ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी, शी जिनपिंग से मुलाक़ात की संभावना

नई दिल्ली। ब्रिक्स का 9वां शिखर सम्मेलन रविवार से शुरू हुआ। इस तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात की संभावना है। पीएम मोदी तीन से पांच सितंबर तक चीन के शिएमेन और फुजियान प्रांत के दौरे पर होंगे। मोदी-शी की संभावित मुलाकात इस बात की ओर इशारा करती है कि पिछले हफ्ते खत्म हुए सीमा विवाद से दोनों देश उबर चुके हैं।

शनिवार को शियामेन पहुंचे मोदी ने रविवार को कहा कि वह दूसरे ब्रिक्स देशों के नेताओं से भी मिलेंगे। शी और मोदी की आखिरी द्विपक्षीय मुलाकात कजाकिस्तान के अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान जून में हुई थी। दोनों नेता उसके बाद सीमा विवाद के दौरान जर्मनी में जी-20 सम्मेलन के दौरान भी अनौपचारिक रूप से मिले थे।

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मोदी इस सम्मेलन में पाकिस्तान के आतंकवादी संपर्को को उठा सकते हैं। वहीं चीन का कहना है कि यह सम्मेलन ऐसे मुद्दों पर चर्चा करने का उचित स्थान नहीं है। मोदी सोमवार को ब्रिक्स सम्मेलन के प्रतिबंधित सत्र और इसके पूर्ण सत्र में भाग ले सकते हैं।

इस सत्र में वैश्विक आर्थिक हालात, अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक प्रशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास और अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रस्तावित ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी भी एजेंडे का एक प्रमुख मुद्दा हो सकती है। पांच सदस्यीय देशों -ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका- के इस संगठन का गठन 2006 में हुआ था।

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बता दें कि रविवार को मोदी कैबिनेट का विस्तार हुआ। कुल 13 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। मोदी कैबिनेट का ये तीसरा फेदबदल था। इससे पहले नवंबर, 2014 और जुलाई, 2016 को कैबिनेट फेरबदल हुआ था। शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी चीन और म्यांमार दौरे पर रवाना हो गए।

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