मलेशियाई PM का दावा- PM मोदी ने नहीं की जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग

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मलेशियाई PM का दावा- PM मोदी ने नहीं की जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग

नई दिल्ली। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने दावा किया है कि विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक (Islamic Preacher) जाकिर नाइक (Zakir Naik) के प्रत्यर्पण को लेकर पीएम मोदी ने उनसे कोई बात नहीं की है। एक रेडियो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, कई देश जाकिर नाइक को अपने यहां पनाह देना नहीं चाहते हैं। मैं पीएम मोदी से मिला था लेकिन उन्होंने जाकिर नाइक को वापस भेजने के लिए कुछ नहीं कहा। यह आदमी (जाकिर नाइक) भारत के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है।    

Pm Modi Didnt Ask For Zakir Naik Malaysian Pms Twist To Controversial Preachers Extradition Request :

स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने ये भी कहा नाइक ने कानून तोड़ा है और उसे बोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “जाकिर नाइक इस देश का नागरिक नहीं है। उसे पिछली सरकार ने यहां रहने की इजाजत दी थी। ऐसे में उसे इस देश की राजनीति और सिस्टम पर बोलने की इजाजत नहीं है। जाकिर ने ऐसा कर के कानून तोड़ा है और अब उसे बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

प्रत्यर्पण पर क्या कहा था भारत ने

बता दें कि इसी महीने रूस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था। दोनों नेताओं के मुलाकात के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि पीएम मोदी ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया और साथ ही दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि ये मुद्दा दोनों देशों के लिए काफी अहम है। लिहाजा दोनों देश के अधिकारी इस मसले पर एक दूसरे के सम्पर्क में रहेंगे।

2016 से मलेशिया में

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमले के बाद एक जुलाई, 2016 को नाइक देश से बाहर चला गया था। बांग्लादेश ने दावा किया था कि हमले में शामिल आतंकवादी नाइक के भाषणों से प्रेरित था।

इसके बाद नाइक भारत से मलेशिया चला गया। मलेशिया मुस्लिम देश है। वहां के कई बड़े मुस्लिम धार्मिक संगठनों के अलावा शीर्ष नेताओं से जाकिर के रिश्ते काफी बढ़िया बताए जाते हैं।

 

नई दिल्ली। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने दावा किया है कि विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक (Islamic Preacher) जाकिर नाइक (Zakir Naik) के प्रत्यर्पण को लेकर पीएम मोदी ने उनसे कोई बात नहीं की है। एक रेडियो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, कई देश जाकिर नाइक को अपने यहां पनाह देना नहीं चाहते हैं। मैं पीएम मोदी से मिला था लेकिन उन्होंने जाकिर नाइक को वापस भेजने के लिए कुछ नहीं कहा। यह आदमी (जाकिर नाइक) भारत के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है।     स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने ये भी कहा नाइक ने कानून तोड़ा है और उसे बोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "जाकिर नाइक इस देश का नागरिक नहीं है। उसे पिछली सरकार ने यहां रहने की इजाजत दी थी। ऐसे में उसे इस देश की राजनीति और सिस्टम पर बोलने की इजाजत नहीं है। जाकिर ने ऐसा कर के कानून तोड़ा है और अब उसे बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" प्रत्यर्पण पर क्या कहा था भारत ने बता दें कि इसी महीने रूस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था। दोनों नेताओं के मुलाकात के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि पीएम मोदी ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया और साथ ही दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि ये मुद्दा दोनों देशों के लिए काफी अहम है। लिहाजा दोनों देश के अधिकारी इस मसले पर एक दूसरे के सम्पर्क में रहेंगे। 2016 से मलेशिया में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमले के बाद एक जुलाई, 2016 को नाइक देश से बाहर चला गया था। बांग्लादेश ने दावा किया था कि हमले में शामिल आतंकवादी नाइक के भाषणों से प्रेरित था। इसके बाद नाइक भारत से मलेशिया चला गया। मलेशिया मुस्लिम देश है। वहां के कई बड़े मुस्लिम धार्मिक संगठनों के अलावा शीर्ष नेताओं से जाकिर के रिश्ते काफी बढ़िया बताए जाते हैं।