पीएम मोदी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, चीन को सबक सिखाने पर होगी बात

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी क्षेत्र में हुई झड़प में सेना के 20 सैनिक शहीद हुए हैं जिनमें एक कमांडिंग आफिसर भी शामिल है।

Pm Modi Convenes All Party Meeting Will Talk To Teach China A Lesson :

प्रधानमंत्री कार्यालय ने टि्वट कर कहा है, “ भारत-चीन सीमा से लगते क्षेत्रों में स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 जून को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस वर्चुअल बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष हिस्सा लेंगे।” पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब 40 दिन से भी अधिक समय से सैन्य गतिरोध जारी है। दोनों सेनाओं के बीच इस हिंसक झड़प के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार से ही रक्षा मंत्री , गृह मंत्री और विदेश मंत्री के साथ इस मुद्दे पर लगातार संपर्क में है।

उन्होंने कई बैठकें भी की हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस घटना को लेकर तरह तरह के बयान दिए हैं और उन्होंने सरकार से इस मामले से जुड़े तथ्य देश के साथ साझा करने को कहा है। कुछ दलों ने सैनिकों की शहादत का बदला लेने और चीन को अपनी जमीन से पीछे खदेड़़ने की भी मांग की है। पिछले करीब पांच दशकों में यह पहला मौका है जब चीन सीमा पर दोनों पक्षों के सैनिकों में इस तरह की झड़प हुई है। इससे पहले 1967 में नाथू ला में दोनों सेनाओं के बीच हुए टकराव में भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे जबकि चीन के 300 सैनिकों की जान गई थी।

 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी क्षेत्र में हुई झड़प में सेना के 20 सैनिक शहीद हुए हैं जिनमें एक कमांडिंग आफिसर भी शामिल है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने टि्वट कर कहा है, “ भारत-चीन सीमा से लगते क्षेत्रों में स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 जून को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस वर्चुअल बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष हिस्सा लेंगे।” पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब 40 दिन से भी अधिक समय से सैन्य गतिरोध जारी है। दोनों सेनाओं के बीच इस हिंसक झड़प के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार से ही रक्षा मंत्री , गृह मंत्री और विदेश मंत्री के साथ इस मुद्दे पर लगातार संपर्क में है। उन्होंने कई बैठकें भी की हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस घटना को लेकर तरह तरह के बयान दिए हैं और उन्होंने सरकार से इस मामले से जुड़े तथ्य देश के साथ साझा करने को कहा है। कुछ दलों ने सैनिकों की शहादत का बदला लेने और चीन को अपनी जमीन से पीछे खदेड़़ने की भी मांग की है। पिछले करीब पांच दशकों में यह पहला मौका है जब चीन सीमा पर दोनों पक्षों के सैनिकों में इस तरह की झड़प हुई है। इससे पहले 1967 में नाथू ला में दोनों सेनाओं के बीच हुए टकराव में भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे जबकि चीन के 300 सैनिकों की जान गई थी।