नीरव मोदी, Nirav Modi
नीरव मोदी की PNB को धमकी, कहा बंद कर लिए कर्ज लौटाने के रास्ते

नई दिल्ली। हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पीएनबी के साथ एलओयू (LOU- Letter Of Understanding) के जरिए अंजाम दी गई धोखाधड़ी की रकम के आंकड़े में 1300 करोड़ की नई रकम जुड़ गई है। सोमवार को पीएनबी की विदेश में स्थित एक शाखा की पड़ताल में ये नए एलओयू सामने आए हैं। जिसके बाद पीएनबी महाघोटाले की रकम 12,700 करोड़ के करीब पहुंच गई है। भारतीय जांच एजेंसियां का अनुमान है कि अन्य बैंकों से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को मिले लोन की रकम मिलाकर ये धोखाधड़ी 25000 करोड़ तक के आंकड़े तक पहुंच जाएगा। वहीं इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी समेंत उनकी कंपनियों के दस एग्जीक्यूटिव्स के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करवा लिया है

Pnb Gets New Bunch Of Forged Lou Worth 1300 Cr Issued To Nirav Modi And Mehul Choksi :

जैसा कि हम पहले ही आपको बता चुके हैं कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पीएनबी से एलओयू लेकर अन्य बैंकों की विदेश स्थित शाखाओं से बड़े लोन लिए थे। जिसके बाद इन दोनों ने न तो लोन चुकाया और न ही उसका ब्याज। बैंकों ने लोन खातों के एनपीए होने के बाद लोन के लिए गारंटी के रूप में जमा करवाए गए पीएनबी से जारी एलओयू को कैश करवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। जिसके बाद पीएनबी के कुछ कर्मचारियों की नियत के साथ—साथ नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कारगुजारी सामने आना शुरू हुई। फिलहाल इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें कार्रवाई कर रहीं हैं, जबकि बैंक के साथ धोखाधड़ी कर कानूनी शिकंजे में फंसे नीरव मोदी और मेहुल चौकसी अपने अन्य सहयोगियों के साथ विदेश भाग गए।

पीएनबी महाघोटाले के बाद देश की वित्तीय व्यवस्था का आधार मानी जाने वाली तमाम बैंकों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां ​हजारों करोड़ के एनपीए खातेदार से बसूली के लिए बैंके सरकारी एजेंसियों की मदद लेना चाहती हैं।

वहीं केन्द्र सरकार ने भी आरबीआई की मदद से करीब 9000 ऐसी कंपनियों की सूची जारी की है, जिन्हें बैंकों को किसी तरह के लोन देना जोखिम भरा होगा। ये कंपनियां नॉन परफार्मिंग कंपनियों के रूप में पहचानी जाएंगी।

जानकारों की माने तो नॉन परफॉर्मिंग कंपनियों को लेकर जिस तरह की गंभीरता भारत सरकार ने अब दिखाई है उसे सराहना चाहिए, भले ही यह देर से लिया गया फैसला हो लेकिन बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन की दृष्टि से यह सुधार की दिशा में लिया गया अहम कदम साबित होगा। अब तक हमारे बैंकिंग सिस्टम में ऐसी जोखिम प्रबंधन को ​लेकर जो उदासीनता रही है उसी का नतीजा है कि देश में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या और विक्रम कोठारी जैसे कारोबारी हजारों करोड़ का लोन लेकर बैंक को चक्कर लगवाते हैं। जब कानूनी सिकंजा कसा जाता है तो देश की आम जनता की रकम को लेकर विदेश भाग जाते हैं।