किसानों का दुख-दर्द तुम क्या जानो मोदी बाबू…मेहनत की कमाई निकालने के लिए खानी पड़ रही हैं पुलिस की लाठियां

बाराबंकी। एक तरफ हाईकोर्ट सरकार को यह आदेश दे रही है कि घंटो बैंको की लाइन मे लगे लोगों से नम्रता के साथ बैंककर्मी व पुलिस कर्मी पेश आये वहीं दूसरी ओर जिले के कई दबंग पुलिसकर्मी उन परेशान लोगों को प्रताड़ित कर हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रहें है। मंगलवार को कुछ इस तरह की घटनाएं बाराबंकी और फतेहपुर में देखने को मिली। बाराबंकी के कुर्सी थाना क्षेत्र में घटी जब रुपये निकालने के लिए घंटों लाइन में लगे एक मां बेटे पर वहां मौजूद दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें जाति सूचक गालियां देते हुये जमकर लाठियां बरसा दी। एसपी के निर्देश पर इस घटना में शामिल एक सिपाही को निलम्बित कर दिया गया है।





घटना मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे कुर्सी थाना क्षेत्र के कस्बा टिकैतगंज की है। बताते है कि कल मंगलवार को कस्बे के टिकैतगंज स्थित बैंक ऑफ इण्ड़िया की शाखा में कस्बे के ही निवासी धम्रेन्द्र कुमार बहोलिया खाते से रूपये निकालने के लिये लाइन में लगा हुआ था। पीड़ित धम्रेन्द्र ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि जब उसका नम्बर भुगतान लेने के लिये आया तो वहां बैंक ड्यूटी में तैनात कुर्सी थाना क्षेत्र के ओदार चौकी इंचार्ज अरविन्द कुमार शर्मा व सिपाही अजय कुमार सिंह ने दबंगई दिखाते हुये उसे भुगतान लेने से मना कर दिया।

विरोध करने पर उक्त दोनों पुलिस कर्मी धम्रेन्द्र को लाठी से पीटने लगे जिससे वहां लगी लाइन अव्यवस्थित हो गई और लोग आक्रोशित हो गये बेटे को पिटता देख पास ही मौजूद उसकी मां लक्ष्मी से बचाने आ गई। पर निर्दयी पुलिस कर्मियों ने उस मां को भी नही बख्शा और उसे भी लाठियों से जमकर पीट दिया। जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पहुंचे एसओ कुर्सी ने घायल महिला को स्थानीय सीएचसी भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने हालत गम्भीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।





उधर दूसरी घटना फतेहपुर में देखने को मिली। यहाँ पुलिस की पिटाई में तीन बुजुर्ग घायल हो गए हैं। मामला फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे के एसबीआई ब्रांच की है। यहां सुबह से ही अपना पैसा बैंक में जमा करने और निकालने के लिए लोग लाइन में लगे थे। इसी दौरान एक सिपाही बिना कुछ पूछे लाठियां बरसानी शुरू कर दिया। उसने बुजुर्ग हो या युवा सभी की बेरहमी से पिटाई करने लगा। बताया जाता है कि इस घटना में तीन लोगों को ज्‍यादा चोटें लगी हैं, जिनका इलाज स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में चल रहा है।

पीड़ित किसान जय सिंह ने बताया कि हमलोग सुबह से पैसे जमा करने के लिए लाइन में लगे थे। कोई हंगामा नहीं कर रहा था। कुछ लोग आगे आपस में बात कर रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात सिपाही ने बिना कुछ पूछे लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। जो लोग लाइन में खड़े थे उनको भी मारना-पिटना शुरू कर दिया। उधर देवरिया जिले के भारतीय स्टेट बैंक, तरकुलवा ब्रांच में सोमवार सुबह कैश के लिए लगी कतार में भगदड़ मच गई। इसमें कनकपुरा गांव के 65 वर्षीय रामनाथ कुशवाहा की दबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रामनाथ के बहू की एक दिन पहले जिला अस्पताल में डिलेवरी हुई थी। वह जरूरी खर्चे के लिए रुपये निकालने आज सुबह सात बजे ही बैंक पहुंच गए थे।



