नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ, ये है पूरा मंत्रिमंडल

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नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ, ये है पूरा मंत्रिमंडल

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में देश में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने पीएम नरेन्द्र मोदी को बुधवार शाम सात बजे दोबारा प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई। जिसके बाद ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह ने व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंत्री पद की शपथ ली। बता दें कि राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ से सांसद हैं, जबकि अमित शाह गुजरात के गांधीनगर से सांसद चुने गए हैं। अमित शाह के बाद नागपुर से चुनाव जीतने वाले नितिन गडकरी ने संविधान की सौगंध खाकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इनके बारे में कहा जाता है कि उन्हे समय पर अपने काम पूरे करने में महारत हासिल है।

Pm Narendra Modi Mantrimandal :

बाद में डीवी सदानंद गौड़ा ने मंत्री पद की शपथ ली। वो कर्नाटक लोकसभा सीट से जीते हैं। वो इससे पहले भी मोदी मंत्रीमंडल में रहे हैं। इसी क्रम में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंत्री पद की शपथ ली। उन्होने बीते कार्यकाल में कांग्रेस द्वारा बीजेपी सरकार पर लगाए है राफेल घोटाले के आरोप में सरकार का बचाव करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी के साथ वो पूर्णकालिक रक्षामंत्री रहने वाली पहली महिला बनी। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष व पिछली सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति रहने वाले रामविलास पासवान ने मंत्री पद की शपथ ली। वो इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़े थे। उनकी पार्टी ने बिहार में छह लोकसभा सीटें जीती हैं। जिसके बाद नरेन्द्र सिंह तोमर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वो मध्य प्रदेश के बड़े नेता हैं,​ जिनकी यहां ठाकुरों में अच्छी पकड़ रखी जाती है।

इसी के क्रम में ​रविशंकर प्रसाद ने शपथ ली। वो पिछले शासनकाल में कानून एवं आईटी मंत्री थे। बता दें ​रविशंकर प्रसाद ने पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा को हराया है। रविशंकर प्रसाद अटल बिहारी बाजपेई के साथ भी मंत्री रहे थे। जिसके बाद हरसिमरत सिंह कौर बादल ने शपथ ली। वो अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल की पत्नी है, जो भटिंडा से चुनाव जीत कर आई हैं। तत्पश्चार थावर चंन्द्र गहलोत ने शपथ ली। वो मध्य प्रदेश में बीजेपी के बड़े ​दलित चेहरे हैं। थावर चन्द्र पिछली सामाजिक न्याय मंत्री का पद संभाल चुके हैंं। उनका संघ के साथ लंबा जुड़ाव रहा हैं। एस जयशंकर ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। वो चीन और अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वो इसी वर्ष पदृमश्री से सम्मानित हो चुके हैं।

जिसके बाद रमेश पोखरियाल निशंक ने मंत्रीपद की शपथ ली। वो 1991 के बाद से लगातार पांच बाद विधायक रहे है। वो हरिद्वार से लगातार दूसरी बार चुनाव जीत कर आए हैं। तत्पश्तात अर्जुन मुंडा ने शप​थ ली। वो तीन बाद झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। अर्जुन 1995 में पहली बाद विधायक बने। वो खुंटी लोकसभा सीट से सांसद चुनकर आए हैं। झारखंड में बीजेपी की कुल 14 सीटें हैं। इसके बाद स्म्रति ईरानी ने पद की शपथ ली। वो ​पिछली सरकार में टेक्सटाइल विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। बता दें कि वो अमेठी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर आई हैं। अमेठी सीट पर लगातार कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। उन्होने 42 साल बाद अमेठी से कांग्रेस को हटाया है। तत्पश्चात हर्षवर्धन ने शपथ ली। वो दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे। वो दिल्ली के चांदनी चौक से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। बाद प्रकाश जावड़ेकर ने शपथ ली। वो 2014 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद बने। साथ ही महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रवक्ता भी रहे।

