पीएम मोदी के गोद लिए गांव में सांसद निधि से नहीं खर्च हुआ पैसा, RTI में खुलासा

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पीएम मोदी के गोद लिए गांव में सांसद निधि से नहीं खर्च हुआ पैसा, RTI में खुलासा

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन चार गावों को गोद लिया था, उन्हे लेकर एक आरटीआई में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। एक आरटीआई के जवाब में पता चला है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाले इन गांवों के विकास के लिए सांसद निधि से एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है। जिला ग्राम्य विकास अधिकरण की ओर से जारी यह पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

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आरटीआई का पत्र

कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के मोहल्ला कटरा में रहने वाले अनुज वर्मा ने प्रधानमंत्री के गोद लिए गांवों के बारे में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। जिला ग्राम्य विकास अधिकरण के परियोजना निदेशक की ओर से 30 जून को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गोद लिए गांव जयापुर, नागेपुर, ककरहिया और डोमरी में प्रधानमंत्री की सांसद निधि से कोई भी कार्य नहीं कराया गया है।

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अनुज का कहना है, करीब डेढ़-दो महीने पहले वाराणसी के परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को डाक से पत्र भेजकर सूचना मांगी थी। इसमें पूछा था कि प्रधानमंत्री ने अब तक कितने गांव गोद लिए, किस तारीख को गोद लिए साथ ही सांसद निधि से जो विकास कार्य कराए हैं, उसका विवरण दिया जाए। दो-तीन दिन पहले हमें डाक से ही जवाब मिला। उससे पता चला कि सांसद निधि से विकास कार्य शुरू ही नहीं हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक पीएम आर्दश गांव में हुए विकास कार्य सांसद निधि की बजाए सरकारी योजनाओं और कंपनियों के सीएसआर फंड से कराए गए है। गांवों में बेहतर सुविधाओं के लिए कई संस्थाओं ने भी सहयोग दिया। हालांकि इस बारे में प्रशासन का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

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ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में एक जोशीला भाषण देते हुए सभी सांसदों से अपने क्षेत्र से प्रतिवर्ष एक गांव गोद लेने और उस गांव को अपनी सांसद निधि से विकसित करने की अपील की थी। इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं पहल करते हुए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का जयापुर गांव गोद लिया था। पीएम ने जयापुर गांव का दौरा भी किया था और इस गांव के विकास कार्यों की चर्चा देश और दुनिया भर में हुई थी। जयापुर गांव को एक मॉडल के तौर पर रखा गया था।

प्रधानमंत्री की सोच को जिस तरह से पेश किया गया, जिससे लगा कि मानो देश की संसद में बैठने वाले 552 लोकसभा सांसद कम से कम 2000 गांवों की तस्वीर को बदल ही देंगे। 2000 नहीं तो कम से कम अपने कार्यकाल के दौरान हर सांसद एक गांव की तस्वीर तो बदलने का काम करेगा ही नहीं।

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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन चार गावों को गोद लिया था, उन्हे लेकर एक आरटीआई में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। एक आरटीआई के जवाब में पता चला है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाले इन गांवों के विकास के लिए सांसद निधि से एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है। जिला ग्राम्य विकास अधिकरण की ओर से जारी यह पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। [caption id="attachment_296510" align="aligncenter" width="698"] आरटीआई का पत्र[/caption] कन्नौज के छिबरामऊ…
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