भूस्खलन से पोखरा व काठमांडू मार्ग अवरुद्ध

landslide_1473015855

महराजगंज:बरिश से नेपाल के कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। गुरुवार को बुटवल -पोखरा मार्ग पर पाल्पा, सिद्धबाबा व केराबारी के पास भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने घंटो मशक्कत कर जेसीबी से मलबों को हटवाया।

Pokhar And Kathmandu Block Blocked By Landslides :

बावजूद इसके रास्ता वन वे ही खुल पाया। इसी तरह मुग्लिंग के पास रास्ते पर पहाड़ गिरने से नरायनघाट -काठमांडू मार्ग भी कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है। कई पर्यटक व यात्री वाहन फंसे हुए। घंटो मशक्कत के बाद वाहनों को एकएक कर निकाला जा रहा है।

जहां-तहां थम गए वाहनों के पहिए

काठमांडू व  पोखरा मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना पर पर्यटक वाहनों के पहिए जहां-तहां थम गए हैं । सोनौली सीमा पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक रुके हुए हैं। उनके द्वारा लगातार नेपाल की लोकेशन लेकर वहां की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।

जिन घरों के लोग नेपाल घूमने के लिए गए हैं, उनके परिजन भी चिंतित हैं। आवागमन कब सुचारू रूप से शुरू होगा, यह कहा नहीं जा सकता है । बारिश के चलते फिसलन होने से भी दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।

उफ़नाई नेपाल की नदियां-

नेपाल के पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश ने तराई की तरफ आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। मेची, निंदा, विरिंग, मावारतुआ, नुनखोला, लोहन्द्र, बुढ़ीखोला, खेसिलिया, सुनसरी खोला, त्रियुगा, खुट्टी, चुरियाखोला, खाडो, महूली, रातो, हर्दी व लाल बकैया आदि नेपाल की प्रमुख नदियों व जल प्रपातों में पानी खतरे के निशान को छूने लगा है।

महराजगंज:बरिश से नेपाल के कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। गुरुवार को बुटवल -पोखरा मार्ग पर पाल्पा, सिद्धबाबा व केराबारी के पास भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने घंटो मशक्कत कर जेसीबी से मलबों को हटवाया। बावजूद इसके रास्ता वन वे ही खुल पाया। इसी तरह मुग्लिंग के पास रास्ते पर पहाड़ गिरने से नरायनघाट -काठमांडू मार्ग भी कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है। कई पर्यटक व यात्री वाहन फंसे हुए। घंटो मशक्कत के बाद वाहनों को एकएक कर निकाला जा रहा है। जहां-तहां थम गए वाहनों के पहिए काठमांडू व  पोखरा मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना पर पर्यटक वाहनों के पहिए जहां-तहां थम गए हैं । सोनौली सीमा पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक रुके हुए हैं। उनके द्वारा लगातार नेपाल की लोकेशन लेकर वहां की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जिन घरों के लोग नेपाल घूमने के लिए गए हैं, उनके परिजन भी चिंतित हैं। आवागमन कब सुचारू रूप से शुरू होगा, यह कहा नहीं जा सकता है । बारिश के चलते फिसलन होने से भी दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। उफ़नाई नेपाल की नदियां- नेपाल के पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश ने तराई की तरफ आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। मेची, निंदा, विरिंग, मावारतुआ, नुनखोला, लोहन्द्र, बुढ़ीखोला, खेसिलिया, सुनसरी खोला, त्रियुगा, खुट्टी, चुरियाखोला, खाडो, महूली, रातो, हर्दी व लाल बकैया आदि नेपाल की प्रमुख नदियों व जल प्रपातों में पानी खतरे के निशान को छूने लगा है।