इसी क्रम में पियूष गोयल ने शपथ ली। वो उर्जा, रेल समेत अरूण जेटली की गैरमौजूदगी में वित्त मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। अब उन्हे दोबारा मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। वो पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रहे हैं। इनके बाद धर्मेन्द्र प्रधान ने मंत्री पद की शपथ ली। वो मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए हैं। वो छात्र जीवन से ही आरएसएस में शामिल हो गए थे। पिछली सरकार में तेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वो अमित शाह के विश्वस्त हैंं। बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने मंत्री पद की शपथ ली। वो अटल सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रहे। वो बीजेपी के बड़े अल्पसंख्यक चेहरा हैं। उनके बाद प्रहलाद जोशी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वो आरएसएस के बहुत ही करीबी माने जाते है व कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार चौथी बाद सांसद चुनकर आए हैं। साथ ही वो कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

जिसके बाद यूपी बीजेपी के अध्यक्ष महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने मंत्री पद की शपथ ली। वो मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। वो यूपी के चंदौली से सांसद चुनकर आए हैं। उन्हे यूपी में मिली शानदार जीत का इनाम दिया गया है। अरविंद सांवत ने मंत्री पद की शपथ ली। वो मुंबई दक्षिण से शिवसेना के सांसद हैं। ये मोदी कैबिनेट में पहली बार मंत्री बने हैं। वो शिवसेना के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। अरविन्द लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। इनके बाद गिरीराज सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। वो बिहार के बेगुसराय से चुनाव जीत कर आए हैं। उन्होने सीबीआई के कन्हैया कुमार को हराया था। वो बिहार सरकार के मंत्री भी रह चुके है।वो नवादा सीट बदले जाने को लेकर कई दिनों तक पार्टी से नाराज भी रहे थे। गिरीराज सिंह अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चे में रहते हैं।

तत्पश्चार गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंत्री पद की शपथ ली। वो पिछली सरकार में भी मंत्री रहे हैं। वो राजस्थान के जोधपुर से सांसद बनकर आए हैं। वो स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े रहे है। उन्होने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे को चुनाव मे हराया है।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में संतोष कुमार गंगवार ने शपथ ली। वो बरेली से आठ बार सांसद बनकर आए हैं। आठ बार लोकसभा सदस्य रहे है। वो भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हैं। जिसके बाद राव इन्द्रजीत सिंह ने शपथ ली। वो पांचवी बार लोकसभा सदस्य बने हैं। वो सितंबर 2013 तक कांग्रेस में थे। वो हरियाणा के पूर्व सीएम राव बीरेन्द्र सिंह के बेटे हैं। तत्पश्चार श्रीपद नाइक ने पद की शपथ ली। वो पिछली सरकार में आयुष मंत्री रहे। वो 1999 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। इनके बाद डॉ​ जितेन्द्र सिंह ने शपथ ली। वो जम्मू कश्मीर के उधमपुर से चुनाव जीत कर आए हैं। वो कार्मिक और पूर्वोत्तर विकास राज्यमंत्री रहे। वो दोबारा सांसद बने हैं। पिछली सरकार में पीएमओ का जिम्मा भी इनके उपर ही था। इसके बाद किरण रिजीजू ने शपथ ली। वो नार्थ ईष्ट में बीजेपी के बड़े नेता हैं। वो अरूणाचल पश्चिम से चुनाव जीतकर आए हैं। वो पहली बाद 2004 में पहली बार संसद पहुंचे थे, वो पिछली सरकार में केन्द्रीय ग्रह राज्यमंत्री बोलते हैं। इनके बाद प्रहलाद पटेल ने राज्यमंत्री की शपथ ली। वो पांचवी बाद सांसद बने हैं। वो असंगठित मजदूर संघ के अध्यक्ष रहे हैं। वो अटल बिहारी की सरकार में भी राज्यमंत्री थे।

तत्पश्चार राजकुमार सिंह ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो बिहार के आरा से चुनाव जीत कर आए हैं। वो पिछली सरकार में उर्जा राज्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होने 1990 में आडवाणी का रथ रोंककर खूब सुर्खियां बटोरी थी। वो यूपीए सरकार में ग्रह सचिव रहे हैं। इनके बाद पिछली सरकार में शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शपथ ली। वो अम्रतसर से चुनाव लड़े ​थे। जहां से चुनाव हार गए। वो आईएफएस अधिकारी रहे हैं। इनके बाद मनसुख बसावा ने शपथ ली। वो साइकिल से संसद जाते थे। वो गुजरात के सबसे विधायक रहे हैं। इनके बाद फग्गन सिंह कुलस्ते ने शपथ ली। वो आदिवासियों के बड़े नेता हैं। इनके बाद अश्विनी चौबे ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो बिहार के बक्सर से चुनाव जीत कर आए हैं। वो पिछली सरकार स्वास्थ्य राज्यमंत्री रह चुके हैं। ये जनसंघ के दिनों से पार्टी में थे।

