मेहुल चोकसी ने PNB के बाद पंजाब ऐंड सिंध बैंक को लगाया 44.1 करोड़ का चूना

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मेहुल चोकसी ने PNB के बाद पंजाब ऐंड सिंध बैंक को लगाया 44.1 करोड़ का चूना

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक को चूना लगाकर विदेश भागने वाले हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने पंजाब ऐंड सिंध बैंक (PSB) के साथ भी लगभग 44.1 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। यह पहली बार है, जब बैंक ने चोकसी द्वारा डिफॉल्ट के बारे में खुलकर जानकारी दी है।  
पीएसबी ने चोकसी को ‘विलफुल डिफॉल्टर’ घोषित करने के लिए नोटिस जारी किया है, बैंक ने उसके खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक ने कहा है कि चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड ने उससे लोन लिया था। चोकसी उस कंपनी में निदेशक के साथ-साथ गारंटर भी है। जब चोकसी ने लोन अमाउंट नहीं चुकाया तो 31 मार्च, 2018 को पीएसी ने उसे एनपीए में डाल दिया। बैंक को फरवरी में मालूम चला कि चोकसी और उसका परिवार देश से भाग गया है।

Pnb Mehul Choksi Cheated Punjab Sind Bank Of Rs 44 Crore :

बैंक ने चोकसी से कहा था कि वह लोन अमाउंट, ब्याज और अन्य शुल्कों का 23 अक्टूबर, 2018 को भुगतान कर दे। लेकिन जब चोकसी द्वारा ऐसा नहीं किया गया तो 17 सितंबर, 2019 को पीएसबी ने चोकसी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया। इसके साथ ही चोकसी बैंक के उन 27 अन्य डिफॉल्टरों की लिस्ट में शामिल हो गया है जिन्होंने बैंक को चूना लगाया है। ये सभी मुख्य रूप से नई दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ के हैं, उनमें से एक लखनऊ, दो चेन्नई से हैं, इन सब के खिलाफ रिकवरी सूट फाइल की गई है।

बता दें कि करीब 13 हजार करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी ज्वैलर नीरव मोदी का मेहुल चोकसी मामा है, इस घोटाले का खुलासा जनवरी 2018 में हुआ था। मेहुल चोकसी ने पीएनबी घोटाले के खुलासे से पहले ही नवंबर 2017 में कैरिबियाई द्वीप एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली थी।

मालूम हो कि इससे पहले जून महीने में करैबियाई देश एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउनी ने कहा था कि भारतीय बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में फरार मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द की जा सकती है, इसके बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि उसे भारतीय अधिकारियों के हवाले किया जा सकता है।

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक को चूना लगाकर विदेश भागने वाले हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने पंजाब ऐंड सिंध बैंक (PSB) के साथ भी लगभग 44.1 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। यह पहली बार है, जब बैंक ने चोकसी द्वारा डिफॉल्ट के बारे में खुलकर जानकारी दी है।   पीएसबी ने चोकसी को 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित करने के लिए नोटिस जारी किया है, बैंक ने उसके खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक ने कहा है कि चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड ने उससे लोन लिया था। चोकसी उस कंपनी में निदेशक के साथ-साथ गारंटर भी है। जब चोकसी ने लोन अमाउंट नहीं चुकाया तो 31 मार्च, 2018 को पीएसी ने उसे एनपीए में डाल दिया। बैंक को फरवरी में मालूम चला कि चोकसी और उसका परिवार देश से भाग गया है। बैंक ने चोकसी से कहा था कि वह लोन अमाउंट, ब्याज और अन्य शुल्कों का 23 अक्टूबर, 2018 को भुगतान कर दे। लेकिन जब चोकसी द्वारा ऐसा नहीं किया गया तो 17 सितंबर, 2019 को पीएसबी ने चोकसी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया। इसके साथ ही चोकसी बैंक के उन 27 अन्य डिफॉल्टरों की लिस्ट में शामिल हो गया है जिन्होंने बैंक को चूना लगाया है। ये सभी मुख्य रूप से नई दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ के हैं, उनमें से एक लखनऊ, दो चेन्नई से हैं, इन सब के खिलाफ रिकवरी सूट फाइल की गई है। बता दें कि करीब 13 हजार करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी ज्वैलर नीरव मोदी का मेहुल चोकसी मामा है, इस घोटाले का खुलासा जनवरी 2018 में हुआ था। मेहुल चोकसी ने पीएनबी घोटाले के खुलासे से पहले ही नवंबर 2017 में कैरिबियाई द्वीप एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली थी। मालूम हो कि इससे पहले जून महीने में करैबियाई देश एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउनी ने कहा था कि भारतीय बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में फरार मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द की जा सकती है, इसके बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि उसे भारतीय अधिकारियों के हवाले किया जा सकता है।