PM मोदी ने तोड़ी 48 साल पुरानी परंपरा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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PM मोदी ने तोड़ी 48 साल पुरानी परंपरा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने इस गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर 48 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए एक नई परंपरा का आगाज किया है। उन्होंने युद्धवीरों की शहादत को सलाम करने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति नहीं गए, बल्कि बगल में ही नवनिर्मित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बता दें पिछले साल 25 फरवरी को प्रधानमंत्री ने इसे देश को समर्पित किया था। इंडिया गेट परिसर में बने इस स्मारक में आज़ादी के बाद के सभी शहीद सैनिकों को याद किया गया है।

Pm Modi Breaks 48 Years Old Tradition Pays Tribute To Martyrs By Going To National War Memorial :

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति की इंडिया गेट पर 1972 में तैयार किया गया था। पहले तीनों सेनाओं के प्रमुख स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दिया करते थे। इस बार पहली बार सीडीएस भी गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक जनवरी को सीडीएस का पदभार ग्रहण किया है।

‘अमर जवान ज्योति’ पर एक झुकी हुई बंदूक के ऊपर जवान का हेलमेट रखा हुआ है तथा उसके नीचे निरंतर ज्योति जलती रहती है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में इंडिया गेट के नीचे 1972 में इसका निर्माण किया गया था। तकरीबन 40 एकड़ क्षेत्र में फैले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में चार चक्र ‘अमर चक्र’, ‘वीरता चक्र’, ‘त्याग चक्र’ और ‘रक्षक चक्र’ हैं जिन पर ग्रेनाइट के पत्थरों पर स्वर्ण अक्षरों से 25,942 जवानों के नाम लिखे हैं।

इसमें 15.5 मीटर ऊंचा एक स्मारक स्तंभ, निरंतर जल रही ज्योति और कांस्य के छह भित्ति चित्र हैं जो भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा लड़ी गई प्रसिद्ध लड़ाइयों को दर्शा रहे हैं। यह स्मारक 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1947,1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध, श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षा बल के अभियानों और 1999 में कारगिल युद्ध तथा संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियानों के दौरान शहीद जवानों को समर्पित है।

42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध (1919) में मारे गए जवानों के सम्मान में ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल आर्च के रूप में ब्रिटिश राज के दौरान बना था।

पीएम मोदी ने पहना भगवा साफा

कई खास मौकों पर अपनी ड्रेस के कारण चर्चा में रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इस बार गणतंत्र दिवस पर फिर से चर्चा में हैं। मोदी कुर्ता पहले ही काफी लोगों को आकर्षित कर चुका है। इस बार पीएम का साफा सुर्खियां बटोर रहा है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 2015 में पहली बार साफा पहनकर राजपथ पर 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) परेड की सलामी ली थी। गणतंत्र दिवस के मौके पर खूबसूरत साफा पहनने के अपने अंदाज को बरकरार रखते हुए पीएम मोदी रविवार (26 जनवरी 2020) को केसरिया रंग के साफे में नजर आए।

71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने सफेद कुर्ता पायजामा के साथ जैकेट और भगवा रंग का साफा पहना है। इस बार प्रधानमंत्री मोदी का साफा पिछली बार के साफे से मिलता जुलता है। यह गहरे केसरिया रंग का है जिसमें चित्तियां बनी हुई हैं।  

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने इस गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर 48 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए एक नई परंपरा का आगाज किया है। उन्होंने युद्धवीरों की शहादत को सलाम करने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति नहीं गए, बल्कि बगल में ही नवनिर्मित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बता दें पिछले साल 25 फरवरी को प्रधानमंत्री ने इसे देश को समर्पित किया था। इंडिया गेट परिसर में बने इस स्मारक में आज़ादी के बाद के सभी शहीद सैनिकों को याद किया गया है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति की इंडिया गेट पर 1972 में तैयार किया गया था। पहले तीनों सेनाओं के प्रमुख स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दिया करते थे। इस बार पहली बार सीडीएस भी गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक जनवरी को सीडीएस का पदभार ग्रहण किया है। ‘अमर जवान ज्योति’ पर एक झुकी हुई बंदूक के ऊपर जवान का हेलमेट रखा हुआ है तथा उसके नीचे निरंतर ज्योति जलती रहती है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में इंडिया गेट के नीचे 1972 में इसका निर्माण किया गया था। तकरीबन 40 एकड़ क्षेत्र में फैले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में चार चक्र ‘अमर चक्र’, ‘वीरता चक्र’, ‘त्याग चक्र’ और ‘रक्षक चक्र’ हैं जिन पर ग्रेनाइट के पत्थरों पर स्वर्ण अक्षरों से 25,942 जवानों के नाम लिखे हैं। इसमें 15.5 मीटर ऊंचा एक स्मारक स्तंभ, निरंतर जल रही ज्योति और कांस्य के छह भित्ति चित्र हैं जो भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा लड़ी गई प्रसिद्ध लड़ाइयों को दर्शा रहे हैं। यह स्मारक 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1947,1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध, श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षा बल के अभियानों और 1999 में कारगिल युद्ध तथा संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियानों के दौरान शहीद जवानों को समर्पित है। 42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध (1919) में मारे गए जवानों के सम्मान में ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल आर्च के रूप में ब्रिटिश राज के दौरान बना था। पीएम मोदी ने पहना भगवा साफा कई खास मौकों पर अपनी ड्रेस के कारण चर्चा में रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इस बार गणतंत्र दिवस पर फिर से चर्चा में हैं। मोदी कुर्ता पहले ही काफी लोगों को आकर्षित कर चुका है। इस बार पीएम का साफा सुर्खियां बटोर रहा है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 2015 में पहली बार साफा पहनकर राजपथ पर 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) परेड की सलामी ली थी। गणतंत्र दिवस के मौके पर खूबसूरत साफा पहनने के अपने अंदाज को बरकरार रखते हुए पीएम मोदी रविवार (26 जनवरी 2020) को केसरिया रंग के साफे में नजर आए। 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने सफेद कुर्ता पायजामा के साथ जैकेट और भगवा रंग का साफा पहना है। इस बार प्रधानमंत्री मोदी का साफा पिछली बार के साफे से मिलता जुलता है। यह गहरे केसरिया रंग का है जिसमें चित्तियां बनी हुई हैं।