बोडो समझौता के बाद पहली बार आज असम दौरे पर निकलेंगे पीएम मोदी

बोडो समझौता के बाद पहली बार आज असम दौरे पर निकलेंगे पीएम मोदी
बोडो समझौता के बाद पहली बार आज असम दौरे पर निकलेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी को संशोधित नागरिकात कानून (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन की वजह से असम में जापानी पीएम शिंजो आबे के साथ शिखर सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था, हालांकि केंद्र सरकार के एक अन्य फैसले ने पूरी तस्वीर बदल दी है। कोकराझार में लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए गुरुवार को सड़कों और गलियों में मिट्टी के दीए जला कर पूरी इलाकों में रोशनी कर दी। इसके अलावा ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन (एबीएसयू) ने कोकराझार में बाइक रैली भी निकाली। वहीं आज पीएम के स्वागत की पूरी तैयारियां हो गई हैं।

Pm Narendra Modi Assam Visit Today After Caa And Bodo Peace Accord :

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार यानि आज असम में कोकराझार का दौरा करेंगे जहां वह बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। दिसंबर 2019 में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री का पहला पूर्वोत्तर दौरा भी होगा।


पीएम ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा, ‘मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में रहूंगा। हम बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए जाने का जश्न मनाएंगे जिससे दशकों की समस्या का अंत होगा। यह शांति और प्रगति के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा।’ बोडो समझौते पर हस्ताक्षर 27 जनवरी को सरकार द्वारा नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के चार धड़ों, आल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और एक नागरिक समाज समूह के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य असम के बोडो बहुल क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति लाना है।

पिछले महीने मोदी ने 26 जनवरी को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपील की थी कि जो भी हिंसा के मार्ग पर हैं वे मुख्यधारा में लौट आयें और अपने हथियार डाल दें। मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच एक शिखर बैठक पिछले साल दिसंबर में गुवाहाटी में होनी थी लेकिन सीएए विरोधी प्रदर्शनों के चलते उसे रद्द कर दिया गया था। मोदी को हाल में गुवाहाटी में सम्पन्न ‘खेलो इंडिया’ खेलों के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुए।

नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी को संशोधित नागरिकात कानून (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन की वजह से असम में जापानी पीएम शिंजो आबे के साथ शिखर सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था, हालांकि केंद्र सरकार के एक अन्य फैसले ने पूरी तस्वीर बदल दी है। कोकराझार में लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए गुरुवार को सड़कों और गलियों में मिट्टी के दीए जला कर पूरी इलाकों में रोशनी कर दी। इसके अलावा ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन (एबीएसयू) ने कोकराझार में बाइक रैली भी निकाली। वहीं आज पीएम के स्वागत की पूरी तैयारियां हो गई हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार यानि आज असम में कोकराझार का दौरा करेंगे जहां वह बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। दिसंबर 2019 में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री का पहला पूर्वोत्तर दौरा भी होगा। पीएम ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा, 'मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में रहूंगा। हम बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए जाने का जश्न मनाएंगे जिससे दशकों की समस्या का अंत होगा। यह शांति और प्रगति के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा।' बोडो समझौते पर हस्ताक्षर 27 जनवरी को सरकार द्वारा नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के चार धड़ों, आल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और एक नागरिक समाज समूह के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य असम के बोडो बहुल क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति लाना है। पिछले महीने मोदी ने 26 जनवरी को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपील की थी कि जो भी हिंसा के मार्ग पर हैं वे मुख्यधारा में लौट आयें और अपने हथियार डाल दें। मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच एक शिखर बैठक पिछले साल दिसंबर में गुवाहाटी में होनी थी लेकिन सीएए विरोधी प्रदर्शनों के चलते उसे रद्द कर दिया गया था। मोदी को हाल में गुवाहाटी में सम्पन्न 'खेलो इंडिया' खेलों के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुए।