PMC बैंक घोटाले पर बोली वित्त मंत्री: सरकार नहीं, RBI देख रहा पूरा प्रकरण

nirmala sitaraman
PMC बैंक घोटाले पर बोली वित्त मंत्री: सरकार नहीं,RBI देख रहा पूरा प्रकरण

मुंबई। देश के बहुचर्चित 4,355 करोड़ रुपए के पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान आया है। वित्त मंत्री ने मुंबई बीजेपी कार्यालय में मीडिया से कहा कि सरकार का इस बैंक घोटाले से कोई लेना देना नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस प्रकरण को देख रहा है। इससे पहले निर्मला सीतारमण मुंबई में बीजेपी दफ्तर के बाहर पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं से भी मिलीं।

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पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ताओं ने बुधवार को भी दिल्ली में कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, बैंक के पूर्व अध्यक्ष और एचडीआईएल के दो निदेशकों की पुलिस हिरासत को यहां की एक अदालत ने बुधवार को 14 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया।

दरअसल जमाकर्ता अपने बैंक से धन नहीं निकाल पा रहे हैं क्योंकि बैंक की स्थिति को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगे हुए हैं। प्रदर्शनकारी ‘ओनली जेल, नो बेल के नारे लगा रहे थे। उनमें से कइयों के हाथों में तख्तियां भी थी। एक तख्ती पर लिखे नारे में आरबीआई को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

पीएमसी बैंक फिलहाल रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक के अंतर्गत काम कर रहा है। बैंक के पूर्व प्रबंधकों की पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। पीएमसी 11,600 करोड़ रुपये से अधिक जमा के साथ देश के शीर्ष 10 सहकारी बैंकों में से एक है।

बैंक के कामकाज में अनियमितताएं और रीयल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिये गये कर्ज के बारे में सही जानकारी नहीं देने को लेकर उस पर नियामकीय पाबंदी लगाई गयी है। बैंक ने एचडीआईएल को अपने कुल कर्ज 8,880 करोड़ रुपये में से 6,500 करोड़ रुपये का ऋण दिया था।

मुंबई। देश के बहुचर्चित 4,355 करोड़ रुपए के पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान आया है। वित्त मंत्री ने मुंबई बीजेपी कार्यालय में मीडिया से कहा कि सरकार का इस बैंक घोटाले से कोई लेना देना नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस प्रकरण को देख रहा है। इससे पहले निर्मला सीतारमण मुंबई में बीजेपी दफ्तर के बाहर पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं से भी मिलीं। पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ताओं ने बुधवार को भी दिल्ली में कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, बैंक के पूर्व अध्यक्ष और एचडीआईएल के दो निदेशकों की पुलिस हिरासत को यहां की एक अदालत ने बुधवार को 14 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया। दरअसल जमाकर्ता अपने बैंक से धन नहीं निकाल पा रहे हैं क्योंकि बैंक की स्थिति को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगे हुए हैं। प्रदर्शनकारी 'ओनली जेल, नो बेल के नारे लगा रहे थे। उनमें से कइयों के हाथों में तख्तियां भी थी। एक तख्ती पर लिखे नारे में आरबीआई को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। पीएमसी बैंक फिलहाल रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक के अंतर्गत काम कर रहा है। बैंक के पूर्व प्रबंधकों की पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। पीएमसी 11,600 करोड़ रुपये से अधिक जमा के साथ देश के शीर्ष 10 सहकारी बैंकों में से एक है। बैंक के कामकाज में अनियमितताएं और रीयल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिये गये कर्ज के बारे में सही जानकारी नहीं देने को लेकर उस पर नियामकीय पाबंदी लगाई गयी है। बैंक ने एचडीआईएल को अपने कुल कर्ज 8,880 करोड़ रुपये में से 6,500 करोड़ रुपये का ऋण दिया था।