मिशन गुजरात पर गरजे पीएम मोदी, बोले विरोधियों के उछाले कीचड़ में आसानी से खिलेगा कमल

मिशन गुजरात पर गरजे पीएम मोदी, बोले विरोधियों के उछाले कीचड़ में आसानी से खिलेगा कमल

भुज। इन दिनों देश की राजनीति गुजरात के इर्द​ गिर्द घूम रही है। राहुल गांधी पिछले एक महीने से गुजरात की सियासत में सक्रिय हैं, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गृह प्रदेश गुजरात में सोमवार से अपने प्रचार कार्यक्रम को शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह भुज पहुंचे पीएम मोदी ने आशादेवी मंदिर में पूजा अर्जना कर अपने मिशन गुजरात को शुरू करते हुए भुज में ही पहली चुनावी रैली को संबोधित किया। इस रैली में पीएम मोदी पूरी तरह से अपने अंदाज में नजर आए और उन्होंने किसी नेता का नाम लिए बिना ही अपनी बात कह डाली। उन्होंने गुजरात की जनता को गुजराती में संबोधित करते हुए कहा कि विरोधियों ने ​जितना कीचड़ उछाला है उसमें कमल आसानी से खिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात ने उन्हें बड़ा किया है। गुजरात जानता है कि आज तक उन पर एक आरोप नहीं लगा है। वह चाय बेंचते रहें हैं, लेकिन देश नहीं बेचा है। अब चुनाव गुजरात के लोगों को करना कि वे किस रास्ते जाना चाहते हैं जो विकास की ओर जाता है या​ फिर वो जो वंशवाद की ओर जाता है। कांग्रेस के पास न तो नीति है, न तो नियत है और न ही नेता है।

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अपने भाषण में अपने किसी भी विरोधी का नाम लिए बिना नरेन्द्र मोदी ने एक के बाद एक कई ऐसे प्रहार किए जो गुजरात की जनता के अंतर मन को प्रभावित कर सकें। उन्होंने गुजरात को अपनी आत्मा और देश को परमात्मा करार देते हुए कहा कि कांग्रेस की गुजराती समुदाय के प्रति भावना कभी अच्छी नहीं रही। एक समय था जब सरदार बल्लभ भाई पटेल का प्रधानमंत्री बनाना तय था तब कांग्रेस आड़े आ गई। अब देश ने एक गुजरात के बेटे को अपना प्रधानमंत्री चुन लिया है तो कांग्रेस उसे स्वीकार नहीं कर पा रही है। गुजरात के बेटे पर आरोप मढ़े जा रहे हैं।

उन्होंने 26 जनवरी 2001 को भुज में आए भीषण भूकंप की याद दिलाते हुए कहा कि गुजरात जब सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा था, तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने उन्हें गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी थी। एक तरह से भुज को दोबारा खड़ा करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। बतौर मुख्यमंत्री वह राजनीति में नए थे। गुजरात ने उन्हें बड़ा बनाया।

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उन्होंने कच्छ से होने वाले पलायन का जिक्र छेड़ते हुए कहा कि एक वो समय भी था जब कच्छ के लोग पानी की वजह से पलायन करने को मजबूर थे। आज कच्छ में पानी की समस्या नहीं है, किसी को पानी की वजह से पलायन नहीं करना पड़ रहा। कांग्रेस 45 सालों तक यहां सत्ता में रही लेकिन वह इस समस्या का हल नहीं कर पाई।

अपने भाषण से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता को तीन संदेश स्पष्ट शब्दों में दिए हैं। पहला कि यह चुनाव वह अपने चेहरे पर लड़ रहे हैं जिसके साथ गुजरात की अस्मिता जुड़ी हुई है। दूसरा कांग्रेस का भ्रष्टाचार और वंशवाद आज भी मुद्दा है, जिसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता। तीसरा गुजरात के विकास को नकारने वालों के पास कोई ऐसा मॉडल नहीं है, जिससे वे गुजरात या फिर देश को विकास के रास्ते पर ले जा सकें।

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