पीएम मोदी के ‘इज्जत घर’ की खुलेआम उड़ाई जा रहीं धज्जियां, इस ब्लॉक में नहीं बने पूर्ण शौचालय

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पीएम मोदी के 'इज्जत घर' की खुलेआम उड़ाई जा रहीं धज्जियां, इस ब्लॉक में नहीं बने पूर्ण शौचालय

सुल्तानपुर। कादीपुर तहसील के करौंदी कला ब्लॉक में अधिकारियों और प्रधान की मिलीभगत के चलते इज्जत घर बनाने सहित अन्य कार्यों में भारी अनियमितता बरती गई है। कुछ गांव छोड़कर लगभग सभी गांव की स्थिति एक जैसी है।

Pm Modi Ka Izzat Ghar Ghotala Sultanpur :

मामला इसी ब्लॉक के केकर चौर गांव का है जिसमें कई ग्रामीणों ने शपथ पत्र के साथ शौचालय निर्माण में ग्राम विकास अधिकारी अमरिंदर गौतम व प्रधान की मिलीभगत से भारी अनियमितता बरतने की शिकायत की है। ग्रामीणों ने बयान हल्फी के साथ जिलाधिकारी सुलतानपुर, पंचायत मंत्री, अयोध्या मंडल अयोध्या, पंचायत राज मंत्री एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को जांच हेतु लिखित रूप में दिया है।

शिकायतकर्ता आलोक सिंह ने बताया कि मेरे गांव में कुल तीन सौ पच्चीस शौचालय का एमआईएस हुआ है। जिसमें 187 शौचालय का निर्माण शुरू हुआ जिसमें बीस शौचालय का कार्य पूर्ण हुआ शेष शौचालय निर्माणाधीन पढ़े हुए हैं। जिन लोगों के शौचालय बने हुए हैं उनसे दो हजार से लेकर दस हजार तक की रकम वसूली गई है। वही गांव के दूसरे शिकायतकर्ता राजेश दुबे ने बताया कि दोनों की मिलीभगत के चलते गांव का सारा विकास ठप हो गया गांव में पच्चास सोलर लाइट का पैसा खारिज किया गया है। गांव में महज चार सोलर लाइट लगे हुए हैं स्ट्रीट लाइट की बात करें तो अनगिनत स्ट्रीट लाइटों का पैसा खारिज कर निकाला गया, एक भी स्टेट लाइट लगी नहीं है।

उन्होंने यह भी बताया कि पच्चास रिबोर का पैसा सेंकशन करके निकाला गया जबकि बीस रिबोर किए गए हैं और स्नानघर नाली व सप्ताह के नाम पर लाखों रुपए घपला किया गया। गांव में एक भी सूखता नाली स्नान घर नहीं बनाया गया है ऐसी स्थिति में सभी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहीत शासन से गांव की जांच कराने की अभिलंब कराने की मांग किया है। यदि शपथ पत्र के बाद भी जांच ना हुई तो सरकार के व सरकारी तंत्र पर सवालिया निशान लगने शुरू हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि करौंदी ब्लॉक के लगभग सभी गांव की स्थिति कुछ गांव को छोड़ कर के एक जैसी है। यदि शासन प्रशासन द्वारा इस ब्लॉक के गांवों की जांच कराई जाए तो ब्लॉक के गांव की हकीकत सामने खुलकर के आ जाएगी।

सुल्तानपुर। कादीपुर तहसील के करौंदी कला ब्लॉक में अधिकारियों और प्रधान की मिलीभगत के चलते इज्जत घर बनाने सहित अन्य कार्यों में भारी अनियमितता बरती गई है। कुछ गांव छोड़कर लगभग सभी गांव की स्थिति एक जैसी है। मामला इसी ब्लॉक के केकर चौर गांव का है जिसमें कई ग्रामीणों ने शपथ पत्र के साथ शौचालय निर्माण में ग्राम विकास अधिकारी अमरिंदर गौतम व प्रधान की मिलीभगत से भारी अनियमितता बरतने की शिकायत की है। ग्रामीणों ने बयान हल्फी के साथ जिलाधिकारी सुलतानपुर, पंचायत मंत्री, अयोध्या मंडल अयोध्या, पंचायत राज मंत्री एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को जांच हेतु लिखित रूप में दिया है। शिकायतकर्ता आलोक सिंह ने बताया कि मेरे गांव में कुल तीन सौ पच्चीस शौचालय का एमआईएस हुआ है। जिसमें 187 शौचालय का निर्माण शुरू हुआ जिसमें बीस शौचालय का कार्य पूर्ण हुआ शेष शौचालय निर्माणाधीन पढ़े हुए हैं। जिन लोगों के शौचालय बने हुए हैं उनसे दो हजार से लेकर दस हजार तक की रकम वसूली गई है। वही गांव के दूसरे शिकायतकर्ता राजेश दुबे ने बताया कि दोनों की मिलीभगत के चलते गांव का सारा विकास ठप हो गया गांव में पच्चास सोलर लाइट का पैसा खारिज किया गया है। गांव में महज चार सोलर लाइट लगे हुए हैं स्ट्रीट लाइट की बात करें तो अनगिनत स्ट्रीट लाइटों का पैसा खारिज कर निकाला गया, एक भी स्टेट लाइट लगी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पच्चास रिबोर का पैसा सेंकशन करके निकाला गया जबकि बीस रिबोर किए गए हैं और स्नानघर नाली व सप्ताह के नाम पर लाखों रुपए घपला किया गया। गांव में एक भी सूखता नाली स्नान घर नहीं बनाया गया है ऐसी स्थिति में सभी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहीत शासन से गांव की जांच कराने की अभिलंब कराने की मांग किया है। यदि शपथ पत्र के बाद भी जांच ना हुई तो सरकार के व सरकारी तंत्र पर सवालिया निशान लगने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि करौंदी ब्लॉक के लगभग सभी गांव की स्थिति कुछ गांव को छोड़ कर के एक जैसी है। यदि शासन प्रशासन द्वारा इस ब्लॉक के गांवों की जांच कराई जाए तो ब्लॉक के गांव की हकीकत सामने खुलकर के आ जाएगी।