सैम पित्रोंदा के बयान से पता चलता है कांग्रेस का चरित्र : पीएम नरेन्द्र मोदी

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सैम पित्रेदा के बयान से पता चलता है कांग्रेस का चरित्र : पीएम नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली। 1984 के सिख जनसंहार पर कांग्रेस की ओवरसीज इकाई के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के बयान पर पीएम मोदी पर हमला किया है। उन्होने कहा कि इससे पता चला है कि देश में साठ साल से राज करने वाली पार्टी कितनी संवेदनशील थी। बता दे कि सैम पित्रेदा ने सिख दंगों को लेकर कहा था कि हुआ तो हुआ।

Pm Modi Slams Sam Pitroda For His Comments On 1984 Anti Sikh Riots :

वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या पर गुरुवार को सैम पित्रोदा ने कहा था, ‘अब क्या है 84 का।’ आपने (मोदी) पांच साल में क्या किया, उसकी बात करिए। वर्ष 84 में जो हुआ, वो हुआ।’ पीएम मोदी हरियाणा की 10 सीटों पर होने वाले मतदान को लेकर भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित रैली को लेकर में पहुंचे थे, जहां पित्रोदा के इस बयान पर जमकर हमला किया।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि इनके लिए जीवन का कोई मूल्य नहीं है। पीएम मोदी ने मतदाताओं से अपील की ‘आपको कांग्रेस और उसके साथियों से सावधान रहने की जरूरत है। कांग्रेस ने 70 साल तक देश कैसे चलाया है, उनका दिमाग कैसे चलता है, उनकी खोपड़ी में कैसा अहंकार भरा है, ये कल केवल तीन शब्दों में उन्होंने खुद ही समेट दिया।’

नई दिल्ली। 1984 के सिख जनसंहार पर कांग्रेस की ओवरसीज इकाई के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के बयान पर पीएम मोदी पर हमला किया है। उन्होने कहा कि इससे पता चला है कि देश में साठ साल से राज करने वाली पार्टी कितनी संवेदनशील थी। बता दे कि सैम पित्रेदा ने सिख दंगों को लेकर कहा था कि हुआ तो हुआ। वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या पर गुरुवार को सैम पित्रोदा ने कहा था, 'अब क्या है 84 का।' आपने (मोदी) पांच साल में क्या किया, उसकी बात करिए। वर्ष 84 में जो हुआ, वो हुआ।' पीएम मोदी हरियाणा की 10 सीटों पर होने वाले मतदान को लेकर भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित रैली को लेकर में पहुंचे थे, जहां पित्रोदा के इस बयान पर जमकर हमला किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि इनके लिए जीवन का कोई मूल्य नहीं है। पीएम मोदी ने मतदाताओं से अपील की 'आपको कांग्रेस और उसके साथियों से सावधान रहने की जरूरत है। कांग्रेस ने 70 साल तक देश कैसे चलाया है, उनका दिमाग कैसे चलता है, उनकी खोपड़ी में कैसा अहंकार भरा है, ये कल केवल तीन शब्दों में उन्होंने खुद ही समेट दिया।'