गंगा का पारं​परिक रास्ता बनेगा ‘नेचर, कल्चर और अडवेंचर’ का केंद्र: पीएम मोदी

pm modi varanasi
गंगा का पारं​परिक रास्ता बनेगा 'नेचर, कल्चर और अडवेंचर' का केंद्र: पीएम मोदी

वाराणसी। वाराणसी को करीब 2400 करोड़ की योजनाओं का दिवाली गिफ्ट देने पीएम मोदी ने देश के पहले मल्टी मॉडल टर्मिनल को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होने कहा कि वाराणसी में जिस टर्मिनल की शुरुआत हुई है, उसके आगाज से गंगा का यह पारंपरिक रास्ता आधुनिक सुविधा के साथ ‘नेचर, कल्चर और अडवेंचर’ का केंद्र बनेगा।

Pm Modi Give 2400 Crore Diwali Gift To Varanasi :

कार्यक्रम के दौरान कहा कि वाराणसी और देश, इस बात का गवाह बना है कि संकल्प लेकर जब किसी भी काम को पूरा किया जाता है, इसकी तस्वीर कितनी भव्य और गौरवमयी होती है। पीएम ने कहा कि आज यहां बाबतपुर हवाई अड्डे से शहर को जोड़ने वाली योजना, मां गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने वाली योजना समेत करीब-करीब ढाई हजार करोड़ की योजना का लोकार्पण हुआ है। यह सभी प्रॉजेक्ट वाराणसी को और भव्य बनाएंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब हम अपने नदियों के मार्ग को इतने व्यापक स्तर पर प्रयोग करने में सफल हुए हैं। उन्होने कहा कि चार साल पहले जब मैंने वाराणसी से हल्दिया के बीच वॉटर वे और मालवाहक जहाज की परिकल्पना की बात की थी, तो तमाम लोगों ने इसका मजाक उड़ाया था। लेकिन कुछ वक्त पहले ही इस प्रॉजेक्ट के उद्घाटन ने विरोधियों को जवाब दे दिया।

वाराणसी। वाराणसी को करीब 2400 करोड़ की योजनाओं का दिवाली गिफ्ट देने पीएम मोदी ने देश के पहले मल्टी मॉडल टर्मिनल को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होने कहा कि वाराणसी में जिस टर्मिनल की शुरुआत हुई है, उसके आगाज से गंगा का यह पारंपरिक रास्ता आधुनिक सुविधा के साथ 'नेचर, कल्चर और अडवेंचर' का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम के दौरान कहा कि वाराणसी और देश, इस बात का गवाह बना है कि संकल्प लेकर जब किसी भी काम को पूरा किया जाता है, इसकी तस्वीर कितनी भव्य और गौरवमयी होती है। पीएम ने कहा कि आज यहां बाबतपुर हवाई अड्डे से शहर को जोड़ने वाली योजना, मां गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने वाली योजना समेत करीब-करीब ढाई हजार करोड़ की योजना का लोकार्पण हुआ है। यह सभी प्रॉजेक्ट वाराणसी को और भव्य बनाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब हम अपने नदियों के मार्ग को इतने व्यापक स्तर पर प्रयोग करने में सफल हुए हैं। उन्होने कहा कि चार साल पहले जब मैंने वाराणसी से हल्दिया के बीच वॉटर वे और मालवाहक जहाज की परिकल्पना की बात की थी, तो तमाम लोगों ने इसका मजाक उड़ाया था। लेकिन कुछ वक्त पहले ही इस प्रॉजेक्ट के उद्घाटन ने विरोधियों को जवाब दे दिया।