UP STF के हत्थे चढ़ा ये सिपाही, कारनामे जानकर हो जाएंगे हैरान

लखनऊ। यूपी एसटीएफ़ ने पुलिस महकमे में तैनात एक सिपाही को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सिपाही के बारे में जो एसटीएफ़ ने जो खुलासे किए वो बेहद चौंकाने वाले थे। आरोपी सिपाही सुशील पचौरी मैच में सट्टा लगाने के मामले में पुलि‍स की रडार पर आया था। इस मामले की छानबीन एटीएस कर रही थी। इसी दौरान हवाला के जरिए बड़ी रकम के लेन-देन का भी खुलासा हुआ था।

लखनऊ में पार्क अपार्टमेंट से पुलि‍स ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि आरोपी सुशील की तैनाती पहले यूपी एसटीएफ़ में थी। साल 2006 में उसने लखनऊ की जेल रोड पर दो कमांडो और दो दरोगा के साथ 40 किलो सोना लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। सिस्टम में ऊंची पहुँच के चलते वह दोबारा बहाल हुआ और सेल्स टैक्स विभाग में तैनाती मिली। एसटीएफ़ में तैनाती के दौरान आरोपी सुशील 40 एनकाउंटर में शामि‍ल रहा था।




डीजीपी कर रहे थे मानिटरिंग–

डीजीपी जावीद अहमद को शिकायत मिली थी कि लखनऊ पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल सुशील पचौरी बड़े स्तर पर अपराधी गिरोहों को पुलिस ऑपरेशन की सूचनाएं लीक कर रहा है। जिला पुलिस और एसटीएफ में लंबे समय तक तैनात रह चुके सुशील के दोनों जगह कई करीबी हैं। ऐसे में डीजीपी ने उस पर नजर रखने और गिरफ्तारी के लिए एटीएस को जिम्मेदारी सौंपी। एटीएस ने निगरानी के दौरान शिकायतों को सही पाया।




गुरुवार देर रात एटीएस और महानगर की टीम ने फिरोजाबाद के नसीरपुर निवासी सुशील पचौरी, फैजाबाद के रौनाही निवासी बृजेश सिंह और रामपुर के पटवायी निवासी हरिशंकर प्रसाद को महानगर स्थित पार्क व्यू अपार्टमेन्ट के फ्लैट नं0 104 से गिरफ्तार कर लिया। सुशील और उसके साथी लंबे समय से फ्लैट का इस्तेमाल सट्टा लगाने और जुआघर के रूप में कर रहे थे। आरोपितों के पास से एक लाख रुपये, लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।

सोना लूटकांड में रहा है आरोपी–

आरोपी सुशील पचौरी साल 2006 में एसटीएफ में तैनात था। सुशील पर कॉन्स्टेबल आलोक सिंह समेत पांच लोगों के साथ सोना लूटने का आरोप लगा था। इस मामले में गिरफ्तारी और बर्खास्तगी भी हुई। साल 2010 में हाई कोर्ट के आदेश पर महकमे में वापस ले लिया गया। जिसके बाद उसे सेल्स टैक्स विभाग में तैनाती मिली।




प्रापर्टी देख अधिकारी रह गए सन्न–

लखनऊ के महानगर इलाके के पार्क अपार्टमेंट में सुशील का 60 लाख रुपए कीमत का फ्लैट है। पुलि‍स टीम ने देखा कि‍ वहां करीब एक लाख रुपए कीमत की फ्रि‍ज, 70 हजार रुपए का लग्‍जरी बेड, 50 हजार के काटन, महंगे फर्नीचर और हर तरह की सुख-सुविधा की चीजें मौजूद थीं। वहीं सुशील के पास 9 लाख रुपए कीमत की शिफ्ट डिजायर गाड़ी भी है। यह देख पुलि‍स वाले अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि‍ एक कांस्‍टेबल के पद पर तैनात इस आरोपी के पास इतने पैसे कहां से आए कि‍ उसका लाइफ स्‍टाइल लग्‍जरी हो गया।