पिकअप भवन अग्निकाण्ड मामले में वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी गिरफ्तार

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लखनऊ। विभूतिखण्ड स्तिथ पिकअप भवन में आग की घटना कोई हादसा नहीं थाए बल्कि एक सोची समझी साजिश के तहत आग लगी गयी थी। पुलिस ने इस बात का खुलासा करते हुए वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

Police Arrested Senior Mangaer Technical For Fire In Pickup Building :

सीओ गोमतीनगर ने बताया कि 3 जुलाई को पिकअप भवन में अचानक आग लग गयी थी। इस अग्निकाण्ड में तमान महत्वपूर्ण दस्तावेज जल कर राख हो गये थे।इस मामले को सीएम योगी ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये थे। सीएम के आदेश के बाद पिकपअप भवन की डिप्टी जनरल मैनेजर ऋचा भार्गव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस मामले छानबीन के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि आग सबसे पहले दूसरे तल पर बने वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार सिंह के कमरे में लगी थी। जांच में पता चला कि उनके कमरे में रिकवरीए ओटीएस और इंसेंटिव से संबंधित दस्तावेज रखे थेए जो पूरी तरह चल कर राख हो गयेए जांच में यह भी पता चला कि यह महज इत्तिफाक नहीं बल्कि एक साजिश है।

इसके बाद पुलिस ने दर्जनों लोगों के बयान दर्ज किये। पुलिस ने जब कर्मचारियों के लिये लगे बीओमेट्रिक और सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चल की घटना से कुछ देर पहले 6.07 मिनट पर वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार बीओमेट्रिक मशीन के सामने आये और कार्ड पंच करने का नाटक किया इसके बात सीसीटीवी कैमरे बंद हो गये। 6.12 मिनट पर नरेश कुमार ने बीओमेट्रिक मशीन में कार्ड पंच किया।

इस तरह पुलिस को उनकी भूमिका संदिग्ध मिली। बुधवार की रात पुलिस ने इस मामले में वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।एसएसपी ने बताया कि अभी तक कि गयी छानबीन में उपप्रबंधक कम्प्यूटर नरेंद्र कुरील और उपप्रबंधक वित्त मनोज कुमार की भूमिका संदिग्ध मिली है। पुलिस उनके खिलाफ सुबूत जुटा रही है। अभी फॉरेंसिक की कई रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद और भी तस्वीर साफ हो जायेगी। इस पूरे मामले में और भी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

लखनऊ। विभूतिखण्ड स्तिथ पिकअप भवन में आग की घटना कोई हादसा नहीं थाए बल्कि एक सोची समझी साजिश के तहत आग लगी गयी थी। पुलिस ने इस बात का खुलासा करते हुए वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ गोमतीनगर ने बताया कि 3 जुलाई को पिकअप भवन में अचानक आग लग गयी थी। इस अग्निकाण्ड में तमान महत्वपूर्ण दस्तावेज जल कर राख हो गये थे।इस मामले को सीएम योगी ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये थे। सीएम के आदेश के बाद पिकपअप भवन की डिप्टी जनरल मैनेजर ऋचा भार्गव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले छानबीन के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि आग सबसे पहले दूसरे तल पर बने वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार सिंह के कमरे में लगी थी। जांच में पता चला कि उनके कमरे में रिकवरीए ओटीएस और इंसेंटिव से संबंधित दस्तावेज रखे थेए जो पूरी तरह चल कर राख हो गयेए जांच में यह भी पता चला कि यह महज इत्तिफाक नहीं बल्कि एक साजिश है। इसके बाद पुलिस ने दर्जनों लोगों के बयान दर्ज किये। पुलिस ने जब कर्मचारियों के लिये लगे बीओमेट्रिक और सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चल की घटना से कुछ देर पहले 6.07 मिनट पर वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार बीओमेट्रिक मशीन के सामने आये और कार्ड पंच करने का नाटक किया इसके बात सीसीटीवी कैमरे बंद हो गये। 6.12 मिनट पर नरेश कुमार ने बीओमेट्रिक मशीन में कार्ड पंच किया। इस तरह पुलिस को उनकी भूमिका संदिग्ध मिली। बुधवार की रात पुलिस ने इस मामले में वरिष्ठ प्रबंधक तकनीकी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।एसएसपी ने बताया कि अभी तक कि गयी छानबीन में उपप्रबंधक कम्प्यूटर नरेंद्र कुरील और उपप्रबंधक वित्त मनोज कुमार की भूमिका संदिग्ध मिली है। पुलिस उनके खिलाफ सुबूत जुटा रही है। अभी फॉरेंसिक की कई रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद और भी तस्वीर साफ हो जायेगी। इस पूरे मामले में और भी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।