ट्रिपल तलाक पर PM मोदी के बयान से महोबा के मुस्लिम नाराज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महोबा में बीते दिनों पीएम मोदी के तीन तलाक पर दिए गए बयान पर आज मुस्लिम समुदाय ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। मुसलमानों ने एक बैठक कर केंद्र सरकार को इस प्रकरण से दूर रहने की चेतावनी दी है। एलान किया गया है कि सरकार ने अपना रवैया न बदला तो उसके खिलाफ आन्दोलन छेड़ा जाएगा। मुसलमानों ने पीएम मोदी के इस बयान को 2017 का चुनावी बयान बताया और कहा कि शरीयत के कानून में पीएम की दखल अंदाजी भी बर्दास्त नहीं की जायेगी।

बुंदेलखंड के जनपद महोबा में महारैली कर पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक पर बयान दिया जिससे मुसलमान खासे नाराज है। खासकर महोबा के मुसलमान इस बात से नाराज है कि महोबा में पीएम ने कोई सौगात न देकर बेवजह की बयानबाजी कर लोगों को विकास के मुद्दे से भटकाने का काम किया है। अली अंजुमन कमेटी द्वारा दारूल उलूम समदिया मदरसा मकनियापुरा में आयोजित जमात की महापंचायत में शरीयत से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप पर कडा एतराज जताया गया। कमेटी के सदर जलील पठान ने इसे धार्मिक मसले में अनुचित दखलंदाजी करार दिया।




अब्दुल समद दरगाह के नायब सज्जादा एरच हाशमी ने कहा देश व शरीयत के क़ानून में फर्क है। मुस्लिम समुदाय के लिए देश का क़ानून प्रमुख है लेकिन शरियत से जुड़े मामले में कोई निर्णय देने की बजाय अदालत को उसे इस्लामी कोर्ट में भेज देना चाहिए। तीन तलाक का मामला काफी समय से चल रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री ने महोबा में इसे जानबूझ कर उछाला है ताकि यूपी के 2017 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को इसका फायदा मिल सके। मामले में पर्सनल ला बोर्ड के बेनर तले केंद्र सरकार के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।




इस पंचायत में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों ने शिरकत की और 1450 साल पुरानी इस्लामिक ब्यवस्था में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को बर्दास्त न किये जाने की घोषणा की। उल्लेखनीय है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल महोबा में आयोजित एक रेली में तीन तलाक के नाम पर मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाली ज्यादती को गलत ठहराया था और इसे धर्म सम्प्रदाय से अलग रख बुराई को ख़त्म करने के प्रयास किये जाने की वकालत की थी

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