पीएम मोदी और पीएम आबे ने किया बुलेट प्रोजेक्ट का शिलान्यास

अहमदाबाद। भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद में देश के पहले बुलेट ट्रेन नेटवर्क का शिलान्यास किया। इस मौके पर पीएम आबे ने भारत को संबोधित करते हुए कहा कि जापान सरकार, जापान की कंपनियां और लोग भारत के प्रति अपने सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। एक वैश्विक नेता के रूप में उभरे नरेन्द्र मोदी ने जब भारत में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सहयोग मांगा तो जापान सरकार ने उनके इस सपने को अपनी प्रतिज्ञा बना लिया। उन्होंने जापान और भारत के मैत्री पूर्ण संबन्धों को जेएआई यानी जय का नाम दिया।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर जापान के सहयोग के प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि भारत को जापान के रूप में एक ऐसा मित्र मि​ला है जिसने भारत को बुलेट ट्रेन जैसी उपलब्धी मुफ्त में दी है। उन्होने कहा कि आज के दौर में जब एक मोटर साइकिल खरीदने के लिए बैंक 8 से 9 फीसदी ब्याज पर ऋण देतीं हों, वहां आज जापान जैसे दोस्त ने भारत को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए 0ण्1 प्रतिशत ब्याज दर पर 50 साल के लिए ऋण देने के साथ ही हाईस्पीड बुलेट ट्रेन तकनीकि भी दी है। जिससे सुविधा और रोजागाद का सृजन होगा।

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उन्होंने कहा कि जापान से सौगात के रूप में मिली हाईस्पीड बुलेट ट्रेन तकनीकि भारत के लिए हाईस्पीड रेल क्रांति में बड़ी भूमिका निभाएगी। बडोदरा में जापान के सहयोग से स्थापित होने जा रहे हाईस्पीड रेल इंस्टीट्यूट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस इंस्टीट्यूट के माध्यम से भारत के युवाओं को हाईस्पीड तकनीकि को विकसित करने का हुनर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन देश के यातायात को नई गति देगी। 500 किलोमीटर बसे दो शहरों के लोगों के बीच की दूरी कम होगी। कल तक हवाई मार्ग द्वारा अहमदाबाद से मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट की औपचारिकताओं को पूरा करने में जितना समय लगता है, उससे कम समय में बुलेट ट्रेन इस दूरी को तय करेगी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के प्रयासों को गिनाते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि वायुमार्ग यातायात, सड़क यातायात, जलमार्ग यातायात और रेल यातायात को बराबर गति से आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। सड़कें तेजी से बन रहीं हैं। नदियों को जोड़ने का काम किया जा रहा है। 60 छोटे शहरों को वायुमार्ग से जोड़ा जा रहा है। पुराने रेल ट्रैक को बदला जा रहा है, ट्रेनों की स्पीड़ बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज हम जापान से तकनीकि जरूर ले रहे हैं लेकिन इस प्रोजेक्ट के लिए तमाम संसाधन मेक इन इंडिया के तहत जुटाए जाएगें। भारतीय उद्योग के लिए जरूरी होगा कि वे जीरो डिफेक्ट और फुल इफेक्ट वाले फामूर्ले पर काम करें। अपनी गुणवत्ता को शीर्ष स्तरीय बनाएं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को भारत के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 15 अगस्त 2022 को वह दोनों इसी बुलेट ट्रेन में सवार होकर बुलेट ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।

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