इसके बाद अर्जुन राम मेघवाल ने शपथ ली। वो जल संसाधन एवं गंगा सफाई के राज्यमंत्री रहे। वो राजस्थान के प्रसाशनिक सेवा के अधिकारी है। वो पिछली सरकार में वित्त राज्यमंत्री रहे। वो बीकानेर से सांसद बनकर आए है। इसके बाद जनरल ​वीके सिंह ने पद की शपथ ली। वो 2014 में बीजेपी में शामिल हुए। वो गाजियाबाद से दूसरी बार सांसद बनकर आए हैं। वो भारतीय सेना के चीफ भी रहे है। इनके बाद क्रष्णपाल गुर्जर ने शपथ ली। वो पिछली सरकार में सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रहे। वो 1994 में पार्षद बने। वो हरियाणा के फरीदाबाद से चुनाव जीतकर आए हैं। तत्पश्चात दादाराव पाटिल दानवे ने शपथ ली। इनके बाद गंगापुरम किशन रेडृडी ने शपथ ली। वो तेलंगाना के सिकंदराबाद से चुनाव जीतकर आए हैं। वो यहां विधायक दल के नेता भी हैं। इनके बाद पुरूषोत्तम रूपाला ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो मोदी सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे। वहीं गुजरात सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वो गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। वो तीन बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।

तत्पश्चात रामदास अठावले ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो रिपब्लिकन पार्टी आफ इण्डिया के अध्यक्ष हैं। वो महाराष्ट्र से सांसद चुनकर आए हैं। वो 2014 में पहली बाद राज्यसभा सांसद चुने गए। इसके बाद साध्वी निरंजन ज्योति ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो यूपी के फतेजपुर से सांसद चुनकर आई हैं। वो पिछली सरकार में भी राज्यमंत्री भी रही। उन्हे कुंभ में ​नीलेश्वर की उपाधि दी गई थी। इसके बाबुल सुप्रियों ने शपथ ली। वो लगातार दूसरी बाद बंगाल के आसनसोल से सांसद चुनकर आए हैं। वो पिछले कार्यकाल में भी राज्यमंत्री रह चुके हैं। जिसके बाद संजीव कुमार बालियान ने शपथ ली। वो मुजफफनगर से चुनाव जीतकर आए हैं। वो पश्चिमी यूपी में बीजेपी के बड़े चेहरे हैं। इनके बाद संजय धोत्रे ने शपथ ली। वो महाराष्ट्र के अकोला से लगातार चौथी बार सांसद बनकर आए हैं। इनके बाद अनुराग सिंह ठाकुर ने शपथ ली। वो हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। वो हिचाचल के हमीरपुर से लगातार चौथी बार सांसद चुने गए हैं। साथ ही वो बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे।

