो वह ऊर्जा में बदल जाता है। हम लोगों ने अनुभव किया कि जो देश की अपेक्षाओं का दबाव में हमारे लिए बोझ नहीं बना, बल्कि हमारी ऊर्जा बन गया।