सोनिया के गढ़ में नहीं चला ‘मोदी मैजिक’, खाली रहीं आधी से ज्यादा कुर्सियां

narendra modi
सोनिया के गढ़ में नहीं चला 'मोदी मैजिक', खाली रहीं आधी से ज्यादा कुर्सियां

रायबरेली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार जनसभा करने पहुंचे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला रायबरेली दौरा था। इसलिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। बीजेपी नेताओं को उम्मीद थी कि जनसभा में लोगों का भारी हुजूम देखने को मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। रैली में अपेक्षाकृत भीड़ नहीं दिखी। वहां मंच के समीप तक की कुर्सियां खाली नजर आ रही थी।

Pm Narendra Modi Rally Not Crowd At Raebareli :

मोदी के कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं की सजगता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद सीएम योगी इस पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग कर रहे थे। तमाम प्रशासनिक महकमा भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन रात लगा हुआ था। लेकिन रैली के दौरान भीड़ की स्थिति देखकर आसानी से अंदाजा लगाया सकता था कि या तो भाजपा नेताओं ने तैयारियां मजबूत ढंग से नहीं की या ‌फिर प्रधानमंत्री मोदी का जादू आम जनता में हल्का पड़ने लगा है।

रैली के दौरान दूर तक काफी मात्रा में सीटें खाली पड़ी हुई थींं। शायद यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री की रैली को तय समय से एक घंटा देरी से शुरू किया गया, लेकिन तब तक भी भीड़ नहीं जुट सकी। प्रधानमंत्री मोदी के मंच पर रहने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं ने भी भाषण दिया लेकिन तब तक भी पंडाल औेर खाली पड़ी कुर्सियां नहीं भर सकी। नतीजतन प्रधानमंत्री मोदी को भी उस आधी अधूरी भीड़ के बीच ही अपना भाषण देना पडा। स्‍थानीय पत्रकार उपेन्द्र सिंह ने बताया कि रायबरेली में जिस तरह सोनिया गांधी की रैलियों में भीड़ जुटती है वो नजारा प्रधानमंत्री मोदी की रैली में नजर नहीं आया।

पीएम मोदी के आने से पहले रायबरेली समते अन्य जिलों से भाजपा नेता व कार्यकर्ता भारी संख्या में लोगों को यहां पर लाने के लिए जुट गए थे। रायबरेली की सड़के पीएम मोगी के आगमन के पोस्टर व बैनरों से पटे पड़े थे, लेकिन उसका कोई फायदा देखने को नहीं मिला।

रायबरेली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार जनसभा करने पहुंचे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला रायबरेली दौरा था। इसलिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। बीजेपी नेताओं को उम्मीद थी कि जनसभा में लोगों का भारी हुजूम देखने को मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। रैली में अपेक्षाकृत भीड़ नहीं दिखी। वहां मंच के समीप तक की कुर्सियां खाली नजर आ रही थी। मोदी के कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं की सजगता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद सीएम योगी इस पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग कर रहे थे। तमाम प्रशासनिक महकमा भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन रात लगा हुआ था। लेकिन रैली के दौरान भीड़ की स्थिति देखकर आसानी से अंदाजा लगाया सकता था कि या तो भाजपा नेताओं ने तैयारियां मजबूत ढंग से नहीं की या ‌फिर प्रधानमंत्री मोदी का जादू आम जनता में हल्का पड़ने लगा है। रैली के दौरान दूर तक काफी मात्रा में सीटें खाली पड़ी हुई थींं। शायद यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री की रैली को तय समय से एक घंटा देरी से शुरू किया गया, लेकिन तब तक भी भीड़ नहीं जुट सकी। प्रधानमंत्री मोदी के मंच पर रहने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं ने भी भाषण दिया लेकिन तब तक भी पंडाल औेर खाली पड़ी कुर्सियां नहीं भर सकी। नतीजतन प्रधानमंत्री मोदी को भी उस आधी अधूरी भीड़ के बीच ही अपना भाषण देना पडा। स्‍थानीय पत्रकार उपेन्द्र सिंह ने बताया कि रायबरेली में जिस तरह सोनिया गांधी की रैलियों में भीड़ जुटती है वो नजारा प्रधानमंत्री मोदी की रैली में नजर नहीं आया। पीएम मोदी के आने से पहले रायबरेली समते अन्य जिलों से भाजपा नेता व कार्यकर्ता भारी संख्या में लोगों को यहां पर लाने के लिए जुट गए थे। रायबरेली की सड़के पीएम मोगी के आगमन के पोस्टर व बैनरों से पटे पड़े थे, लेकिन उसका कोई फायदा देखने को नहीं मिला।