उधर बिजनौर में एक ऐसा ही मामला देखने को मिला है। मंगलवार को ग्राम रशीदपुर गढ़ी में स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में सुबह से ही लोग लगे हुए थे, लेकिन कैश नहीं मिला। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया तो बैंक प्रबंधक ने बैंक का मुख्य गेट बंद करा दिया। इस पर हंगामा और बढ़ने लगा। हंगामे को बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां फटकारकर लोगों को वहां से हटाया। लाइन में लगे युवक मनीष कुमार ने बताया कि सुबह से कैश के इंतजार में बैंक की लाइन में लगे हैं पर कोई फायदा नहीं हुआ। खर्च के लिए पैसे नहीं हैं। हंगामा न करें तो क्या करें?

चक्कर रोड निवासी सविता देवी का नैनीताल बैंक में खाता है। सविता देवी का कहना है कि दस हजार रुपये निकालने के लिए बैंक गईं लेकिन उसे भुगतान नहीं किया गया। बैंक प्रबंधक ने 6500 रुपये पहले निकाल लेने की बात कहते हुए नकदी का भुगतान करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि ज्यादा जोर देने पर बैंक कर्मियों ने उनसे अभद्रता करके बाहर निकाल दिया। महिला ने रोते हुए बताया कि अपना पैसा भी नहीं निकाल सकते तो इससे बुरा और क्या होगा? उधर शाखा प्रबंधक अभिषेक का कहना है कि महिला का जनधन खाता है। एक माह में इससे केवल दस हजार का भुगतान किया जा सकता है। 6500 रुपये महिला निकाल चुकी है। अब केवल 3500 रुपये का भुगतान किया जा सकता है।





एक ऐसा ही मामला संभल में देखने को मिला है। मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक की आर्य समाज रोड शाखा के बाहर बेकाबू हुई भीड़ पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। भीड़ की धक्कामुक्की में बैंक का चैनल (मेन गेट) टूटने के बाद वहां तैनात पुलिस वालों और सिक्योरिटी गार्ड ने पब्लिक को बेरहमी से पीटा। क्या बुजुर्ग क्या महिलाएं, किसी को नहीं बख्शा। जमीन पर खींच- खींचकर उनको डंडों और लात घूसों से पीटा। यहां भगदड़ मच गई। इसमें महिलाओं और बुजुर्ग समेत कई लोग घायल भी हुए।आर्य समाज रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के बाहर सुबह से ही लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी।



बैंक खुलने के समय तक यहां करीब डेढ सौ मीटर तक लम्बी लाइन पहुंच चुकी थी। लाइन में बुजुर्ग और महिलाएं भी थी। जैसे ही सुबह दस बजे बैंक का चैनल खुला लाइन में खड़े लोगों ने सब्र खो दिया और लाइन तोड़कर अंदर घुसने की होड़ मच गई। आपाधापी और खींचतान में बैंक का चैनल गेट टूट गया, जिससे यहां अफरा- तफरी मच गई। यह देख वहां मौजूद पुलिस वालों और सिक्योरिटी गार्ड ने लोगों को रोकने की कोशिश की लेकिन हालात बिगड़ते ही चले गए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठी उठा ली। उनके हाथ जो लगा उसे बेरहमी से पीटा। बुजुर्ग, महिलाओं तक पर लाठियां बरसाईं। यहां भगदड़ मच गई, लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। करीब घंटे भर तक यहां अफरा-तफरी की स्थिति रही। इस घटना में कई लोगों को मामूली चोटें आईं हैं। घटना के बाद यहां फिर से लाइन लगवाई गई और पुरुष सिपाही के साथ- साथ महिला पुलिस वालों की भी तैनात की गई।

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