राम मंदिर मामला: आत्मदाह की धमकी देने पर संत परमहंस गिरफ्तार

राम मंदिर निर्माण को आत्मदाह की धमकी देने पर संत परमहंस गिरफ्तार
राम मंदिर निर्माण को आत्मदाह की धमकी देने पर संत परमहंस गिरफ्तार

आयोद्धा। राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन कर रहे संत परमहंस को आत्मदाह की धमकी देने के आरोप में यूपी पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आपको बता दें कि महंत परमहंस ने कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार पांच दिसंबर तक राम मंदिर के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे, नहीं तो छह दिसंबर को वह आत्मदाह कर लेंगे।

Police Arrested Mahant Paramhans In Ayodhya :

ज्ञात हो कि संत परमहंस ने पहले भी इस मुद्दे पर आमरण अनशन किया था। उस दौरान महंत परमहंस ने कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार पांच दिसंबर तक राम मंदिर के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे, नहीं तो छह दिसंबर को वह आत्मदाह कर लेंगे। तब पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर पीजीआई में भर्ती कराया था। पीजीआई में खुद सीएम योगी ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया था।

तपस्वी ने सजा रखी थी चिता

केंद्र की मोदी सरकार के राम मंदिर निर्माण को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश की मांग करते हुए महंत परमहंस ने छावनी में उन्होंने अपनी चिता सजा रखी थी और चिता पूजन भी किया था। हालांकि, पुलिस ने धर्मसभा के एक दिन पहले उनकी चिता हटा दी थी। बता दें, राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जिसकी सुनवाई जनवरी में होगी।

आयोद्धा। राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन कर रहे संत परमहंस को आत्मदाह की धमकी देने के आरोप में यूपी पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आपको बता दें कि महंत परमहंस ने कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार पांच दिसंबर तक राम मंदिर के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे, नहीं तो छह दिसंबर को वह आत्मदाह कर लेंगे।ज्ञात हो कि संत परमहंस ने पहले भी इस मुद्दे पर आमरण अनशन किया था। उस दौरान महंत परमहंस ने कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार पांच दिसंबर तक राम मंदिर के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे, नहीं तो छह दिसंबर को वह आत्मदाह कर लेंगे। तब पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर पीजीआई में भर्ती कराया था। पीजीआई में खुद सीएम योगी ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया था।तपस्वी ने सजा रखी थी चिताकेंद्र की मोदी सरकार के राम मंदिर निर्माण को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश की मांग करते हुए महंत परमहंस ने छावनी में उन्होंने अपनी चिता सजा रखी थी और चिता पूजन भी किया था। हालांकि, पुलिस ने धर्मसभा के एक दिन पहले उनकी चिता हटा दी थी। बता दें, राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जिसकी सुनवाई जनवरी में होगी।