इसके बाद सुरेन्द्र अंगाड़ी ने शपथ ली। वो कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। वो पेशे से कारोबारी हैं। वो कर्नाटक के बेलगाम से सांसद चुने गए हैं। इनके बाद नित्यानंद राय ने पद की शपथ ली। वो बिहार के उजियारपुर से लगातार दूसरी बार सांसद चुनकर आए हैं। उन्होने एबीवीपी से अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होने उपेन्द्र कुशवाहा को भारी मतों से हराया हैं। वो 2000 में पहली बार हाजीपुर से विधायक चुने गए थे। इसके बाद रतन लाल कटारिया ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो अंबाला से सांसद चुनाव जीते हैं। इसके बाद वी मुरलीधरन ने शपथ ली। वो केरल बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं। वो महाराष्ट्र से सांसद चुने गए हैं। उन्होने एबीवीपी से अपने राजनैतिक कैरियल की शुरुआत की है। इसके बाद रेणुका सिंह सरोता ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो छत्तीसगढ़ से आदिवासी चेहरा हैं। इसके बाद सोमप्रकाश ने शपथ ली। वो पंजाब के होशियारपुर से सांसद बनकर आए हैं।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में देश में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने पीएम नरेन्द्र मोदी को बुधवार शाम सात बजे दोबारा प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई। जिसके बाद ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह ने व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंत्री पद की शपथ ली। बता दें कि राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ से सांसद हैं, जबकि अमित शाह गुजरात के गांधीनगर से सांसद चुने गए हैं। अमित शाह के बाद नागपुर से चुनाव जीतने वाले नितिन गडकरी ने संविधान की सौगंध खाकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इनके बारे में कहा जाता है कि उन्हे समय पर अपने काम पूरे करने में महारत हासिल है। बाद में डीवी सदानंद गौड़ा ने मंत्री पद की शपथ ली। वो कर्नाटक लोकसभा सीट से जीते हैं। वो इससे पहले भी मोदी मंत्रीमंडल में रहे हैं। इसी क्रम में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंत्री पद की शपथ ली। उन्होने बीते कार्यकाल में कांग्रेस द्वारा बीजेपी सरकार पर लगाए है राफेल घोटाले के आरोप में सरकार का बचाव करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी के साथ वो पूर्णकालिक रक्षामंत्री रहने वाली पहली महिला बनी। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष व पिछली सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति रहने वाले रामविलास पासवान ने मंत्री पद की शपथ ली। वो इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़े थे। उनकी पार्टी ने बिहार में छह लोकसभा सीटें जीती हैं। जिसके बाद नरेन्द्र सिंह तोमर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वो मध्य प्रदेश के बड़े नेता हैं,​ जिनकी यहां ठाकुरों में अच्छी पकड़ रखी जाती है। इसी के क्रम में ​रविशंकर प्रसाद ने शपथ ली। वो पिछले शासनकाल में कानून एवं आईटी मंत्री थे। बता दें ​रविशंकर प्रसाद ने पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा को हराया है। रविशंकर प्रसाद अटल बिहारी बाजपेई के साथ भी मंत्री रहे थे। जिसके बाद हरसिमरत सिंह कौर बादल ने शपथ ली। वो अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल की पत्नी है, जो भटिंडा से चुनाव जीत कर आई हैं। तत्पश्चार थावर चंन्द्र गहलोत ने शपथ ली। वो मध्य प्रदेश में बीजेपी के बड़े ​दलित चेहरे हैं। थावर चन्द्र पिछली सामाजिक न्याय मंत्री का पद संभाल चुके हैंं। उनका संघ के साथ लंबा जुड़ाव रहा हैं। एस जयशंकर ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। वो चीन और अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वो इसी वर्ष पदृमश्री से सम्मानित हो चुके हैं। जिसके बाद रमेश पोखरियाल निशंक ने मंत्रीपद की शपथ ली। वो 1991 के बाद से लगातार पांच बाद विधायक रहे है। वो हरिद्वार से लगातार दूसरी बार चुनाव जीत कर आए हैं। तत्पश्तात अर्जुन मुंडा ने शप​थ ली। वो तीन बाद झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। अर्जुन 1995 में पहली बाद विधायक बने। वो खुंटी लोकसभा सीट से सांसद चुनकर आए हैं। झारखंड में बीजेपी की कुल 14 सीटें हैं। इसके बाद स्म्रति ईरानी ने पद की शपथ ली। वो ​पिछली सरकार में टेक्सटाइल विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। बता दें कि वो