पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पीएम मोदी ने उठाए ये कदम

pulwama attack
पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पीएम मोदी ने उठाए ये कदम

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद केन्द्र सरकार काफी नाराज है। पीएम मोदी ने इस हमले पर नाराजगी जताते हुए दोषियों को अंजाम भुगतने की धमकी तक दे डाली। वहीं शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी अहम फैसले लिए गए है। जिससे सबसे अहम ये है कि उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है।

Pm Modi Take These Action Against Pakistan After Pulwama Attack :

बता दें कि CCS की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हुई। जिसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया गया है। इसका सीधा मतलब ये है कि पाकिस्तान को भारत के साथ ट्रेड करने में जो भी छूट दी जाती है, वो अब बंद कर दी जाएगी।

वहीं विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी देशों से बात करेगा। जिससे की दुनिया के सामने पाकिस्तान के आतंकपरस्ती चेहरे को उजागर किया जा सके। 1986 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए जो प्रस्ताव भी दिया था। उसे पास करवाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। केन्द्र सरकार इसके लिए अन्य देशों पर दबाव भी बनाएगी।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद केन्द्र सरकार काफी नाराज है। पीएम मोदी ने इस हमले पर नाराजगी जताते हुए दोषियों को अंजाम भुगतने की धमकी तक दे डाली। वहीं शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी अहम फैसले लिए गए है। जिससे सबसे अहम ये है कि उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। बता दें कि CCS की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हुई। जिसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया गया है। इसका सीधा मतलब ये है कि पाकिस्तान को भारत के साथ ट्रेड करने में जो भी छूट दी जाती है, वो अब बंद कर दी जाएगी। वहीं विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी देशों से बात करेगा। जिससे की दुनिया के सामने पाकिस्तान के आतंकपरस्ती चेहरे को उजागर किया जा सके। 1986 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए जो प्रस्ताव भी दिया था। उसे पास करवाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। केन्द्र सरकार इसके लिए अन्य देशों पर दबाव भी बनाएगी।