दक्षिण एशिया का पहला क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

narendra modi
दक्षिण एशिया का पहला क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली। पड़ोसी देश नेपाल से रिश्तों को बेहतर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम कदम उठाया है। पीएम मोदी नई दिल्‍ली में अपने कार्यालय से व उनके नेपाली समकक्ष केपी शर्मा ओली काठमांडू में अपने कार्यालय से मंगलवार को रिमोट के जरिए मोतिहारी-अमालेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन का उद्घाटन कर दिया है।

Pm Modi Inaugurates South Asias First Cross Border Petroleum Pipeline :

दरअसल, नेपाल में भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने जून में बताया था कि यह पाइपलाइन नेपाल के लिए ‘गेम चेंजर’ होगा। मोतिहारी-अमालेखगंज पाइपलाइन से नेपाल में तेल भंडारण की समस्‍या से निजात दिलाने में मदद मिलेगी। पुरी के अनुसार, यह परियोजना कीमत में तो राहत देगी ही साथ ही पर्यावरण के अनुकूल भी है।

वहीं, पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस पाइपलाइन का उद्घाटन किया है। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘यह काफी संतोष की बात है कि दक्षिण एशिया का पहला क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन का काम रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया। यह अपने अपेक्षित समय से आधे में ही तैयार हो गया है।’

साथ ही प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘इसका श्रेय आपके नेतृत्व, नेपाल सरकार के समर्थन और हमारे संयुक्त प्रयासों को जाता है। 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद जब नेपाल ने पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाया तो भारत ने पड़ोसी और करीबी दोस्त के रूप में सहयोग के लिए उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ाया था। मुझे खुशी है कि हमारे संयुक्त सहयोग के कारण नेपाल के गोरखा और नुवाकोट जिलों में फिर से घर बनाए गए हैं।’

बता दें, इस पाइपलाइन परियोजना का प्रस्‍ताव वर्ष 1996 में पहली बार पेश किया गया था लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी धीमी थी। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल दौरे के बाद इसमें गति आई। इसके बाद 2015 में दोनों देशों के सरकारों ने परियोजना के लिए एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किया। हालांकि नेपाल के साथ राजनीतिक तनाव से इस परियोजना में थोड़ी रुकावट आई। 2017 में राज्‍य संचालित इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (IOC) ने पेट्रोलियम ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्‍ताक्षर किया, जिसके अनुसार हर साल करीब 1.3 मिलियन टन ईंधन नेपाल भेजा जाएगा और 2020 तक इसे दोगुना कर दिया जाएगा। जुलाई में दोनों देशों ने सफलतापूर्वक ऑयल पाइपलाइन के जरिए ट्रांसफर का परीक्षण भी किया था।

नई दिल्ली। पड़ोसी देश नेपाल से रिश्तों को बेहतर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम कदम उठाया है। पीएम मोदी नई दिल्‍ली में अपने कार्यालय से व उनके नेपाली समकक्ष केपी शर्मा ओली काठमांडू में अपने कार्यालय से मंगलवार को रिमोट के जरिए मोतिहारी-अमालेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन का उद्घाटन कर दिया है। दरअसल, नेपाल में भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने जून में बताया था कि यह पाइपलाइन नेपाल के लिए ‘गेम चेंजर’ होगा। मोतिहारी-अमालेखगंज पाइपलाइन से नेपाल में तेल भंडारण की समस्‍या से निजात दिलाने में मदद मिलेगी। पुरी के अनुसार, यह परियोजना कीमत में तो राहत देगी ही साथ ही पर्यावरण के अनुकूल भी है। वहीं, पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस पाइपलाइन का उद्घाटन किया है। इस दौरान उन्होंने कहा, 'यह काफी संतोष की बात है कि दक्षिण एशिया का पहला क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन का काम रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया। यह अपने अपेक्षित समय से आधे में ही तैयार हो गया है।' साथ ही प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'इसका श्रेय आपके नेतृत्व, नेपाल सरकार के समर्थन और हमारे संयुक्त प्रयासों को जाता है। 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद जब नेपाल ने पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाया तो भारत ने पड़ोसी और करीबी दोस्त के रूप में सहयोग के लिए उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ाया था। मुझे खुशी है कि हमारे संयुक्त सहयोग के कारण नेपाल के गोरखा और नुवाकोट जिलों में फिर से घर बनाए गए हैं।' बता दें, इस पाइपलाइन परियोजना का प्रस्‍ताव वर्ष 1996 में पहली बार पेश किया गया था लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी धीमी थी। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल दौरे के बाद इसमें गति आई। इसके बाद 2015 में दोनों देशों के सरकारों ने परियोजना के लिए एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किया। हालांकि नेपाल के साथ राजनीतिक तनाव से इस परियोजना में थोड़ी रुकावट आई। 2017 में राज्‍य संचालित इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (IOC) ने पेट्रोलियम ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्‍ताक्षर किया, जिसके अनुसार हर साल करीब 1.3 मिलियन टन ईंधन नेपाल भेजा जाएगा और 2020 तक इसे दोगुना कर दिया जाएगा। जुलाई में दोनों देशों ने सफलतापूर्वक ऑयल पाइपलाइन के जरिए ट्रांसफर का परीक्षण भी किया था।