पाकिस्तान के पसीने छुड़ाएगी ‘नाग’ स्वदेशी एंटी टैंक मिसाइल, पोखरण में हुआ सफल परीक्षण

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पाकिस्तान के पसीने छुड़ाएगी 'नाग' स्वदेशी एंटी टैंक मिसाइल, पोखरण में हुआ सफल परीक्षण

नई दिल्ली। भारत ने स्वदेशी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ के तीन सफल परीक्षण पूरे कर लिए। राजस्थान के पोकरण में रविवार को ‘नाग’ का दिन और रात दोनों समय परीक्षण किया गया। सेना के सूत्रों के अनुसार, इस एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ने अपने डमी टारगेट पर अचूक निशाना साधा। डीआरडीओ की ओर से विकसित और भारत डॉयनामिक्स लिमिटेड की तरफ से निर्मित नाग मिसाइल का परीक्षण सेना के अधिकारियों ने किया। यह मिसाइल सेना की ओर से तय मापदंडों पर एकदम खरी उतरी।

Pokhran Firing Range Indian Army Doveloped By Drdo Nag Missile Fire And Forget :

सैन्य सूत्रों का कहना है कि वैज्ञानिकों की उपस्थिति में सेना ने एंटी टैंक मिसाइल नाग की मारक क्षमता जांची। इस क्षेत्र में अलग-अलग मौसम में नाग मिसाइल के पूर्व में भी परीक्षण किए जा चुके हैं। रक्षा मंत्रालय नाग मिसाइल को सेना के लिए खरीदने का ऑर्डर पहले ही दे चुका है। नाग मिसाइल के उन्नत वर्जन में इंफ्रारेड सिस्टम लगाया गया है। इसकी मदद से यह मिसाइल अब अपने लक्ष्य को आसानी से पहचान कर सकती है। इस कारण अब इस मिसाइल की इतनी सटीकता है कि इसे फायर एंड फोरगेट कहा जाने लगा है।

थर्ड जेनरेशन गाइडेड एंटी-टैंक मिसाइल नाग का उत्पादन इस साल के अंत में शुरू हो जाएगा। अब तक इसका ट्रायल चल रहा था। साल 2018 में इस मिसाइल का विंटर यूजर ट्रायल (सर्दियों में प्रयोग) किया गया था। भारतीय सेना 8 हजार नाग मिसाइल खरीद सकती है जिसमें शुरुआती दौर में 500 मिसाइलों के आर्डर दिए जाने की संभावना है। नाग का निर्माण भारत में मिसाइल बनाने वाली अकेली सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (हैदराबाद) करेगी।

क्या हैं खासियतें

1. नाग मिसाइल युद्ध में दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर से ही ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।

2. रात के अंधेरे में भी अपने टारगेट को तबाह कर सकती है।

3. थर्मल टारगेट सिस्टम (टीटीएस) तकनीक पर काम करती है। इस तकनीक से ऑपरेशनल टैंक की थर्मल इमेज क्रिएट हो जाती है, जिसके बाद

4. टारगेट को लॉक करके मिसाइल दाग दी जाती है।

5. मिसाइल लॉन्च होने के बाद इमेजिन इंफ्रारेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करते हुए हिट करती है। लॉन्चिंग के बाद इसे किसी भी तरह
की एक्सटर्नल कमांड की जरूरत नहीं पड़ती।

6. मिसाइल का भार 93 पौंड यानी 42 किलो है

7. इसकी लंबाई 6 फुट 3 इंच यानी 1.90 मीटर है

8. मिसाइल का व्यास 190 एमएम यानी 7.5 इंच है

9. यह फाइव मिसाइल सिस्टम पर आधारित है

10. मिसाइल की स्पीड 230 एम/एस है

11. इसका गाइडेंस सिस्टम एक्टिव इमेजिन इंफ्रारेड रडार सीकर पर आधारित है

12. इसकी रेंज 500 मीटर से 04 किलोमीटर तक होगी।

नई दिल्ली। भारत ने स्वदेशी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'नाग' के तीन सफल परीक्षण पूरे कर लिए। राजस्थान के पोकरण में रविवार को 'नाग' का दिन और रात दोनों समय परीक्षण किया गया। सेना के सूत्रों के अनुसार, इस एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ने अपने डमी टारगेट पर अचूक निशाना साधा। डीआरडीओ की ओर से विकसित और भारत डॉयनामिक्स लिमिटेड की तरफ से निर्मित नाग मिसाइल का परीक्षण सेना के अधिकारियों ने किया। यह मिसाइल सेना की ओर से तय मापदंडों पर एकदम खरी उतरी। सैन्य सूत्रों का कहना है कि वैज्ञानिकों की उपस्थिति में सेना ने एंटी टैंक मिसाइल नाग की मारक क्षमता जांची। इस क्षेत्र में अलग-अलग मौसम में नाग मिसाइल के पूर्व में भी परीक्षण किए जा चुके हैं। रक्षा मंत्रालय नाग मिसाइल को सेना के लिए खरीदने का ऑर्डर पहले ही दे चुका है। नाग मिसाइल के उन्नत वर्जन में इंफ्रारेड सिस्टम लगाया गया है। इसकी मदद से यह मिसाइल अब अपने लक्ष्य को आसानी से पहचान कर सकती है। इस कारण अब इस मिसाइल की इतनी सटीकता है कि इसे फायर एंड फोरगेट कहा जाने लगा है। थर्ड जेनरेशन गाइडेड एंटी-टैंक मिसाइल नाग का उत्पादन इस साल के अंत में शुरू हो जाएगा। अब तक इसका ट्रायल चल रहा था। साल 2018 में इस मिसाइल का विंटर यूजर ट्रायल (सर्दियों में प्रयोग) किया गया था। भारतीय सेना 8 हजार नाग मिसाइल खरीद सकती है जिसमें शुरुआती दौर में 500 मिसाइलों के आर्डर दिए जाने की संभावना है। नाग का निर्माण भारत में मिसाइल बनाने वाली अकेली सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (हैदराबाद) करेगी। क्या हैं खासियतें 1. नाग मिसाइल युद्ध में दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर से ही ध्वस्त करने की क्षमता रखता है। 2. रात के अंधेरे में भी अपने टारगेट को तबाह कर सकती है। 3. थर्मल टारगेट सिस्टम (टीटीएस) तकनीक पर काम करती है। इस तकनीक से ऑपरेशनल टैंक की थर्मल इमेज क्रिएट हो जाती है, जिसके बाद 4. टारगेट को लॉक करके मिसाइल दाग दी जाती है। 5. मिसाइल लॉन्च होने के बाद इमेजिन इंफ्रारेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करते हुए हिट करती है। लॉन्चिंग के बाद इसे किसी भी तरह की एक्सटर्नल कमांड की जरूरत नहीं पड़ती। 6. मिसाइल का भार 93 पौंड यानी 42 किलो है 7. इसकी लंबाई 6 फुट 3 इंच यानी 1.90 मीटर है 8. मिसाइल का व्यास 190 एमएम यानी 7.5 इंच है 9. यह फाइव मिसाइल सिस्टम पर आधारित है 10. मिसाइल की स्पीड 230 एम/एस है 11. इसका गाइडेंस सिस्टम एक्टिव इमेजिन इंफ्रारेड रडार सीकर पर आधारित है 12. इसकी रेंज 500 मीटर से 04 किलोमीटर तक होगी।