अमेठी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर आई हैं। अमेठी सीट पर लगातार कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। उन्होने 42 साल बाद अमेठी से कांग्रेस को हटाया है। तत्पश्चात हर्षवर्धन ने शपथ ली। वो दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे। वो दिल्ली के चांदनी चौक से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। बाद प्रकाश जावड़ेकर ने शपथ ली। वो 2014 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद बने। साथ ही महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रवक्ता भी रहे। इसी क्रम में पियूष गोयल ने शपथ ली। वो उर्जा, रेल समेत अरूण जेटली की गैरमौजूदगी में वित्त मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। अब उन्हे दोबारा मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। वो पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रहे हैं। इनके बाद धर्मेन्द्र प्रधान ने मंत्री पद की शपथ ली। वो मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए हैं। वो छात्र जीवन से ही आरएसएस में शामिल हो गए थे। पिछली सरकार में तेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वो अमित शाह के विश्वस्त हैंं। बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने मंत्री पद की शपथ ली। वो अटल सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रहे। वो बीजेपी के बड़े अल्पसंख्यक चेहरा हैं। उनके बाद प्रहलाद जोशी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वो आरएसएस के बहुत ही करीबी माने जाते है व कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार चौथी बाद सांसद चुनकर आए हैं। साथ ही वो कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जिसके बाद यूपी बीजेपी के अध्यक्ष महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने मंत्री पद की शपथ ली। वो मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। वो यूपी के चंदौली से सांसद चुनकर आए हैं। उन्हे यूपी में मिली शानदार जीत का इनाम दिया गया है। अरविंद सांवत ने मंत्री पद की शपथ ली। वो मुंबई दक्षिण से शिवसेना के सांसद हैं। ये मोदी कैबिनेट में पहली बार मंत्री बने हैं। वो शिवसेना के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। अरविन्द लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। इनके बाद गिरीराज सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। वो बिहार के बेगुसराय से चुनाव जीत कर आए हैं। उन्होने सीबीआई के कन्हैया कुमार को हराया था। वो बिहार सरकार के मंत्री भी रह चुके है।वो नवादा सीट बदले जाने को लेकर कई दिनों तक पार्टी से नाराज भी रहे थे। गिरीराज सिंह अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चे में रहते हैं। तत्पश्चार गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंत्री पद की शपथ ली। वो पिछली सरकार में भी मंत्री रहे हैं। वो राजस्थान के जोधपुर से सांसद बनकर आए हैं। वो स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े रहे है। उन्होने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे को चुनाव मे हराया है।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में संतोष कुमार गंगवार ने शपथ ली। वो बरेली से आठ बार सांसद बनकर आए हैं। आठ बार लोकसभा सदस्य रहे है। वो भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हैं। जिसके बाद राव इन्द्रजीत सिंह ने शपथ ली। वो पांचवी बार लोकसभा सदस्य बने हैं। वो सितंबर 2013 तक कांग्रेस में थे। वो हरियाणा के पूर्व सीएम राव बीरेन्द्र सिंह के बेटे हैं। तत्पश्चार श्रीपद नाइक ने पद की शपथ ली। वो पिछली सरकार में आयुष मंत्री रहे। वो 1999 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। इनके बाद डॉ​ जितेन्द्र सिंह ने शपथ ली। वो जम्मू कश्मीर के उधमपुर से चुनाव जीत कर आए हैं। वो कार्मिक और पूर्वोत्तर विकास राज्यमंत्री रहे। वो दोबारा सांसद बने हैं। पिछली सरकार में पीएमओ का जिम्मा भी इनके उपर ही था। इसके बाद किरण रिजीजू ने शपथ ली। वो नार्थ ईष्ट में बीजेपी के बड़े नेता हैं। वो अरूणाचल पश्चिम से चुनाव जीतकर आए हैं। वो पहली बाद 2004 में पहली बार संसद पहुंचे थे, वो पिछली सरकार में केन्द्रीय ग्रह राज्यमंत्री बोलते हैं। इनके बाद प्रहलाद पटेल ने राज्यमंत्री की शपथ ली। वो पांचवी बाद सांसद बने हैं। वो असंगठित मजदूर संघ के अध्यक्ष रहे हैं। वो अटल बिहारी की सरकार में भी राज्यमंत्री थे। तत्पश्चार राजकुमार सिंह ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो बिहार के आरा से चुनाव जीत कर आए हैं। वो पिछली सरकार में उर्जा राज्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होने 1990 में आडवाणी का रथ रोंककर खूब सुर्खियां बटोरी थी। वो यूपीए सरकार में ग्रह सचिव रहे हैं। इनके बाद पिछली सरकार में शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शपथ ली। वो अम्रतसर से चुनाव लड़े ​थे। जहां से चुनाव हार गए। वो आईएफएस अधिकारी रहे हैं। इनके बाद मनसुख बसावा ने शपथ ली। वो साइकिल से संसद जाते थे। वो गुजरात के सबसे विधायक रहे हैं। इनके बाद फग्गन सिंह कुलस्ते ने शपथ ली। वो आदिवासियों के बड़े नेता हैं। इनके बाद अश्विनी चौबे ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो बिहार के बक्सर से चुनाव जीत कर आए हैं। वो पिछली सरकार स्वास्थ्य राज्यमंत्री रह चुके हैं। ये जनसंघ के दिनों से पार्टी में थे। इसके बाद अर्जुन राम मेघवाल ने शपथ ली। वो जल संसाधन एवं गंगा सफाई के राज्यमंत्री रहे। वो राजस्थान के प्रसाशनिक सेवा के अधिकारी है। वो पिछली सरकार में वित्त राज्यमंत्री रहे। वो बीकानेर से सांसद बनकर आए है। इसके बाद जनरल ​वीके सिंह ने पद की शपथ ली। वो 2014 में बीजेपी में शामिल हुए। वो गाजियाबाद से दूसरी बार सांसद बनकर आए हैं। वो भारतीय सेना के चीफ भी रहे है। इनके बाद क्रष्णपाल गुर्जर ने शपथ ली। वो पिछली सरकार में सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रहे। वो 1994 में पार्षद बने। वो हरियाणा के फरीदाबाद से चुनाव जीतकर आए हैं। तत्पश्चात दादाराव पाटिल दानवे ने शपथ ली। इनके बाद गंगापुरम किशन रेडृडी ने शपथ ली। वो तेलंगाना के सिकंदराबाद से चुनाव जीतकर आए हैं। वो यहां विधायक दल के नेता भी हैं। इनके बाद पुरूषोत्तम रूपाला ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो मोदी सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे। वहीं गुजरात सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वो गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। वो तीन बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। तत्पश्चात रामदास अठावले ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो रिपब्लिकन पार्टी आफ इण्डिया के अध्यक्ष हैं। वो महाराष्ट्र से सांसद चुनकर आए हैं। वो 2014 में पहली बाद राज्यसभा सांसद चुने गए। इसके बाद साध्वी निरंजन ज्योति ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो यूपी के फतेजपुर से सांसद चुनकर आई हैं। वो पिछली सरकार में भी राज्यमंत्री भी रही। उन्हे कुंभ में ​नीलेश्वर की उपाधि दी गई थी। इसके बाबुल सुप्रियों ने शपथ ली। वो लगातार दूसरी बाद बंगाल के आसनसोल से सांसद चुनकर आए हैं। वो पिछले कार्यकाल में भी राज्यमंत्री रह चुके हैं। जिसके बाद संजीव कुमार बालियान ने शपथ ली। वो मुजफफनगर से चुनाव जीतकर आए हैं। वो पश्चिमी यूपी में बीजेपी के बड़े चेहरे हैं। इनके बाद संजय धोत्रे ने शपथ ली। वो महाराष्ट्र के अकोला से लगातार चौथी बार सांसद बनकर आए हैं। इनके बाद अनुराग सिंह ठाकुर ने शपथ ली। वो हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। वो हिचाचल के हमीरपुर से लगातार चौथी बार सांसद चुने गए हैं। साथ ही वो बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद सुरेन्द्र अंगाड़ी ने शपथ ली। वो कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। वो पेशे से कारोबारी हैं। वो कर्नाटक के बेलगाम से सांसद चुने गए हैं। इनके बाद नित्यानंद राय ने पद की शपथ ली। वो बिहार के उजियारपुर से लगातार दूसरी बार सांसद चुनकर आए हैं। उन्होने एबीवीपी से अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होने उपेन्द्र कुशवाहा को भारी मतों से हराया हैं। वो 2000 में पहली बार हाजीपुर से विधायक चुने गए थे। इसके बाद रतन लाल कटारिया ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो अंबाला से सांसद चुनाव जीते हैं। इसके बाद वी मुरलीधरन ने शपथ ली। वो केरल बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं। वो महाराष्ट्र से सांसद चुने गए हैं। उन्होने एबीवीपी से अपने राजनैतिक कैरियल की शुरुआत की है। इसके बाद रेणुका सिंह सरोता ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वो छत्तीसगढ़ से आदिवासी चेहरा हैं। इसके बाद सोमप्रकाश ने शपथ ली। वो पंजाब के होशियारपुर से सांसद बनकर आए हैं।